मधुमेह योग्यता = मानव जीवन में यह कष्टदाई बीमारी मधुमेह की गले पड़ जाती, जिसको निभाना अपनी अपनी योग्यता के साथ मधुमेह की योग्यता का संचालन करना करना पड़ता है ,आप को खाने पिने में संतुलन का खाना पीना होता परन्तु आप अगर चेतावनी के बाद भी खाने पिने में लारवाही करते तो मधुमेह की योग्यता को आप बढ़ावा दे रहे है ,बीमारी से अनजान थे तब तक की बात या ज्ञान अलग था किन्तु इस बीमारी का जब पत्ता लग गया और आप वर्जित या प्रतिबंधित आहार को अब भी ले रहे तो ख़राब परिणाम [ हानि ] के लिए आप तैयार रहे .खाने पिने के लिए सयम [ संतुलन ] बनाए रखे और अच्छा जीवन जिए ...
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बुधवार, 28 मार्च 2012
सोमवार, 26 मार्च 2012
diabetes diet care
- लगातार ...............मधुमेह में आहार व्यवस्था = * मीठी दवाईया,स्टेराईड दवाईया ,सावधानी पूर्वक सेवन करे . * मेदा से बनी आहार ,सफेद डबलरोटी ,बिस्किट ,केक ,पेस्ट्री ,सूजी , चावल नही खाए . भोजन व्यवस्था पत्र = १.सुबह तुलसी की चाय एक कप / दूध आवश्यकता अनुसार २.आधा घन्टा बाद रात्रि में मेथी को दही ,छाछ में भिगोई हुई मिश्रण को चबाकर खाए , [ रात को १०-१५ ग्राम मेथी को २०० छाछ भिगो दे और सुबह सेवन करे ] ३. ८ बजे सलाद या कोई फल / दलिया ४. ११ बजे छाछ / नारियल पानी / सलाद / सूप ५. दोपहर में [ १ से २ बजे ] यथा योग्य ३-५ चपाती जो की / मिश्रित अनाज की भी रोटी [ चपाती ] बनाई जा सकती है . पकी सब्जिया . ६. ४ से ५ बजे सूप / छाछ /भाप से उबली सब्जिया /सलाद ७. रात्रि ८ से ९ बजे दलिया - सब्जिया ,शाररिक बल के अनुसार एक दो रोटी मिश्रित अनाज की [ चना + रागी + गेहू + मेथी + सोया ]./ भाप में उबली सब्जिया /छाछ / क्रीम निकला दूध आवश्यकतानुसार ...
रविवार, 25 मार्च 2012
DIABETES DIET CARE
- मधुमेह आहार व्यवस्था = मधुमेह में नैदानिक आहार व्यवस्था भारतीय भौगोलिक स्थति को ध्यान में रख कर लिखा जा रहा है कारण बताना जरूरी है की ब्लॉग को पूर्ण विश्व समुदाय पढ़ता जिसमे उष्णकटीबंद जलवायु जैसे अरब, अफ्रीका तथा शीतकटीबंद जलवायु सोवित रूस तथा यूरोप में भिन्नता पाई जाती जिस प्रकार से दही छाछ उष्ण जलवायु में सकारात्मक कार्य करेगी ठीक इस के उल्टवार ठंडे जलवायु के प्रदेश में नकारात्मक प्रभाव [ सर्दी जुखाम ] पैदा करेगी. भोजन मधुमेह के रोगी अग्नाशय शर्करा सामान्य स्तर पर बनाये रखने जो इंसुलिन की मात्र आवश्यक हो और इस में दोषपूर्ण जो कार्यशैली हो उनको ठीक किया जा सके यह ध्यान रखना जरूरी होता है ताकि शर्करा का सामान्य स्तर बना रहे . * मधुमेह के रोगी को भोजन में ६० से 70 प्रतिशत कार्बोहैद्रेड विशेष रूप से कोम्प्लेक्स कार्बोहैद्रेड ,१५-२० प्रतिशत वसा और १५-२० प्रोटीन .* वसा का उपयोग सिमित कर देनी चाहिए सैचुरेटेड वसा के बदले पोलीअन्सेचुरेटेड वसा अम्लो को प्राथमिकता देनी चाहिए . * फाइबर वाला आहार अधिक मात्रा में हो . * शाकाहारी हो या माँसाहारी प्रोटीन की अधिक्तावाले आहारो को सिमित सेवन करे .* दुघ का सेवन सिमित मात्रा में . * छाछ ,और दूध का सेवन तथा इन से बना भोजन अधिक मात्रा में करे . * मेवे कम मात्रा में ले . *हरी पत्तोवाली जिस में फायबर ज्यादा हो वो ले . * चाय, कोफ़ी, ठंडा, सरबत, जेम, जेली आइसक्रीम,मीठा भोजन बिलकुल बंद करदे . * इस प्रकार बाजारू आहार उत्पाद जासे परखे बिना काम में नही ले .
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