रविवार, 22 अप्रैल 2012

माता का प्यार = माता का प्यार अँधा होता यह संसार में सभी जानते .परन्तु माता भी दो प्रकार की होती 1.ज्ञान वाली माता, 2. विज्ञानं वाली माता

माता का प्यार = माता का प्यार अँधा होता यह संसार में सभी जानते .परन्तु माता भी दो प्रकार की होती 1.ज्ञान वाली माता, 2. विज्ञान वाली माता ,पहली ज्ञान वाली माता पुत्र मोह में जो पुत्र कहेगा या करेगा उसका समर्थन करेगी की मेरा बेटा जो खायेगा पियेगा वही दूंगी .उस माता को भले पत्ता है की जो मेरा बेटा भोजन कर रहा वह गलत है.और बीमारी का कारण भी बने, तो भी अचेतन अवस्था के कारण परिवार का सदस्य के विरुद्ध भी होते अपने लड़के की इच्छा पूर्ति करेगी कारण की अँधा प्यार बेटे के प्रति अधिक आसक्ता दर्शाती है. जो माता दूसरी विज्ञान वाली होती विवेक जाग्रत वान होती है.चेतन अवस्था में रहती है .और अपने बच्चे को उस की ज़िद को समजाती है की बेटा मे तेरे से बड़ी ,बड़ों को ज्ञान ज्यादा होता, देख किंग अंकल की तरह बोड़ी [ शरीर ] बनानी हो तो वैसा आहार ले जिस से शरीर मजबूत बनता हो.  नये अनुसन्धानो को समझाती है.और अपने बेटे को वो आहार खिलाती जिस से अपने पुत्र का हित लाभ ने अच्छा स्वस्थ्य ,सुंदर स्वास्थ्य ,उर्जा वान ,तथा बल बुद्धिमान प्राप्त करती ...