शनिवार, 26 मई 2012

जीरा = स्वेत जीरा तथा स्याम जीरा [ सफेद व काला जीरा ] भारतीय आहारो में पूरक आहारो के तौर से खाए जाते है .इन मसा

जीरा = स्वेत जीरा तथा स्याम जीरा [ सफेद व काला जीरा ] भारतीय आहारो में पूरक आहारो के तौर से खाए जाते है .इन मसालों में भारतीय गुणों के साथ आधुनिक पोषक तत्व भी वैज्ञानिक कसोटी पर खरे उतरे है .इस में उत्तम कोटि का फायबर पाया जाता है और फायबर के गुणों को ही आज ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता .इस जीरे को मसालों के रूप में इस्तेमाल के अलावा आर्युवेदिक तथा यूनानी दवाओ के अनुपात में मिलाया जाता है .काला या सफेद जीरा के गुण लगभग एक समान ही है .उपयोग पुराना बुखार होने पर जब भूख नही लगती उस समय बीमार को खिलाने से भूख लगती है और शक्ति बढती है .ज्वर से शरीर में तथा पैशाब में जलन होतो जीरा खाने  से आराम मिलता है .कुपचन होने पर जीरा लाभदायक होता है .उलटी ,जुलाब ,सग्रहणी में लाभ होता है .सलाद पर जीरा मिला कर खाने से सलाद का स्वाद और सुगंध से मन प्रशन्न होकर भूख बढती तथा पाचन होता है .दही ,छाछ में मिलाकर भारत में खाया जाता है .यहा तक की राजस्थान में इस जीरे को लोक गीत में भी गाया गया है ...