मोटापा प्रभाव = मोटापा आधुनिक जीवन शैली का परिणाम है .जो संपन्नता का असंतुलन व्यवहार नजर आता है ,मन में जो खाने पिने को इच्छा हो, जब हो, तब खा, लिया जाए, जिस प्रकार कोई जानवर को कोई भी पशु आहार दे दिया जाए और वह खा लेता या जहा जो दिखा उस को खाना ही उद्देश्य होता है .यानि की खाने के लिए ही जीना है . आहार खाई ये जीने के लिए और स्वस्थ्य जीवन जीने के लिए, मगर आप को अब भी उम्मीद लगती है की मुझे जीवन जीना और स्वस्थ जीवन जीना और मोटापा कम करना तो दुनिया की कोई ताकत रोक नही की सकती आप का ध्यान एक लक्ष्य आदर्श स्वस्थ जीवन पर लगा रहे तो आप को मोटापा की बजाय आदर्श वजन पर ही ध्यान लगाना होगा. मत भूलिए मात्र आदर्श वजन और संतुलित वजन, संतुलित विचार, संतुलित आहार = संतुलित बीमारियाँ
AAYURVED, MODREN, NUTRITION DIET & PSYCOLOGY गोपनीय ऑनलाइन परामर्श -- आपको हमारा परामर्श गोपनीयता की गारंटी है. हमारा ब्लॉग्स्पॉट, विश्वसनीय, सुरक्षित, और निजी है. एक उर्जावान, दोस्ताना, पेशेवर वातावरण में भौतिक चिकित्सा के लिए सर्वोत्तम संभव कार्यक्रम प्रदान करना है. "डॉ. रघुनाथ सिंह राणावत: OCD, HOCD और यौन संबंधी समस्याओं के लिए CBT/ERP विशेषज्ञ।"
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गुरुवार, 5 अप्रैल 2012
मंगलवार, 20 मार्च 2012
diet motivation
विकारी मध्यस्थता = पिता ने अपने पुत्र को अच्छे प्रोटीन वाले आहार की शिक्षा दी की बेटा प्रोटीन से शरीर का पुष्ट निर्माण होता, शरीर बलशाली बनता तथा प्रतिरोगक्षमता बढती जिस से बीमारियों से बचाव होता ,और ज्यादा मीठा [कार्बोहाद्रेड ] खाने से पेट में पाचन शक्ति कमजोर होती कारण की मीठा सडन उत्पन्न करता जिस से गैस बनती और पाचन क्रिया में बाधा होने से शरीर का अंश नही बनता परन्तु बेटा को मीठा ही खाने की आदत, अगर मन पसंद नही मिले तो रूठना ,चिल्लाना, रोना या अन्य शरारत शुरू करके अपनी मांग है ,तो मांग पुरिकरने में माता को विरोध करना चाहिए मगर माता जो इस का ज्ञान होते हुए भी अपने लाडले पुत्र का सहमती को बढ़ावा देकर एक विकारी मध्यस्थता करके बच्चे की गलत मांग को पूरी करने में सहायता करती तो कुल मिलाकर बच्चे के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने में एक विकारी मध्यस्थता करती है जबकि होना यह चाहिए की बच्चे में नया ज्ञान तुलनात्मक अच्छे स्वाथ्य वाले से करके प्रेरणा दे ...
रविवार, 18 मार्च 2012
my health my diet
बाजारू उत्पाद = बाजारू उत्पाद जो आहार से सबंधित विज्ञापन दुआरा प्रलोभन दिया जाता कि जिसे से माना जाता की जो बताई गई उस उर्जा को उस कम्पनी के उत्पाद को खाने से प्राप्त हो जाएगी और स्वाथ्य उत्तम प्राप्त हो जायेगा, या बीमारी के निकलने में सफलता मिलेगी परन्तु कई बार ऐसा नही होता या नही पाया जाता, जैसा कि मान लो वजन कम करने के बहुत सारे विज्ञापन आते जिस में प्रलोभन होता कि आपका वजन कम हो जायेगा मगर समस्या ज्यो कि त्यों बनी रहती है और उपभोगता ठीक एक सपने कि भाती अपने को सपनों का हीरो [ पात्र ] मानता और सपना टूटता फिर वास्तविक जीवन में आता और निरंतर एक और सपने में नये अभ्यास कि तैयारी करता और बाजारू उत्पाद खरीदने कि लालस को पूरी करता मगर ऐसा होता तो आज अमेरिका में इतना मोटापा नही होता...
शनिवार, 17 मार्च 2012
back pain
कमर दर्द = कमर दर्द का भी आहार का गहरा रिश्ता है की कई बार कैल्सियम कमी के कारण रीढ़ की हड्डियो का घिसाव होने से भी कमर का दर्द हो सकता है यह अवसर ४० वर्ष के बाद आता है ,जवानी में कुपोषण के कारण का स्नायु दर्द से भी जवान लडको और लडकियों के भी जवानी में बुढ़ापे का जीवन जीते है, भिन्न जिस कारण से भी दर्द हो उस का निरिक्षण करने के बाद ही पत्ता चलता की कौन कौन से पूरक आहार की आवश्यकता है ...
शुक्रवार, 16 मार्च 2012
back pain
कमर दर्द = कमर दर्द का भी आहार से गहरा रिश्ता होता है क्योकि हम जो भोजन करते उस भोजन में ओक्सेलेट तथा कैल्सियम होने से भी पथरी बनती जो कई बार एक्सरे या सोनोग्राफी में भी नही आती क्योकि इस पथरी का आकर इतना छोटा रूप में होता की देखना बड़ा कठिन होता है , जैसे आप किसी फूल की खुशबु लेते समय उस खुशबु को देख नही सकते ... यानि वैसे ही कोई अणु या परमाणु के रूप में भी पथरी हो सकती है ...
मंगलवार, 13 मार्च 2012
SUPPLEMENT FIBAR FOOD
पूरक पोषक आहार - धनिया यह एक मसालों में गिना जाता है , हरा धनिया के पत्तो का उपयोग और सूखे बीजो को उपयोग में लिया जाता है ,यह सुगन्धित होते है , भोजन को खाने की इच्छा को जगाते है ,यह शीत वीर्य गुण-धर्म का होता है , इस में फायबर भी पाया जाता है जो आधुनिक युग में फायबर को नई खोज के तौर देखा जाता है, यह दीपन ,पाचन ,ग्राही ,प्यास को बूजाने वाला, पित्त को हरनेवाला, मूत्र को निकलने में सहायक जिस से गुर्दों और ह्रदय को शक्ति मिलती है , गर्मी में दाह से आराम मिलता है , हरे पत्तो के शरबत से पाचन ठीक होकर भूख लगती है ,पेट दर्द में इस के तेल का उपयोग लिया जाता है , वमन, आव, अर्श, पेट के कीड़ो में उपयोगी होता है .मांसाहारी और शाकाहारी सभी भोजन को सुगन्धित तथा स्वादिस्ट बनाने के लिया भी उपयोग पूरक आहार के रूप में लेते है...
सोमवार, 12 मार्च 2012
FOOD SUPPLEMENT
पोषक तत्व सिधांत = आधुनिक वैज्ञानिक सिधान्तो के अनुसार पोषक तत्वों का समावेश बहुत ही अच्छा है परन्तु भारतीय वैदिक सिधान्तो में भिन्नता पाई जा सकती है ,वैदिक द्रष्टिकोण पहला भोगोलिक स्थति के अनुसार जलवायु के सबंधी परिवर्तनों का अध्यन करना आवश्यक होता है .फिर मानसिक गतिविधियों का, शरीर की क्रियाशीलता और ताप मान, शरीर की बनावट,कद, भार, लिंग व् आयु , भारतीय आहार व्यवस्था में पूरक आहार को शरीर के पाचन तंत्र पर केन्द्रित किया जाता है , [ ज्ञात रहे अमेरिका की खोज भी भारत के मसालों के कारण ही हुई थी ]
मंगलवार, 6 मार्च 2012
DIET MOTIVATION
बाध्यकारी आदत = ज्ञान तथा अज्ञान ,चेतन ,अर्धचेतन तथा अचेतन [अवचेतन ] भय, भ्रम, मोह ,संकल्प ,प्रेरणा तथा धर्मसंकट तनाव या आफत के कारण इस शरीर में एक बाध्यकारी आदत का निर्माण उस तरह हो चूका होता की जीस तरह एक आल [ लौकी ,धिया ] को हम रोज पैमाने से नही नाप सकते और उस को दो चार दिन के बाद अगर निरिक्षण करते तो अवश्य पत्ता चलता है की उस आल का विकास कितना हुआ ठीक , इसी प्रकार से अपने परिवार के बच्चो को जहाँ आदते कितनी बिगड़ी उस का पैमान यह होता की अपने घर पर आये महमानो या दोस्तो को पूछने ,उन की हाजरी में जाने के बाद अनुसन्धान किया जाये या उनके दोस्तों के यथा स्थान भेजने से ही पत्ता चलता है की मेरा बच्चा किस प्रकार के विक्रत आहार और विहार के लिए बाध्यकारी आदत से पोषित किया अथवा हुआ जाता है , जिस से नकारात्मक दिशा मिलती और समाज में हीनता ,दीनता ,तिरस्कार ,दया का पात्र बनना पड़ता है ,परन्तु अधिकतर लोग आहर ग्रहण के व्यवहारात्मक परिवर्तन अपने जीवन में लोगु करने में कठिनाई महसूस करते है. लेकिन अति भोजन या अल्प भोजन के ज्ञान की दिशा में कोई नैदानिक प्रयास शामिल किया जाये तो सफलता जरुर मिलती है ...
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