रविवार, 17 जून 2012

अडूसा ,अडूल्सा = अडूसा वनस्पतीय पौधा होता है ,यह स्वाद में कटु ,तिक्त,शीतवीर्य ,और कांस, कामला ,कफ ,पित्त ,रक्तपि

अडूसा ,अडूल्सा = अडूसा वनस्पतीय पौधा होता है ,यह स्वाद में कटु ,तिक्त,शीतवीर्य ,और कांस, कामला ,कफ ,पित्त  ,रक्तपित्त,रक्तविकार ,स्वास [ श्वास ] क्षय ,और ज्वर को मिटानेवाला होता है .अडूसा के फुल शीतवीर्य ,तिक्त ,कफ तथा कटु विपाक खांसी और क्षय को नष्ट करने वाला .इपिकाकूआना के समान इसकी क्रिया होती है .,कफ निकलने में उत्तम उत्तेजक कार्य करता है तथा संकोच विकास प्रति बंधक में क्रिया करता है .अडूसा फुल =कटु तिक्त ,ज्वर नाशक ,रक्त की उष्णता कम करने वाला - मूत्र जनन होने का उत्तेजक कार्य से मदद करता है .इसलिए फुल संकोच विकास प्रतिबंधक कर्म अधिक है .                               अडूसा मूल - मूल में भी कफ निवारक क्षमता का धर्म है .अडूसा पत्र -पत्र मूल साल और फुल सभी का कफ को पतला करना और खांसने का आवेग कम करना इस का उत्तम उत्तेजक कार्य है . रक्त -रक्त के बहाव को बंद करता है .शरीर के किसी भी भाग का रक्त ,जैसे - रक्तप्रदर ,रक्तश्राव, रक्तार्श, रक्त प्रवाहिका ,रक्तमिश्रितआव ,में अडूसा का स्वय रस पिलाया जाता है .आंखों की लाली  -आँखों की लाली को दूर करने के लिए ताजे फुलो को बांधते है ...