शनिवार, 14 अप्रैल 2012

wine diet = शराब = शराब पीना उच्च आय वर्ग से निम्न आय वर्ग वालो में करीब करीब दोनों वर्गो में पी जाती है

शराब = शराब पीना उच्च आय वर्ग से निम्न आय वर्ग वालो में करीब करीब दोनों वर्गो में पी जाती है .मजदूर वर्ग के जो भार ढ़ोने के कार्य करते वो सस्ती किस्म की शराब पीते उस सस्ती शराब को मुनाफा खोरी के चक्कर में वैसिले मादक पदार्थ मिलते जिस के कारण आखो में अंधापन आ जाता और कभी कभी जान जाने का भी खतरा बना रहता है .मजदूर की मजबूरी होती की दिन भर की थकान मिटाने के लिया पीना आवश्यक होता .अगर शराब अच्छे किस्म की होती भी तो मजदूर की पाचन शक्ति होने के कारण उस को पचान कर लेता है .जिस के कारण उस के साइड इफेक्ट नही हो पाते, एक कारण यह भी होता आय कम होने से ज्यादा मात्र में नही खरीद पाता...उच्च आय वर्ग के लोग जिस का मन संयम में नही होता खाने पिने के मामले में आय ज्यादा होने से के कारण लापरवाही से अधिक खाते भी और पीते भी जिस में वसा तथा कारबोहाईड्रेड की मात्र अधिक होने से मोटापा बढ़ता रहता है .इस प्रकार से आहार के साथ शराब पी जाती है तो ह्रदय  रोग बढने की सम्भावना बढ़ जाती है .  अल्प मात्र में ली गई शराब की मात्रा संतुलित आहार के साथ दवाई का कार्य करती है .ज्यादा पिने से लीवर कमजोर होकर पाचन तन्त्र कमजोर ,पीलिया ,खून की कमी ,वाद विवाद और लड़ाई उत्पन्न करती है ...