प्रयोज्य को ऑनलाइन परामर्श की दिनांक - 19 / 11 / 20 । [ अपडेट 03 / 01 / 22 ]
प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 195 ।
प्रयोज्य की आयु - 26 वर्ष ।
प्रयोज्य का व्यवसाय - सरकारी नौकरी ।
प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता से छुटकारा पाना चाहता ।
निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक मे आकर्षण होता था, प्रयोज्य शादीशुदा सरकारी नौकरी मे था, तीन साथी समान आयु, एक ही जाती संप्रदाय के थे, एक दिन अपने साथी से गुदा मैथुन करने का आग्रह किया, तो साथी ने समझाया की ये कार्य अनुचित है । फिर साथी ने ऑनलाइन समलैंगिकता का ईलाज से मेरे नंबर प्राप्त कर प्रयोज्य को दिया । प्रयोज्य ने फिर मुझ से संपर्क करके मुझे बताया की > प्रयोज्य की पढ़ाई कक्षा 2 मे पढ़ता उस समय उसकी आयु 6 / 7 वर्ष थी तब चाचा का लड़का 30 वर्ष का उसके साथ बहला फुसलाकर गुदा मैथुन किया, फिर निरंतर गुदा मैथुन करने की आदत हो गई, अब तक 10 व्यक्ति जिसमे समान आयु और कुछ बड़े आयु के व्यक्तियों से गुदा मैथुन कराया । समलैंगिकता की प्रेरणा चाचा के लड़के से मिल चुकी थी, उसी समय मौसी के लड़के से हस्त मैथुन की प्रेरणा मिल गई, हस्त मैथुन से भी चरम सुख मिलता था, शादी हो चुकी थी, चिंता और डर हमेशा लगा रहता था, इसलिए मनोचिकित्सक से आधुनिक दवाओ का उपयोग किया, दवाई चार महिना खाई, दवाई से कोई आराम नहीं मिला, दवाई खाने से सिर दर्द होता, सिर भारी होता था, आधुनिक दवाई 50 हजार की खा चुका था, क्योकि सरकारी नौकरी थी, रुपयो का अभाव नहीं था, परंतु पूरा रुपया व्यर्थ गया । पत्नी से बात करना अच्छा नहीं लगता था, चिढ़ आती थी, शक्ल अच्छी नहीं लगती । [ जब की पत्नी खूब सूरत थी, उसका फोटो मुझे कई बार बताया था । ]। बचपन मे लड़कियो के कपड़े माता पहनाती थी, बचपन मे लड़कियो वाले खेल भी खेलता था । ऑनलाईन ईलाज लेने मे शंका हुई की ये दस हजार रुपए व्यर्थ तो नहीं जाएंगे, फिर विचार किया जब 50 हजार खर्च किया तो 10 हजार की और रिस्क लेलु, ये फोन से कैसे उपचार करेंगे, आखिर विश्वास किया, और सफल उपचार हुआ ।
निष्कर्ष - प्रयोज्य बचपन मे बाल यौन शौषण से पीड़ित था, अनुसंधान मे देखा गया की एक बार गुदा मैथुन होता तो गुदा मैथुन की आदत बन जाती है, प्रयोज्य बचपना से बड़े होने तक 10 व्यक्तियों से गुदा मैथुन करने का आदि हो चुका था, सरकारी नौकरी लग गई, उस समय शादी भी हो गई, परंतु अनेक प्रकार की दवाई खाने से अपनी स्त्री के साथ यौनि मैथुन करने मे असफल हुआ, अपने साथी कर्मचारी जो कमरे का साथी था, उसको गुदा मैथुन करने का आग्रह किया, उसने मना भी किया और ऑनलाइन परामर्श जो समलैंगिक का इलाज करने का ढूंढ कर मुझ तक पहुंचा जिसका फायदा इस प्रयोज्य को मिला और समलैंगिक दासता से छुटकारा मिला, उसको यथा योग्य आहार व्यवस्था बताई गई, एक महिना ऑनलाइन उपचार के समय एक बार गुदा मैथुन करने के लिए मुझ से क्षमा भी मांगी, फिर ये कभी भी गुदा मैथुन नहीं करवाया, अपनी पत्नी को अब अपनी सरकारी नौकरी पर साथ ले आया, अब अपनी पत्नी अच्छी लगती है, पत्नी से प्रेम करता है, एक वर्ष मे चार बार उसके फोन आए थे, आज संतुलित संतुष्टि पूर्वक अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक जीवन बिता रहा है, आज मैने 03 / 01 /22 को फोन करके सम्पूर्ण स्थिति का वार्तालाप किया ।
सामाजिक संदेश - सावधान अपने बच्चो की परिवार मे भरण पोषण के साथ उनकी मनोदशा का भी अध्यन करते रहे, आजकल बाल यौन शौषण बहुत हो रहे है, बच्चो को एकांत मे नहीं रहने दे, सार्वजनिक खेलकुद मे भेजे। अन्यथा समलैंगिक प्राकृतिक होता कहने वाले रुपए कमा रहे है, आग मे घी डालने और आपके बच्चे को बिगड़ने मे सहायता करने वाले गिरोह के रूप मे कमा रहे है ।
ऑनलाइन परामर्श दाता
091 98290 85951
अपडेट 04 / 11 / 2022
प्रयोज्य पिता बन चुका, खुशी की बात है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नैदानिक चिकित्सा के बारे में.अब भारतीयों को आसानी से सुलभ ऑनलाइन चिकित्सा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की यह स्वास्थ्य उपचार का उपयोग किया जा सकेगा जो कई रोगियों से समर्थन प्राप्त हुआ है..गोपनीय ऑनलाइन परामर्श --
आपको हमारा परामर्श गोपनीयता की गारंटी है.हमारा ब्लॉग्स्पॉट, विश्वसनीय, सुरक्षित, और निजी है.