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सोमवार, 22 जुलाई 2013

कुपोषण व्यवहार

माता का अति प्यार बच्चे के लिए है, एक कुपोषण व्यवहार का बनता है
माता का अति प्यार बच्चे के लिए है, एक कुपोषण व्यवहार का बनता है .आदत जिस प्रकार से छोटे बबूल के पौधे की भाती होते है. जो बबूल के पौधे के काँटे दीखते नही है ,बबूल का पौधे वृक्ष बन जाता तब पता चलता की काँटे , इस को आम क्यों नहीं बन सकते ! मैने प्यार से ज्ञान के पोषण में कोई कमी नही रखी .अति खर्चीलापन के कारण जो बचपन में गंदी आदत या नशीली सेवन के कारण माता के बाद वह स्वयं की पत्नी से झगड़ा करता जो अब आदत बन चुकी ,पति के कहने पर अंकुश लगाया होता तो आज ये नौबत नही आती .सब्जी में जैसे नमक की आवश्यकता होती है .वैसे ही पिता [ पति ] की डाट के दो बोल पर अमल करनी होती. तो आज अच्छा होता. पिता या पति अपने परिवार के विरोधी नही होता बल्कि जवाबदेही के साथ अपना परिवार का निर्वाह करता है.एक अच्छे परिवार के लिए पति-पत्नी में समझ होना जरूरी होता है.

गुरुवार, 12 जनवरी 2012

कुपोषण

कुपोषण
अतिपोषण  तथा अल्पपोषण  मानसिक व् शारीरिक दोनों  रूप से मनुष्य को परेशान करता रहता है और वृद्धि और विकास में बाधा पहुँचता रहता यह अमीर गरीबी या छोटा बड़ा या महिला पुरुष सभी इससे परेशान होकर भटकाव के रास्ते भटकते रहते है

शारीरिक संतुलित पोषणाहार से मानव शरीर निरोगी बन सकता हैं. संतुलित आहार लीजिये स्वस्थ रहिए !