रविवार, 9 नवंबर 2014

असामान्य मनोविज्ञान

फ्रायड freud द्वारा प्रतिपादित गत्यात्मक अचेतन dynamic unconscious का संप्रत्यय भी नैदानिक मनोविज्ञानिको के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा हैं. अभिप्रेरक तथा उससे सम्बन्धित इच्छा, विचार, कल्पनाए, आदि कुछ हद तक अचेतन unconscious होती हैं. फ्रायड का मत था की जब व्यक्ति की इच्छाए, अभिप्रेरको आदि को किसी कारण से तुष्टि करना संभव नही हो पाता हैं. तो उनका अचेतन में दमन repreassion हो जाता हैं. जहा जाकर वे समाप्त नहीं हो जाते हैं, बल्कि सक्रिय रहते हैं और व्यक्ति के व्यवहारों को प्रभावित करते हैं. फ्रायड के अनुसार अचेतन की ऐसी इच्छाए की अभिव्यक्ति स्वप्न, दैनिक जीवन की मनोविकृतियो psychopthologiea of everyday life आदि के रूप में अभिव्यक्त होती हैं. फ्रायड द्वारा प्रतिपादित इस विचार को मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत में रखा गया हैं. जिसके अनुसार दमन repression की प्रक्रिया में भी व्यक्ति को काफी प्रयास effort करना पड़ता हैं. अतः इसमें भी उसके शरीर की उर्जा energy खर्च होती हैं. मानव व्यक्तित्व को समझने के लिए फ्रायड द्वारा प्रतिपादित अचेतन एवं दमन repression के सप्रत्यय को अधिक महत्व दिया गया हैं. सामान्य व्यक्ति normal person द्वारा दमन का प्रयोग कम किया जाता हैं. परन्तु जब व्यक्तित्व में विधटन disorganization उत्पन्न हो जाता हैं. तो दमन का प्रयोग बढ़ जाता हैं. इतना ही नहीं, अचेतन की अनैतिक इच्छाओ की प्रबलता चेतन मन पर बढ़ने लगती हैं और व्यक्ति के व्यवहार में असामान्यता abnormality के लक्षण दिखाई पड़ने लगते हैं.