जव = आज कल बढ़ते आधुनिक जीवन शैली में मोटापा व् ह्रदय रोगों में बाजार में जव आहार का प्रचलन बड़ी बड़ी कम्पनियों का उत्पाद के रूप में भिन्न भिन्न प्रकार के खाद्य प्रचुर मात्रा में बिक रहे है , ..............................................................................................................................................................................मगर ये बच्छो के खून की कमी को भी दूर करता है और वृदि विकास में लाभ दायक होता है इस को दलिया के आलावा दूध में आटे की खीर बना कर दे सकते है .......................................................................................................................................................................[ आप देखा होगा की कम्पनिया के आहार उत्पादनों के बंद पात्रों पर जव के चित्र लगे होते है ]
AAYURVED, MODREN, NUTRITION DIET & PSYCOLOGY गोपनीय ऑनलाइन परामर्श -- आपको हमारा परामर्श गोपनीयता की गारंटी है. हमारा ब्लॉग्स्पॉट, विश्वसनीय, सुरक्षित, और निजी है. एक उर्जावान, दोस्ताना, पेशेवर वातावरण में भौतिक चिकित्सा के लिए सर्वोत्तम संभव कार्यक्रम प्रदान करना है. "डॉ. रघुनाथ सिंह राणावत: OCD, HOCD और यौन संबंधी समस्याओं के लिए CBT/ERP विशेषज्ञ।"
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शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2012
बुधवार, 8 फ़रवरी 2012
OATS FIBAR FOOD
वैदिक आहार = जव मधुर, कुछ कषाय, कटु विपाक , शीतवीर्य, रुक्ष , लघु , मल और उदर वायु अधिक उत्पन्न करनेवाला , शरीर को स्थिर -दृड, करनेवाला , बल कारक, व्रणमें पथ्य , मूत्र कम करनेवाला , अग्नि वर्धक , स्थूल को पतला करनेवाला , मेदोवर्दी , पित्त शामक , तृषा तथा कफ को मिटानेवाला, अर्श, और स्वर को अच्छा करनेवाला ..........................................................................................................................................................................................................................दलिया और रोटी........[साथ में गेहू को मिलाया जा सकता है ].............एक समय जरुर खाए ..................और उपरोक्त फायदे ले ,,,,,,,,,,,,,,,,,
मंगलवार, 7 फ़रवरी 2012
MY HEALTH -FOOD EGOTISM
यव ,जव , JO ,HORDEUM VULGARO ,= जई ,जव ,OATMEAL, AVENABYZANTINA , आज कल जीवनशैली की बिमारियों में आहार का महत्व बड गया है ,यु देखा जाय तो भारत में वैदिक काल से जव अनाज का प्रचलन चला आ रहा है , प्राय ये दो प्रकार की जात का पाया जाता तथा खेती की पृष्ट भूमि के आधार से इन में पोषण की मात्रा खेती की निराई गुड़ाई तथा खाद बीज व् पानी की पिलाई के साथ परिवर्तन हो सकता है ,......................................................................................................................................................................................................................................ओट आहार .....................................डायबिटीज तथा ह्रदय रोग में खिलाया जाता है .......................................................
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