obese abillity लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
obese abillity लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 4 अप्रैल 2012

obese

मोटापा = मोटापा होना होता जितना हो चुका होता अब इस को हुए को मनन का मंथन करना अर्थात उसकी जिस को इस मोटापे की बीमारी को दूर करने की योजना ही योजना रोज रोज बनाते उनका मोटापा दूर होने वाला नही क्योंकि योजना बनाना मात्र से नही होता परन्तु इन योजाओ को सही दिशा में लागू करना और उस लागू उद्देश्यों को निरंतर बना ये रखना पड़ता है जिस लगन में धीरज की आवश्यकता को आत्म विश्वास में केन्द्रित रखने वाले को अवश्य सफलता मिलती है. 

मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

obese

मोटापा = आज मोटापा के इलाज के लिए आप को कई जाने की जरूरत नही है, जिस प्रकार एक दूध वाला आप को धर बैठे दूध देने आ जाता परन्तु शराब को ख़रीद ने ,शराब की दुकान पर जाना होता है और महँगी भी मिलती तो आदमी खरीदने में कोई विचार नही करता लिखने का मतलब की मानव सकारात्मक कार्य धर बैठे हो सकता उस पर ध्यान नही देता परन्तु नकारात्मक कार्यो के पीछे भागता रहता रहता भ्रम में जीता रहता है। इस लिए आप अपनी संकल्प क्षमता को बढ़ाया जाय और लो कार्बोहाईड्रेड वाले आहार अपने खाने ने शामिल करे   ,वसा को कम प्रयोग करें .टीवी देखते खाना नही खाए .

सोमवार, 2 अप्रैल 2012

obese abillity,

मोटापा  = मोटापा होना किसी दूसरे की देन होना नही होता बल्कि स्वंय पैदा करने में प्रथम दृष्टि भूमिका के कारण से अपने इन्द्रियों का गति में कोई नियंत्रण नही पाया जाता और मन  की गति और भी इन इन्द्रियों से भी तेज घोड़े की गति से खाने पिने को आतुर [ यंत्र चाल ] से भूखे की आशा ही अभिलाषा जो कभी तृप्त नही करने वाली बनी की, बनी रहती है भारत में एक कहावत चलती है की जबान को लगाम  नही लगाने से स्वाद ,सुगंध ,विचारिक ,सुंदर दिखावा ,और स्पर्श सुख जो भरे पेट में भी मन को सपने [ कल्पना ] को जाग्रत ऊर्जा करके भोजन पाने का ही यत्न बना रहता है ...

obese

मोटापा = मोटापा आज अमेरिका जैसे सम्पन्न देशों को ज्यादा सताता रहा है .कारण की सभी का आय स्रोत ज्यादा होने से आय के अनुपात में व्यय ज्यादा होता और इस आय व्यय के प्रतिस्पर्धा निरंतर बनी यह  रहना एक मानव स्वरूप स्वभाव का विकास यात्रा का सकारात्मक रूप में नकारात्मक रूप भी साथ  साथ  चलता रहता प्रतीत  प्रमाण है .इस लेखा जोखा में मानव स्वभाव की प्रकृति का भी पत्ता चलता की वह अपने आप पर नियंत्रण कितना रखता है और प्रेरणा का ज्ञान का अध्ययन करता की नही कारण की सभी मनुष्य समुदाय तो मोटापे के शिकार होते ही नही ...