शनिवार, 27 सितंबर 2014

मकोय

       हिंदी नाम मकोय का काकमाची संस्कृत नाम हैं. यह वर्षायु पौधा होता हैं, इसकी लम्बाई 1 फुट से 3 फुट तक होती हैं. इसके पत्ते लाल मिर्च के समान आते हैं. सफेद छोटे पुष्प आते हैं. कच्चे फल हरे रंग के होते हैं. पकने पर लाल और श्याम वर्ण रंग के होते हैं.
      मकोय तिक्त, कटु, रसायन, वृष्य, तीनों दोषों को दूर करने वाला, शूल, अर्श, सुजन, और खाज को मिटाने वाला पौधा होता हैं.
       मकोय शीतल, रेचक, स्वेद जनन, वेदना स्थापन श्लेष्महर, मूत्र जनन, और कुष्ठरोग को मिटाने वाली. मकोय की क्रिया यकृत पर होती हैं, यकृत की क्रिया बिगड़ने से से पुराना यकृत वृद्धि, पेट के रोग, आव त्वचा के भिन्न-भिन्न प्रकार के रोग होते तब इस का उपयोग किया जाता हैं. पेट आंत या गुर्दों के अंतर्गत विष को निकलने के लिए इसके पंचांग को दिया जाता हैं, जिससे विष बाहर निकल जाता हैं. शरीर में जलांश भर जाता हैं तो वैध इस की स्वरस को रोगी के शारीरिक बनावट के अनुसार देता हैं. इसके पके फल को आज भी आदिवासीयों में शोथहर के रूप में उपयोग किया जाता हैं. पेट में अल्सर होने पर इसका स्वरस थोड़ी सावधानीपूर्वक सेवन करना चाहिए .