बुधवार, 29 फ़रवरी 2012

MY DIET DISCOVER

बाध्यकारी प्रकति [आदत ] = आप ने देखा होगा की प्राय एक आदमी गैस बनने की बात करता की होटल का नास्ता पानी से पेट मै गैस बनती , तो दूसरा भी अपना राग अलापता [ शिकायत  का  राग ] हुआ कहता की मुझे  भी गैस की परेशानी रहती, शिकायत का सहमती इस आधार से अपनी भी सहमती करता की एक तो प्रथम पक्ष से प्रतिस्पर्धा तो दर्ज करनी ही की मै भी तेरे से कम नही , अगर प्रथम पक्ष यह मनवार करले  की नास्ते में चाय पकोड़ी लेते है तो श्रीमान अपने आप को नही रोक के नास्ता चाय पकोड़ी खाना पीना सुरु कर देंगे, अभी अभी साथी दितीय पक्ष श्री मान तो कह रहे थे की मुझे भी गैस बनती परन्तु खुद को रोक नही पाए की मुझे गैस से परेशानी होगी और में अपनी उस बाध्यकारी आदत से लाचार हु की अगला जो बोलता वैसा ही मुझे बोलना और जो वो काम करता उसी को मुझे भी दौराना है, दूसरा की मन पर काबू [कंट्रोल ] नहीं, की मुझे अपने विवेक से यहा ना [ मना करने ] कहने का अवसर है  .......................................