रविवार, 12 फ़रवरी 2012

ऊर्जावान

आप का शरीर का उर्जावान होना आप के आहार पर निर्भर करता हैं, हमारे आहार से ही हमारे शरीर का निर्माण होता हैं, आहार से तीन प्रकार का  शारीरिक निर्माण होता है, सतोगुणी, रजोगुणी और तमोगुणी इस बात को वैदिक काल से माना जाता हैं, वर्तमान अनुसंधानकर्ताओं इस बात को पुष्ट माना हैं. आधुनिक आहार विशेषज्ञ भी प्रमाणिक मानते है और वर्तमान में हम देखते है की तीन प्रकार के शरीर भी मोटे तौर से दिखाई देते है, पहला  दुबले पतले,  दूसरा पुष्ट स्फूर्तिदायक गठीले, एवं  तीसरा मोटे गोल मटोल. इस प्रकार से शरीर खाने-पिने से बनता हैं. आहार से अपने शरीर को जैसा चाहे वैसा बनाया जाता है. इसलिए आप को आहार के प्रति नये विचार को अहंकार रहित विचार की एक नई दिशा देनी पड़ेगी, स्वास्थ्य पाने के लिए अपने लक्ष्य बनाने की दिशा को नए विचार का आयाम देना पड़ेगा, दिशा हिन् आहार प्रणाली को छोड़ कर नई समझ के साथ उत्तम आहार विचारों को अपनाना पड़ेगा. जब आप चिन्तन और मनन के साथ चेतन अवस्था में अच्छे विचारों का योग बनाएँगे तो आप का अवश्य उत्तम स्वास्थ्य बना रहेगा .