शुक्रवार, 29 अगस्त 2014

धीरज


आप ने देखा होगा हर तथ्य या पहलू का विकास होते शीघ्रता से देखना चाहते परन्तु हम देख नहीं पाते. सकारात्मक हो या नकारात्मक विषय, इस का विकास ठीक किसी फल या फुल के घटते-बढ़ते तो हम देख नहीं पाते. किसी पौधे को भी हम उस के पास बैठ कर ध्यान पूर्वक देखते तो उसका बढ़ता-घटता क्रम हमे दिखाई नहीं देता, परन्तु जब धीरज रखकर देखे तो एक रात्रि में पैमाने के बाद उस पौधे का विकास में बढ़ता क्रम सुबह के पैमाने में कितना घटता-बढ़ता क्रम दीखता हैं. ठीक इसी प्रकार से जिंदगी में भी शिक्षा, चिकित्सा, व्यवसाय आदि का क्रम धैर्य से ही प्राप्त कर सकते हैं.