शुक्रवार, 3 मई 2013

महिला कमर दर्द

कमर का दर्द
रोग नया या पुराना दोनों प्रकार का होता हैं. कमर दर्द पुरुषों की बजाय महिलाओं को अधिक होता हैं, करीब 90 प्रतिशत महिलाये अपने कमर दर्द से परेशान रहती है और इलाज कराते आधी उम्र पार कर जाती हैं. कमर दर्द होने के अनेक कारण होते हैं. शारीरिक अंगों के कारण से जैसे गुर्दों में सक्रामक, शुक्ष्म पथरी, पेडू का विक़ार से दर्द, श्वेतप्रदर आम तौर से अधिक पाया जाता हैं, गर्भवती होने की अवस्था में, मूत्राशय में संक्रमण, रीढ़ की हड्डियों में विक़ार के कारण से भी कमर में दर्द होता है. मोटापा के कारण भी कमर दर्द होता हैं, अपनी स्थिर जीवनशैली के कारण भी कमर का दर्द होता हैं जैसे लम्बे समय तक बैठे रहना, मशीन, मोटर-कार इत्यादि चलाना, पैरो में सेंडिल का गलत चुनाव करके पहनना, तंग कपड़ों का पहनवाना.एवं आहार की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है जिसके कारण कमर में दर्द होता है, अज्ञान से वो आहार की जीवनशैली में लगातार जिया जाता है जिसके कारणों से कमर दर्द में लगातार बना रहना पाया जाता हैं.
सभी प्रकार की मेडिकल जांच करने के बावजूद, सभी प्रकार के इलाज कराने के बावजूद भी आराम नहीं पड़ता है रिपोर्टें सभी सामान्य ही आती है, आखिर घर वाले भी परेशान हो जाते हैं. और एक दुखियारी होकर आदतन जन्म दुखियारी होकर जीने लग जाती हैं. महिला कमर दर्द के कारण से इतनी परेशान हो जाती हैं, की अब किसी को बता भी नहीं कर सकती क्यों की मानसिकता स्वयं के साथ परिवार वालो की भी रोज रोज सुनकर उब जाती है की ये तो हमेशा ऐसा ही करती है, अब बीमारी का स्वरूप तो छिप जाता हैं और चिडचिडापन महिला को शुरू हो जाता जिससे कोई भी कार्य करने में मन नहीं लगता है. कमर दर्द से दुखी महिला अपने परिवार को संभालने में परेशान होती, अपना कार्य करने में देरी होती तो अपने बच्चों के साथ-साथ परिवार में दया की पात्र होना पड़ता है, और कोई कोई महिला घरेलू झगडालू प्रवृत्ति की मानसिकता पैदा हो जाती है. इस प्रकार महिला का जीवन नर्क बन जाता है. खास करके सर्दियों में ये कमर दर्द परेशान करता है.
अगर आप किसी प्रकार से मनोशारीरिक दर्द से परेशान है तो आप हम से परामर्श कर सकते है.

09829085951