samlaengik ka ilaj लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
samlaengik ka ilaj लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 11 जनवरी 2024

समलैंगिक समस्या 12 - 23 - 86

 समलैंगिक समस्या 12 - 23 - 86

 12 - 23 - 86

प्रयोज्य 26 / 05 / 2023  सम्पर्क किया . 

कार्यभार - M B A 

आयु - 24 वर्ष  --

शादी - *****

समस्या - समलैंगिक 

पहली बार गुदा मैथुन - 19 वर्ष 

प्रयोज्य की उस समय 19 वर्ष लगभग .

यौन शोषणकारी - 35 वर्ष  के रिश्तेदार सम्पर्क में आया . 

पूर्व ईलाज लिया - जबलपुर 5 हजार, महारास्त्र डॉक्टर केलकर 8 हजार, नागपुर 12 हजार, भोपाल 5 हजार खर्च किए . 

अपडेट - आज 11 / 01 /24 को ठीक है . 

शनिवार, 17 दिसंबर 2022

कैसे आदत अभिविन्यास पैदा किया जाता है ।

 समलैंगिकता का कारण क्या हैं ? 

समलैंगिकता का ईलाज क्यों नहीं, जब की उन लडको के साथ बाल यौन शौषण पीड़ित होने से गुदा मैथुन और मुख मैथुन करवा कर आदि बनाया गया है, समलैंगिक उपचार विरोध करने वाले आप अपने पुत्र / भाई के साथ बाल यौन शौषण का प्रयोग सिद्ध करेंगे, प्रयोग करने से ही विश्वसनीय परिणाम आते वे ही मान्य होते है । जैसे तंबाकू सेवन, गांजा सेवन, अफीम सेवन, कोकीन सेवन और चोरी करना छोटे बच्चों को सिखाया जाता वैसे ही इन आदतों को छुड़ाया भी जाता है ।

एक सममलैंगिक अभिविन्यास के बारे में नाखुश व्यक्ति विषमलैंगिक बनने के लिए उपचार की तलाश कर सकता है । तो क्या उसको क्यों रोका जाएं, उस भुगत भोगी को ही वास्तविक रूप से ज्ञात होता है की उसको कैसे यातना दे के एक अभिविन्यास पैदा किया है ।

माना की अमेरिका में ड्राइवर जिसको बाएं रास्ते ड्राइव करता क्या, वो दूसरे देश में दाएं से बाएं गाड़ी चलाना सीखेगा तो अवश्य चला सकता है, बस धैर्य और संयम रखना होगा तो लगन से आसानी से सिख सकता है जैसे उभयलिंगी अपने आप सामाजिक पारिवारिक वातावरण में रहना चाहता है, जाति धर्म सामाजिक अर्थ संयुक्त परिवार के मान मर्यादा नियमों की परिभाषा और असामाजिक परिवार में मन माने ढंग से जीने की स्वतंत्रता का कोई जाति धर्म नहीं होता इनका अध्ययन भी होना जरूरी है ।।



बुधवार, 26 जनवरी 2022

कैसे बचपन मे समलैंगिक की आदत लग गई ?

 प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 03 / 12 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण - 5217 

प्रयोज्य की आयु -  23 वर्ष 

प्रयोज्य कार्यभार - बेरोजगार 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता की आदत से छुटकारा पाना 

निदान - डर, तनाव और चिंता से मन नहीं लगता । समलैंगिकता की आदत लग गई, कक्षा सात वी मे पढ़ता था, तब साथी सहपाठी मे गुदा मैथुन किया था। घर की छत पर दो दोस्त आपस मे सो रहे थे तो आपस मे समलैंगिकता के विचार आए और दोनों आपस मे गुदा मैथुन किया था । समझ नहीं थी की इस काम के आगे क्या परिणाम होंगे । भीड़ मे जाने का मन नहीं करता, तनाव ज्यादा होता है, दोस्तो के साथ अच्छा लगता है । मन मे विचार आता की मै ऐसा क्यो, ऐसा क्यो होता है, सब लड़को जैसा मै क्यो नही हूँ । अब तब दो लड़को के संपर्क मे आया । कक्षा 8 मे पढ़ता था तब से हस्त मैथुन करना सीख लिया था, कुछ लोगो को देख कर सीख लिया था, रात मे दो बार हस्त मैथुन करता हूँ। लोगो को देख घबरा जाता हूँ की कई कोई बोल नहीं दे, लोग मेरे बारे मे बात करते होंगे । आत्म हत्या के विचार आते है आगे कुछ दिखता नहीं ।  [ एक बार आत्म हत्या की कोशिश भी की ] ।  [ आत्म हत्या की कोशिश की बात अंतिम परामर्श के बाद बताई थी ]

निष्कर्ष - अब परामर्श लेने के बाद तबीयत ठीक है, अब लडकी और महिला अच्छी लगती है। अब शादी करने का मन करता है । समलैंगिक को नजर अंदाज कर लेता हु, अब समाज मे जाना और भीड़ मे जाना अच्छा लगता आहे । पहले घर मे झगड़ा होता था, अब घर मे झगड़ा नहीं होता, पहले गुस्सा आता था, अब गुस्सा नहीं आता । भाई और माता ने बोला अब तेरे मे परिवर्तन बहुत आया है । पहले तनाव मे रहता था, अब तनाव मुक्त हूँ । 

सामाजिक संदेश - अपने परिवार के बच्चो को समाज मे आना जाना रखना चाहिए, जिससे सामाजिक रीतिरिवाजों संस्कारो का ज्ञान हो सके । बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

मंगलवार, 25 जनवरी 2022

कैसे 13-14 साल की आयु मे बाल यौन शोषण के समलैंगिक बना ?

 प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 23 / 10 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण - 511621 

प्रयोज्य की आयु - 23 वर्ष 

प्रयोज्य कार्यभार - BA तृतीय वर्ष 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता की आदत से छुटकारा पाना 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिकता की एक आदत लग चुकी थी, समलैंगिक लड़के अच्छे लगते थे । लड़कियो मे कोई रुचि और आकर्षण नहीं था । जब प्रयोज्य 13-14 वर्ष की आयु का था उस समय उससे 5 वर्ष बड़ा भाई [ मौसी का लड़का ] ने गुदा मैथुन कर दिया, उस समय कोई विरोध नहीं कर सका क्योकि इतनी समझ नहीं थी, फिर एक आदत हो गई थी । डर, चिंता हमेशा लगी रहती थी । भीड़ मे आने जाने से डर लगता था । लगातार विचार आए लोग मेरी बाते करते होंगे, लोग क्या सोचते होंगे, मेरे बारे मेरी ही बात करते होंगे । 

निष्कर्ष - अब शादी करने का मन करता है। अब तबीयत अच्छी और सामान्य ठीक है । लड़की अच्छी लगती है, इन मे आकर्षण होता है । डरना छोड़ दिया है । उसने बताया की निश्चिय कर लो तो 100 % समलैंगिकता की आदत छुट जाती है । अब आत्म विश्वास अच्छा और बढ़ गया है । 

सामाजिक संदेश - बच्चो के चेहरे के हावभाव को अवश्य देखना चाहिए और बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

सोमवार, 24 जनवरी 2022

कैसे 12 साल की आयु मे हास्टल मे समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 14 / 10 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 5015 

प्रयोज्य की आयु - 18 वर्ष 

प्रयोज्य की पढ़ाई - BA प्रथम वर्ष 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिकता के कारण लड़किया अच्छी नहीं लगती थी । शादी करने का मन नहीं करता, डर, घबराहट, और चिंता हमेशा रहती थी । परिवार मे माता अध्यापक थी, पिता खेती करते थे । एक बड़ी बहिन शादी शुदा थी, एक छोटा भाई भी है। 

हॉस्टल मे पढ़ता था, उस समय 12 वर्ष की आयु थी, समान आयु के लड़को ने प्रयोज्य के साथ बहला फुसलाकर गुदा मैथुन कर लिया, उसके बाद समलैंगिक पसंद आते थे । 2 लड़को के संपर्क मे आने के कारण एक और गंदी आदत लग गई हस्त मैथुन करना । बचपने मे लड्की वाले कपड़े पहनता था । [ घर मे बड़ी बहिन हो तो उसका कपड़ा पहनना या पहनाना सामान्य बात होती पर से संज्ञान गलत मानसिकता पैदा करता है ]  इंटरनेट से समलैंगिकता का ज्ञान मिला था । हमेशा ये विचार आते की लोग मेरे बारे मे बाते करते होंगे, कोई कही बोल तो नहीं देंगे, मेरे बाल यौन शोषण  समलैंगिकता के बारे मे अपने परिवार वालो को पता नही था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य सीधा और भोला लड़का था, चतुर चालाक साथी ने बहला फुसलाकर गुदा मैथुन कर दिया, ना समझ मे विरोध नहीं कर सका । फिर गुदा मैथुन करने की एक आदत हो गई, सामाजिक प्रथिष्टा के कारण इस समलैंगिकता की आदत से छुटकारा पाना चाहा । प्रयोज्य मे एक महीन की ऑनलाइन परामर्श लिया अब उसकी तबीयत ठीक है । अब लडकी, महिला अच्छी लगती है । अब पहले से अच्छा आत्म विश्वास है । अब समलैंगिक संबंध बनाने की इच्छा नहीं होती । प्रयोज्य से पूछा की सामाजिक संदेश क्या देना चाहेंगे तो बताया की "बाल यौन शोषण के कारण समलैंगिकता की आदत होती है, इस आदत को मनोवैज्ञानिक परामर्श से आसानी से छोड़ा जा सकता है । 

सामाजिक संदेश - जो भी अभिभावक अपने बच्चो को बाहर हॉस्टल मे पढ़ने भेजते तो अपने बच्चो के संपर्क मे लगातार रहना चाहिए । उनके चेहरे के हावभाव को अवश्य देखना चाहिए और बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

रविवार, 23 जनवरी 2022

कैसे साथी लड़के चुंबन देते थे ।

प्रयोज्य को ऑनलाइन परामर्श देने की दिनांक - 09/ 09/ 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 4914 

प्रयोज्य की आयु - 20 

प्रयोज्य की शिक्षा - 12 पास आगे पढ़ाई जारी 

निदान - प्रयोज्य कक्षा 7 मे पढ़ता उस समय साथी लड़के चुंबन दिया करते थे । फिर लगता की ये साथी किस दिया करे, यही दिमाग मे रहता था । तब से समलैंगिक मे आकर्षण होता है। परिवार मे चार भाई से छोटा था, तीन भाई प्रयोज्य से बड़े थे, परिवार मे माता को सभी कहते इस बार बेटी होगी, तो घर मे खुशी होती थी । जब प्रयोज्य पैदा हुआ तो घरवालो के लड़की नही होने पर उसको लड़की के कपड़े पहनाते थे । लड़कियो वाले काम कराते थे । अड़ोसी पड़ोसी कहते तुझे तो लड़की होना चाहिए था, स्कूल के साथ भी बोलते तुझे लड्की होना चाहिए था । टीवी पर क्राईम पेट्रोल देख कर, ईंटरनेट से समलैंगिक सेक्स सर्च करता था । शर्म बहुत आती थी, गंदे विचार आते थे, किस्से मैथुन कराऊ, चुंबन दु । लड़कियो मे आकर्षण नहीं होता था । घर से बाहर निकलने का मन नहीं करता । भाई, भूवा [ पिता की बहिन ] बताते की तुझे बचपन मे लड़कियो के पकड़े पहनाते थे । एक सप्ताह पहले दवाई खाई उससे कोई आराम नहीं मिला, फिर भी गंदे विचार आते थे । स्कूल मे सभी चिड़ाते इसलिए खेल भी नहीं खेलता । 15 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीखा था, जब हस्त मैथुन करता लड़को को याद करते करता था, एक दो बार बिस्तर पर रगड़ कर करता था । स्वपन्नदोष भी लड़के स्मरण वाले होते थे । लगातार विचार आते लोग मेरी ही बाते करते होंगे, मेरे बारे मे सोचते होंगे । ऑनलाईन परामर्श की फीस बड़े भाई ने ही दी थी । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य के परिवार मे तीन पुत्रो के बाद लड़की की आशा थी, परंतु चौथा लड़का होने पर माता की संतुष्टि के करा बाल आयु मे लड़की के कपड़े पहनाना प्रयोज्य के लिए एक मानसिकता लड़की जैसी हो गई, क्योकी घरेलू लड़कियो वाले काम करना भी एक सामाजिक संदेश भी मानसिक हो गया, स्कूल मे भी ये किसी का विरोध नहीं कर सकता क्योकि प्रयोज्य सीधा सरल व्यक्तित्व का लड़का होना का गलत संज्ञा दिमाग मे सीख गया, परिवार मे आपस मे सुबह का अभिवादन ही नहीं सीखा था, उसको सिखाया की परिवार मे अभिवादन करना तो मासी [ माता की बहिन ] हंसने लगे तो निराशा होना पाया गया। 

ऑनलाइन परामर्श लेने से अब तबीयत ठीक है । अब लडकी अच्छी लगती है, अब शादी करने का मन करता है । अब समलैंगिक अच्छे नहीं लगते । अब अच्छा लगता है, पहले डर लगता था, अब डर नहीं लगता । सामाजिक संदेश मे प्रयोज्य का कहना की मनोवैज्ञानीक परामर्श लेने से सब ठीक हो सकते है । पहले उदास रहता था, अब अच्छा लगता है । फोन से  22 / 01 / 22 को बताया अब ठीक है, पढ़ाई कर रहा हूँ । 

सामाजिक संदेश - लड़को को लड़कियो के परिधान बचपन मे नहीं पहनाना चाहिए, गलत मानसिकता हो जाती है । भारतीय जो अपने समाज मे शरीर जीते और विदेशी मानसिकता रखते तो दो राहे का मार्ग हो जाता क्योकि शरीर भारत मे दिमाग लंदन, अमेरिका मे तो द्विध्रुवी ज़िंदगी की समस्या [ bipolar ] की दिक्कत होती है । लकड़ों को साहस और शौर्य की बात सिखनी चाहिए । ब्रहमचार्य की शिक्षा अवश्य देनी चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 


शुक्रवार, 21 जनवरी 2022

कैसे 14 -15 वर्ष की आयु मे उभयलिंगी बना ?

प्रयोज्य को परामर्श की दिनांक - 09 / 08 / 2021 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 471221 

प्रयोज्य की आयु - 29 वर्ष 

प्रयोज्य का व्यवसाय  - निजी स्कूल मे अध्यापक 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - शादी शुदा 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आकर्षण 

निदान - प्रयोज्य ने शादी जनवरी 2021 मे कर ली थी, प्रयोज्य अपनी पत्नी की बजाय समलैंगिक के गुदा मैथुन करने की इच्छा रहती थी । शादी के पाँच दिन बाद पत्नी ने अपने परिवार से अलग रहने को बाध्य किया था, पर प्रयोज्य भाई के परिवार के साथ ही रहना चाहता था । प्रयोज्य ने 14-15 साल की आयु मे पहली बार गुदा मैथुन किया फिर लगातार 15 लड़को के गुदा मैथुन किया ये एक आदत हो चुकी थी, पर कभी गुदा मैथुन करवाया नहीं । जवान लड़को को देख कर आकर्षण आता है। इसलिए चिंता, डर और भय हमेशा रहता है । एक महिला मित्र के अलावा दूसरी लड़कियो के साथ संभोग किया था, परंतु पत्नी के साथ संभोग तो होता पर मन नहीं करता, क्योकि संतोष और खुशी नहीं मिलती । विग्रा टेबलेट खाई पर कोई लाभ नहीं मिला, दवा दो महिना मे कभी कभी खाया, सुबह सिर दर्द होता था । अश्लील फिल्म देखें से लिंग मे उत्तेजना आती है । 14 वर्ष की आयु मे दोस्त की अश्लील पुस्तक देख कर हस्त मैथुन करना सीखा । समाज मे आना जाना नहीं होता, शर्म आती है । मन मे लगातार ये विचार आते की की कई कोई मेरे बारे मे बोल तो नही दे, लोग मेरे बारे मे ही विचार करते होंगे । 24 / 08 / 21 को पत्नी के पिता का परिवार [ पीहर ] से सूचना आई की पति पत्नी को संतुष्ट नहीं करता इसलिए प्रयोज्य का मर्दाना टेस्ट करना है । 02 / 09 / 21 पत्नी के पिता ने कहा हिंझड़ा [ transgender ]  से शादी कराई, अब इसके पोस्टर लगेंगे, इस बात से अधिक तनाव आया । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य को  पहले से मानसिक तनाव अधिक था, प्रयोज्य उभयलिंग था, परंतु शादी के पाँच दिन बाद ही अपने भाई के परिवार अलग होने को पत्नी बाध्य कर रही थी, भाई ने ही प्रयोज्य का पालन पोषण किया तो कैसे इतना जल्दी अपने परिवार से कैसे अलग हो जाए, प्रयोज्य गुदा मैथुन के साथ यौनि मैथुन आराम से कर लेता था, केवल असफल पत्नी के साथ रहा जिसक मूल कारण तनाव का होना, कोई भी स्वस्थ व्यक्ति भी तनाव के कारण संभोग नहीं कर सकता ।  पत्नी के साथ पत्नी के पिता भी मानसिक तनाव पैदा करने मे सहायक हुए । इधर परामर्श के समय पत्नी के पीहर पक्ष ने आधुनिक चिकित्सा के पैथोलोजी जांच कराने का समाचार दिया उससे बहुत तनाव मे आ गया । प्रयोज्य को आश्वासन दिया आप मर्द हो चिंता क्यो करते हो, प्रयोज्य चिंता करता मुझ से बात करता, फिर लेब ले बाहर मुझे से लगातार संपर्क मे था, मैने कहा चिंता मत कर पूर्ण मर्द हो सब सकारात्मक रिपोर्ट आएगी फिर लेब मे पहुंचा तो फोन पर वार्तालाप से चिंता बता रहा था, पर जब दो दिन लगातार सब जाँचे हो गई और फिर दो दिन बाद रिपोर्ट आई सब उसमे सकारात्मक था, फिर भी मैने बोला अपने स्थानीय चिकित्सक को बताओ, उन्होने स्थानीय चिकित्सक को रिपोर्ट सकारात्मक बताया तो संतुष्टि मिली, अब रही उनके सामाजिक दोनों परिवार मे बाजी पलट चुकी थी, पत्नी के पीहर पक्ष अब माफी मांग रहे थे । प्रयोज्य के भाई ने अब ताव दे कर कहा, जब तक चिकित्सा रिपोर्ट नहीं आई थी तब तक तो मेरा भाई नामर्द था, एक चिकित्सा रिपोर्ट आने के बाद मर्द कैसे हो गया, मेरा भाई पहले भी मर्द था, बाद भी मर्द हम लड़की को तलाक देंगे ।  प्रयोज्य मुझे पूछा क्या करू आप बताए तो मैने बोला ये आपका पारिवारिक और सामाजिक मामला है । अपने बड़े भाई जो कहे वो करो । 

परामर्श पूर्ण होने पर प्रयोज्य की तबीयत ठीक होना बताया । 90 % gay अब अच्छे नहीं लगते । आत्मविश्वास बढ़िया हुआ, समाज मे अब जाने का मन करता है । उसने बताया की मन का वहां होने से दिमाग खराब होता है । समलैंगिक की आदत आसानी से छुड़ाया जा सकता है । प्रयोज्य के भाई का परिवार शहर मे बस गया था, सामाजिक रिश्तेदारी मे आने जाने कोई समय नहीं निकाल पाते थे । 

सामाजिक संदेश - अपने परिवार के बच्चो को समाज मे आना जाना रखना चाहिए, जिससे सामाजिक रीतिरिवाजों संस्कारो का ज्ञान हो सके । बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 


गुरुवार, 20 जनवरी 2022

कैसे 12 वर्ष की आयु मे गुदा मैथुन से बाल यौन शौषण हुआ ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 05 / 08 / 21 [ अपडेट 19 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 461121 

प्रयोज्य की आयु - 24 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - 12 

प्रयोज्य का कार्यभार - खेती 

वैवाहिक स्थिति - मार्च 2021 मे शादी की 

प्रयोज्य की समस्या - बाल यौन शोषण से 12 साल की आयु मे गुदा मैथुन से पीड़ित 

निदान - प्रयोज्य बाल यौन शौषण के कारण गुमशुम रहता, किसी से बात नहीं करता, मन नहीं लगता, समलैंगिकता मे रुचि से परेशान होता था, विषम लिंग मे आकर्षण नहीं होता था, प्रयोज्य की शादी मार्च 21 मे शादी हो चुकी थी । 7-8 कक्षा मे पढ़ता था उस समय पड़ोसी चाचा जिसकी आयु 40-45 वर्ष थी । पड़ोसी चाचा शादी शुदा था, दो तीन बच्चे थे, चाचा की स्त्री उसको छोड़ कर चली गई थी, फिर प्रयोज्य को बहला फुसला कर खिलौने दे कर, और डरा धमाका कर गुदा मैथुन करता था, जिसके कारण गुदा मैथुन कराने की आदत हो गई थी, इसलिए तनाव मे रहता था, एकांत अच्छा लगता था, शादी हो गई फिर लगातार विचार आते थे, की अपनी पत्नी को खुश रख पाऊँगा की नहीं । एक दूसरा अन्य व्यक्ति 18 साल का 5 साल पूर्व समलैंगिक व्यक्ति गुदा मैथुन करवाता था, वो बलपूर्वक गुदा मैथुन करवाता था। अपने पड़ौसी जो 40-45 वर्ष का था उससे समलैंगिक का ज्ञान मिला । लिंग मे तनाव लाने के लिए मेन्स्फ़ोर्स गोलिया खाई थी आराम नहीं मिला। स्वप्नदोष होता था उसको दूर करने के लिए अपनी अंगुली चबाने से स्वप्न दोष ठीक होता था । पत्नी के साथ मैथुन करते समय लिंग मे तनाव नहीं आता था । मन मे ये विचार भी आते लोग मेरी बाते करते होंगे, वे मेरे बारे मे क्या सोचते होंगे, इस प्रकार के तनाव होने से ये विचार भी आते की पत्नी छोडकर चली तो नहीं जाएगी । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य बाल यौन शौषण से पीड़ित था, दयालुता पाई गई, दूसरे परामर्श से जागरूकता बढ़ी, अब भीड़ मे जाने का डर दूर हुआ। अब आसनी से सामाजिक लोगो के साथ बैठने लगा । अपनी पत्नी से प्यार भरी बाते करता था, महिला मे आकर्षण होने लगा । अपनी पत्नी से संभोग कर लेता है। प्रयोज्य अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता है। बाल यौन शोषण के कारण गुदा मैथुन की एक आदत हो जाती है, बच्चो को बहला फुसलाकर उनके साथ बाल यौन शोषण के कारण ये प्रयोज्य परेशान था, इसको ऑनलाईन परामर्श होने के बात सभी समस्या समाप्त हो चुकी है, आज फोन 19 / 01 / 2022 से वार्तालाप से पता किया, अब अपनी पत्नी से आसानी से संभोग कर लेता है । अपने परिवार मे खुश है, मन लगाकर अपनी पिता की जमीन पर खेती कर रहा है । उसने बताया की अभी बच्चे पैदा करने का मन नहीं है । अब तबीयत अच्छी है, अब महिला मे आकर्षण होता है, पत्नी की यौनि अच्छी लगती है । बच्चा पैदा करने का मन होता परंतु अभी जल्दबाज़ी मे नहीं है । समलैंगिक अब कोई ख्याल नहीं आता, अब बुरे लगते है । गुदा मैथुन से घृणा होती है । समाज मे आना जाना अच्छा लगता है । 

सामाजिक संदेश - बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ और जब कोई शरीर पर हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप नंबर 091 98290 85951 

सोमवार, 17 जनवरी 2022

कैसे कक्षा 7-8 वी मे पढ़ता लड़का समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 29 / 05 / 21 [ अपडेट 16 / 01 / 22 फोन से ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 430821 

प्रयोज्य की आयु - 28 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - BA - LLB प्रथम वर्ष [ अपडेट के समय दूसरा वर्ष ] 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा 

प्रयोज्य की समस्या - सक्रिय समलैंगिक समस्या 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक आकर्षण अधिक होता और लड़कियो मे कम आकर्षण होता है। समस्या तब हुई एक दिन एक मित्र ने बोला तुम गे है और लेता है, जब की प्रयोज्य सक्रिय समलैंगिक था [ रोमांटिक रिश्ते में वे साथी पर हावी होते हैं और एक आदमी की भूमिका निभाते हैं ] । समलैंगिकता की आदत कक्षा 8 मे पढ़ता था उस समय उसकी आयु 13 वर्ष थी तब उसके साथी लड़को के साथ आपस मे लिंग पकड़ने की आदत शुरू हुई, फिर अपने साथी लड़के के साथ गुदा मैथुन किया था । फिर ये आदत लग गई थी और निरंतर 25 लोगो के संपर्क मे सक्रिय समलैंगिक संबंध बनाए अर्थात गुदा मैथुन करने की आदत बन गई थी । अब समाज मे आने जाने पर चिंता, तनाव और डर लगता था । एकांत मे रहने के विचार आते थे और हर समय लड़को का ही विचार आते थे । जब कक्षा 10 मे पढ़ता था तो पड़ोसी चाचा के गुदा मैथुन किया था, फिर एक आदत हो चुकी थी और समलैंगिक निष्क्रिय चाचा को गुदा मैथुन कराने की जो एक लत थी, ये रोमांस बहुत साल चाचा के साथ चला। एक प्रयोज्य से दो साल बड़ा 17 के लड़के के घर जाकर बार बार उसके गुदा मैथुन किया । कक्षा 8-9 से हस्त मैथुन करने की भी आदत हो चुकी थी, रोज एक बार हस्त मैथुन करने की आदत लग चुकी थी । एक दोस्त कभी कभी प्रयोज्य के घर आ जाता बाहर कमरे मे समलैंगिक संबंध हो जाते थे । जब चिंता तनाव होने लगा तो 2018 से हस्त मैथुन बंद किया, पर गुदा मैथुन करना सक्रिय था।  पहले 7 दिन का परामर्श लिया तब ऐसा लगा की ये आदत नहीं छूटेगी और लड़को के संपर्क मे निरंतर रहा । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य कामुक प्रवृति का था और सक्रिय समलैंगिक था। अर्थात वीर्य उत्पन की प्रचुरता थी । प्रयोज्य को जब निष्क्रिय समलैंगिक मिल जाते तो हस्त मैथुन नहीं करता । प्रयोज्य की तबीयत अब ठीक है, अब लड़कियो मे आकर्षण होता है , प्रयोज्य को एक लड़की शादी के लिए उसका फ़ोटो आया तो मुझे भी बताया पर मेरी राय देना उच्छित नहीं समझा, क्योकि ये पारिवारिक मामला था, फिर दूसरी लड़की की शादी के लिए प्रस्तावित फ़ोटो आया तो मुझे बताया की वो लड़की 8 साल प्रयोज्य से छोटी थी, प्रयोज्य दोनों बार मेरी राय लेना चाहता था, मै सामाजिक और पारिवारिक सदस्य नहीं था, इसलिए उसे बोला, अब बड़े हो खुद फ़ैसला करो और अपने परिवार की राय लो । दोनों लडकी सुंदर थी पर आखिरी फ़ैसला घर परिवार का ही उपयुक्त रहता है । समलैंगिक अब बुरे लगने लगे । बाकी सब ठीक है पर घबराहट की बात बोला था जो एक अतार्किक था, क्योकि पहले कुछ दोस्तो ने ताना मारा दिया था, पर अब ठीक है । प्रयोज्य अपनी वकालत की पढ़ाई मे ध्यान दे रहा है, परिवार वो कोई वाद विवाद होता वो सब अब समान्य हो चुका है । प्रयोज्य के पिता मे दुबारा शादी कर ली थी, प्रयोज्य अपने दो बड़े भाई के साथ रहता था । 

सामाजिक संदेश - दो किशोर लड़को को एकांत मे कभी नहीं रहने देना चाहिए, अपने बच्चो को अपने समाज की जानकारी और परिवार के भूतपूर्व सदस्यो का ज्ञान कराना चाहिए, अगर समाज और परिवार का ज्ञान नहीं होगा तो लड़के का पारिवारिक, सामाजिक, और संस्कृतिक ज्ञान नहीं होने से शौषण हो सकता है, दूसरा अपने निजी अंगो की जानकारी देना जरूरी होता है, बच्चे के निजी अंग को कोई भी व्यक्ति हाथ नहीं लगाए, जैसे होठ, लिंग, यौनि, और गुदा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करे ।  

ऑनलाइन परामर्श दाता 

व्हाट्स एप 091 98290 85951 




रविवार, 16 जनवरी 2022

कैसे बाल यौन शौषण के कारण समलैंगिक सा/ उभयलिंगी बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 22 / 05 / 21  [ अपडेट 15 / 01 /22 ]

प्रयोज्य का नाम -  गोपनियता के कारण 42521 

प्रयोज्य की आयु - 23 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - BA  तृतीय वर्ष 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा [ फिर 07 / 06 / 21 को शादी शुदा होना बताया, एक दो वर्ष का लड़का ] 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक दिक्कत 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक आकर्षण होता और विषम लैंगिक मे आकर्षण नहीं होता ।  14 वर्ष की आयु मे 20 साल के एक व्यक्ति ने प्रयोज्य के साथ गुदा मैथुन किया, तब से गुदा मैथुन करने की आदत हो गई थी। प्रयोज्य के मामा के लड़के ने 14 की आयु मे हस्त मैथुन करना सिखाया, हस्त मैथुन की आदत के कारण दिन मे दो तीन बार हस्त मैथुन कर लेता है, जब भी हस्त मैथुन करता है तो समलैंगिक को याद करके करता है।  हर दम हमेशा समलैंगिक संबंध बनाने के विचार आते है। अपने अध्यापक से भी आकर्षण होता है । महिला की बाते अच्छी नहीं लगती, हर समय लड़का पटाने का मन करता है । हमेशा एक ही विचार आता है,  शादी कर भी लिया ये बात दूसरे परामर्श के दिन बताई । शादी किए 3 साल हो गए। अपनी पत्नी को अपने समलैंगिकता की आदत के बारे मे नहीं बताया । आत्म ह्त्या के विचार आते है । समलैंगिक का आकर्षण हमेशा रहता है । परामर्श के 18 दिन बाद 07/06/21 को बताया की एक लड़के से प्यार हुआ, वो लड़का पानी लेने गया वहा प्रयोज्य भी पानी लेने जाने का बहाना करके उसके पीछे गया और उसको गुदा मैथुन करने का आग्रह किया तो उसने दो-तीन थप्पड़ प्रयोज्य को मारा जिसके कारण बदले की भावना पैदा हुई, उसको भूलना नहीं चाहता, कभी ये विचार भी आते ये दूसरों को क्या बोलेगा, प्रयोज्य ने बताया की 2 साल का एक लड़का भी है । पर गुदा मैथुन और हस्त मैथुन का लगाव अत्यधिक होता है । जिस लड़के से लगाव था उसके बड़े भाई ने प्रयोज्य की माता से भी लड़ाई की बात बताई, उससे समझोता चाहता था, पर समलैंगिक आग्रह का कोई जिक्र नहीं किया । परामर्श के 27 वे दिन उसको बताया था की उसका  निर्णय क्षमता कमजोर पाई गई थी । जिस लड़के से समलैंगिक आकर्षण था उसके बड़े भाई से मित्रता थी । प्रयोज्य झूठी एक फेसबुक भी चलाता था । कुल मिलाकर पाँच व्यक्तियों से समलैंगिक संबंध बने, जिसमे 40-45 वर्ष के आयु के साथ गुदा मैथुन कराने का मन करता है । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य को छोटी आयु मे गलत आचरण के कारण गलत गुदा मैथुन करने की आदत लग गई थी । हस्त मैथुन करना एक बाध्यकारी जूजून हो चुका उसको छोड़ना नहीं चाहता था, बाल यौन शौषण के कारण एक गुदा मैथुन की लत लग गई थी, जवानी की उम्र होना और वीर्य का पर्याप्त उत्पादन होना ही दिक्कत थी, शादी शुदा भी था, एक 2 वर्ष का लड़का भी था फिर भी एक लड़के से बदले की भावना के कारण उससे ही गुदा मैथुन करवाना एक गलत नकारात्मक भी जूजून हो चुका था । प्रयोज्य की सब आदत ठीक थी पर हस्त मैथुन नहीं रोक पाना सबसे बड़ी कमजोरी पाई गई । मेरे कहे अनुसार झूठी फेसबुक चलाना बंद किया ।  

सामाजिक संदेश - समय से पहले मैथुन नहीं किया जाए और ये बात ब्रहम चार्य का आचरण की शिक्षा की आवशयकता है । हस्त मैथुन से होने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी बताना चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

शनिवार, 15 जनवरी 2022

कैसे समान आयु के लड़के से समलैंगिक संबंध बने ?

प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 20 / 05 / 2021 [ अपडेट 14 / 01 / 2022 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 410621 

प्रयोज्य की आयु - 25 वर्ष 

प्रयोज्य का व्यवसाय - स्वयं का व्यवसाय की दुकान ।

प्रयोज्य का वजन - 82 kg 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आदत से छुटकारा चाहता है । 

निदान - प्रयोज्य एक व्यवसाय परिवार से था, 25 साल की आयु मे शादी से डर लगता है, पर शादी करने का मन करता है, प्रयोज्य ने 16 साल की आयु मे अपने दोस्त के साथ गुदा मैथुन की आदत लग गई थी, इसलिए समलैंगिक मे आकर्षण होता है । भिड वाले स्थान पर जाने से आलस आता है । आलसी प्रवृति का होने के कारण काम मे रुचि नहीं होती । बचपन मे लड़की बन कर खेलने मे रुचि थी । कक्षा 10 मे पढ़ता था उस समय हस्त मैथुन करना सीखा, रोज रोज दिन मे तीन बार हस्त मैथुन की आदत हो गई, हस्त मैथुन करने के बाद नींद आ जाती है । मन मे लगातार विचार आते कई कोई बोल नहीं दे और लोग मेरे बारे मे क्या सोचते होंगे । वीर्य के बारे मे लाभ हानी जानता हु, पर हस्त मैथुन करने से रोक नहीं सकता । प्रयोज्य समय पर भी ऑनलाइन परामर्श अपने व्यस्त व्यवसाय के कारण समय नहीं निकाल पाता था । 

निष्कर्ष - ऑनलाईन परामर्श लेने से अब तबीयत ठीक है, परामर्श से फायदा हुआ, अब समलैंगिक आकर्षण नहीं होता, समलैंगिक को देखता ही नहीं, महिला की छाती अच्छी लगती है, आत्म विश्वास थोड़ा ठीक हुआ, गुदा मैथुन की अब ईच्छा नहीं होती । प्रयोज्य को अपने व्यवसाय से फुर्सत नहीं मिलती, हाल अभी जिम जाना शुरू किया था, परंतु सर्दी अधिक होने के कारण जिम जाना छोड़ दिया । प्रयोज्य का वजन ज्यादा होने से आलस आता है, शादी नहीं हुई इसलिए एक संदेह रहता शादी के बाद क्या होगा, आज 14 / 01 / 21 को अपडेट होने पर बताया की हस्त मैथुन की आदत नहीं छुट रही है । सुबह से रात्री तक अपने व्यवसाय से फुर्सत नही मिलती है । समय पर शादी होने से सारी दिक्कत भी ठीक हो जाएगी । 

सामाजिक संदेश - अभी भावक एक ही बात का ध्यान रहे अपने बाल-किशोर संतान को एकांत मे रहने नहीं दे । सार्वजनिक खेल खुद मे हिस्सेदारी अवश्य दे । ब्रहम चार्य की शिक्षा अवश्य दे । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 





बुधवार, 12 जनवरी 2022

कैसे हस्त मैथुन के कारण समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 27 / 02 / 21 [ अपडेट 11 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 39270222 

प्रयोज्य की आयु - 20 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - बी ए तृतीय वर्ष 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता से छुटकारा 

निदान - प्रयोज्य ऑनलाइन परामर्श के समय कक्षा बी ए तृतीय वर्ष मे पढ़ता था, उसने बताया की समलैंगिकता मे आकर्षण होता है, विषमलिंग मे कम आकर्षण होता है। इसलिए चिंता, डर हमेशा सताता है, भीड़ वाला स्थान अच्छा नहीं लगता तीन साल पहले कक्षा 12 पास की उस समय समलैंगिकता का ज्ञान स्मार्ट फोन के इन्टरनेट से मिला । बचपन मे दीदी के कपड़े दीदी पहनाती थी । 9 वी कक्षा मे पढ़ता था उस समय अश्लील फिल्म देख कर हस्त मैथुन करना सीखा, दिन मे दो तीन बार हस्त मैथुन कभी एक बार हस्त मैथुन करता था । बचपन मे लड़कियो के साथ खेलता था । पहले सोचता था की लोग मेरे बारे क्या सोचते है, पर अब नहीं । जहा कही दो चार व्यक्तियों को देखता तो ऐसे लगता की ये मेरे बारे मे बाते करते होने । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य को ऑनलाईन परामर्श लेने के बाद मे आज 11 / 01 / 22 फोन से अपडेट हो कर पूछ की तबीयत कैसे तो बताया, तबीयत ठीक है, पिताजी का देहांत हो जाने के कारण घर चलाने का सब ज़िम्मेदारी मेरी हो चुकी है। अब महिलाओ मे आकर्षण होता है, शादी करने का मन करता है पर थोडा सा निर्णय करने मे देरी हो रही है । आत्म विश्वास बढ़ गया है । समलैंगिकता मे अब कोई रुचि नहीं । पहले से अब अच्छा लगता है । 

निष्कर्ष - किशोर अवस्था मे किशोरों की हस्त मैथुन नहीं करने की सलाह देनी चाहिए, समय से पूर्व जब कच्चा वीर्य निकाल दिया जाएगा, तो मर्द होने के प्रमाण लुप्त होंगे फिर लड़के और लड़की मे क्या अंतर रह जाएगा, मर्द की पहचान ही वीर्य होता है । कच्छी आयु मे वीर्य नष्ट नहीं करना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

रविवार, 9 जनवरी 2022

गुदा मे बोतल डालने के परिणाम क्या होते है ?

प्रयोज्य को परामर्श देने की दिनांक - 11 / 01 / 2021 [ अपडेट 08 / 01 / 2022 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 36102 

प्रयोज्य की आयु - 29 वर्ष 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा 

प्रयोज्य का काम - कम्यूटर से बिल्डिंग के अमिनेशन 

प्रयोज्य की समस्या - बोतल से गुदा मैथुन करने के कारण अपने आप मे तनाव । 

निदान - शादी करने का कभी मन हा करता, शादी करने का मन कभी ना करता है, परीक्षण मे पाया की प्रयोज्य ने 10 वर्ष पूर्व बोतल से गुदा मैथुन किया था, उसके बाद हस्त मैथुन भी किया जिसके कारण तनाव से रहने लगा, डर, चिंता बहुत रहने लगी । बाहर जाने मे दिक्कत होती थी, घर मे रहना पसंद होता है, घर अच्छा लगता और डर नहीं लगता। बाहर निकालने पर ऐसा लगता कई कोई बोल न दे, कल्पना करता रहता है, नींद की दवाई खाने से चिंता कम होती है । ऐसा लगता है की खुद की पहचान खो गया हूँ, पहले अच्छे से बात करता था, अब गुदा ढीला हो गया ये चिंता रहती है । दो बहनो की शादी हो गई, घर वाले संदेह करते की दोस्त की वजह से मै ऐसा हो गया हूँ, भ्रम की अवस्था मे रहता हूँ, चिंता होती है, ऐसा लगता है, सब सपना है । अच्छा व्यवहार नहीं होने से मनोचिकित्सक से उपचार करवाया, विचार कम होते तो मुह मे छाले हो जाते, घर मे झगड़ा हो जाता है । महिला का पिछवाड़ा अच्छा लगता है, महिला को देखना अपराध लगता है, ऐसा सोचता हूँ की शादी के मंच पर लोग मेरी क्या बात करेंगे । कोई भी मेरी सुनता नहीं ऐसा लगता है, मै बोल रहा हूँ। 2018 मे प्रेमिका थी वो छोड़ कर चली गई, सात - आठ साल से प्रेम था। मम्मी ने मनोचिकित्स के पास उपचार के लिए ले कर गई थी । अप्रेल 2020 मे कोरोना का लॉकडाउन लगा उस समय मम्मी की म्रत्यु हो गई । दो बहने बड़ी थी शादी हो गई, बचपन मे माता बहनो के कपड़े पहना देती थी । प्रयोज्य ने 9 वी ऑनलाईन परामर्श मे बताया की प्रेमिका छोड़ कर चली गई, तो आत्म हत्या के लिए फिनेल पी लिया था । रात्री मे देरी तक मोबाईल फोन देखता था, इसलिए सुबह देरी से उठता था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य एक निश्चित दायरे मे रहने के कारण से अपने व्यक्तित्व का फ़ैसला नहीं ले सकता था । महानगर जैसे शहर का निवासी होकर एक सीमित अवसर मे ज़िंदगी जी रहा था, जीवन मे अच्छा मित्र होना भी जरूरी होता है । प्रयोज्य के पिता ग्रामीण पृष्ट भूमि से थे परंतु गाँव औए समाज से दूर हो चुके थे, शहर मे एक निश्चित दायरे मे ही रहना दुख दाई हुआ, प्रयोज्य पर दोहरी समस्या आ गई, एक प्रेमिका छोड़ कर चली गई, दुसरा लॉकडाउन मे घर मे रहना पड़ा फिर माता की मृत्यु भी चिंता की बढ़ोतरी हो गई । प्रयोज्य ठीक होना चाहता था, फिनेल पीने का अपने परिवार को नहीं बताया, ना किसी चिकित्सक को बताया, प्रेमिका छोड़ कर चली गई ये बात भी घर वालो को नहीं बताई । आज 08 / 01 /22 को फोन पर ज्ञात हुआ की वो ऑनलाईन परामर्श लेने के बात आसानी से 30 - 35 हजार महिना कमा लेता है । पिता एक प्रायवेट बैंक मे नौकरी थी, लॉकडाउन मे नौकरी भी चली गई थी, मैने एक महिना की बजाय इस को दो महिना ऑनलाईन परामर्श दिया, एक अतिरिक्त महिना मेरी तरफ से क्योकि माता थी नहीं पिता को हो घर का काम करना पड़ता था, इसकी बहन से भी संपर्क मे दिशा निर्देश दिया था । प्रयोज्य के पिता से लगातार संपर्क मे रहने से प्रयोज्य के लिए दिये गए दिशा निर्देश का पालन होता था, प्रयोज्य मे काफी सुधार आया, ऑनलाईन परामर्श के समय ही उसको भी ओंनलाइन बिल्डिंग फिल्म एमिनेशन का काम मिला जो काफी समय से बंद था। इसकी दिन चर्या भी बिगड़ी हुई थी वो अब ठीक हो चुकी है । 

सामाजिक संदेश - कमाई के लिए अपना गाँव भले छोड़ना पड़े परंतु लगातार गाँव के सामाजिक और संस्कृतिक कार्यक्रम मे अपने परिवार को जरूर ले जाना चाहिए । सामाजिक रिश्स्तेदारी सौहार्द हमेशा बनाए रखने के अदृश्य और अगिनित लाभ भी होते है । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

शुक्रवार, 7 जनवरी 2022

कैसे गलत प्रेरणा के कारण समलैंगिक बाल यौन संबंध हुए ?

प्रयोज्य के परामर्श दिनांक - 12 / 12 /20 [ अपडेट फोन से 05/ 01 / 2022 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 34199 -

प्रयोज्य की आयु - 24.6 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - 

प्रयोज्यका व्यवसाय  - स्कूल मे बाबू + शारीरिक शिक्षक 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आदत से छुटकारा पाना चाहता था । 

निदान - प्रयोज्य की शादी की आयु थी घर वाले शादी का दबाव देते, शादी करने का मन नहीं करता, रिश्ते की बात चलती घबराहट होती थी । क्योकि समलैंगिकता की आदत हो चुकी थी, समलैंगिकता मे आकर्षण होता था । परीक्षण मे बताया की 12 साल की आयु मे कक्षा 5 मे पढ़ता था, उस समय समान आयु के लड़के के साथ आपस मे समलैंगिक संबंध बने, फिर एक आदत बन गई थी, तीन समलैंगिक से संबंध स्थापित हुए दो समान आयु के थे, एक छ साल बड़ा था, प्रयोज्य गुदा मैथुन करता था । औरतों मे आकर्षण होता था, लड़कियो से ईच्छा होती पर मन नहीं करत था । आत्मविश्वास मे कमी आई, खेलने का मन नहीं करता, अपनी बेइज्जती होने का डर होता था, अपनी चिंता होती थी, पिता मृत्यु हो चुकी थी माता बहनों के लिए सामाजिक दायत्व इसी पर था। गुदा मैथुन करने वाले से डर लगता था की कई कोई गलत बात तो बोल नहीं दे। गुदा मैथुन करने मे रुचि रहती थी । कोई बुराई करे तो डर लगता था, शादी से डर लगता था, अलग रहने का मन करता था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य कक्षा 5 मे पढ़ता था तब गलत प्रेरणा के कारण छोटी आयु मे बाल बोध के कारण 12 वर्ष की आयु मे समलैंगिक संबंध स्थापित हो गए थे । फिए ये आदत बन गई थी, लगातार तीन व्यक्तियों से ये गुदा मैथुन करने की आदत जारी रही, शादी की आयु के समय एक सामाजिक ज़िम्मेदारी समझते अपना इलाज कराना चाहा, उपचार के समय एक बार वेश्या के पास गया असफल रहा, दुबारा कालेज की लड़की से संबंध स्थापित किए, प्रयोज्य मे 5 / 01 / 2022 को फोन से पुछने पर बताया की अप्रेल 2021 को शादी हो गई, शादी से जो डर और भ्रम था वो  दूर हो गया, अब अपने आपको पत्नी से संतुष्ट होना बताया । 

सामाजिक संदेश - जो भी व्यक्ति ये अनुसंधान पढ़ रहे सावधान हो जाए अपने बच्चो को एकांत मे जाने नही दे और सार्वजनिक खेलकुद मे भाग लेने दे । समाज मे अपने रिश्तेदार ये यहा माता पिता के साथ जाने दे । सामाजिक, संस्कृतिक वैभव की जानकारी अवश्य दे। 

परामर्श दाता 

091 98290 85951 

गुरुवार, 6 जनवरी 2022

कैसे 13 वर्ष की आयु मे समलैंगिक संबंध बने ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 08 / 12 / 20  

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 33198 

प्रयोज्य की आयु -  21 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - polytechnic 3 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक से छुटकारा पाना । 

निदान - प्रयोज्य 7-8 वर्ष का था उस समय उसके काका ने उसके साथ गुदा मैथुन कर लिया था ।  समझता नहीं था, विरोध नहीं कर सका, उस समय गुदा मैथुन करने की आदत हो गई, डेढ़ साल काका से गुदा मैथुन कराया, 30 वर्ष का एक अन्य गाँव का आदमी से डेढ वर्ष गुदा मैथुन कराया, समलैंगिकता की प्रेरणा अपने काका से मिली। समलैंगिकता मे रुचि रहती और विषम लिंग अच्छे नहीं लगते, विषम लिंग मे आकर्षण नहीं होता था । शादी करने का मन नहीं करता । आत्म विश्वास कमजोर हो गया, डर, चिंता सताती थी, एकांत मे रहने का मन करता । चिंता होती आगे क्या होगा । वीर्य रक्षा करने के बारे मे कोई जानकारी नहीं थी । बचपन मे काका का लड़का फ़्राक पहनता था तो उसको देख मेरी भी ईच्छा फ़्राक पहनने की होती थी । 12 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीख गया था । पेशाब करता तो दूसरे लड़को के लिंग से मेरे लिंग की तुलना करता तो मेरा लिंग छोटा लगता था, समान नहीं दिखने से हीनता आती थी की मेरा लिंग छोटा क्यो है। 

निष्कर्ष - प्रयोज्य की हालत दूबला और दो आषाढ़ जैसी हो गई थी । ऑनलाईन परामर्श लेने से तबीयत ठीक हुई, अब लड़किया अच्छी लगने लगी, लड़कियो मे आकर्षण होने लगा, शादी करने का मन करता परंतु अभी शादी नही करेगा, क्योकि पढ़ाई पूरी करके प्रतियोगिता परीक्षा देनी है । समलैंगिक अब अच्छे नहीं लगते, उनसे दूर रहने का मन करता है । 

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो पर विशेष पालन पोषण का ध्यान रखे, काका जैसे पवित्र रिश्तेदार हो अगर गलत कर देंगे तो बहुत गलत होता है । सामाजिक लोकलाज की शिक्षा अवश्य देनी चाहिए, बच्चे के साथ कोई गलत हरकत करे तो विरोध करना सिखाए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

मंगलवार, 4 जनवरी 2022

कैसे बाल यौन शौषण से समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य को ऑनलाइन परामर्श की दिनांक - 19 / 11 / 20  । [ अपडेट 03 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 195 । 

प्रयोज्य की आयु - 26 वर्ष । 

प्रयोज्य का व्यवसाय - सरकारी नौकरी । 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता से छुटकारा पाना चाहता । 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक मे आकर्षण होता था, प्रयोज्य शादीशुदा सरकारी नौकरी मे था, तीन साथी समान आयु, एक ही जाती संप्रदाय के थे, एक दिन अपने साथी से गुदा मैथुन करने का आग्रह किया, तो साथी ने समझाया की ये कार्य अनुचित है । फिर साथी ने ऑनलाइन समलैंगिकता का ईलाज से मेरे नंबर प्राप्त कर प्रयोज्य को दिया । प्रयोज्य ने फिर मुझ से संपर्क करके मुझे बताया की > प्रयोज्य की पढ़ाई कक्षा 2 मे पढ़ता उस समय उसकी आयु 6 / 7 वर्ष थी तब चाचा का लड़का 30 वर्ष का उसके साथ बहला फुसलाकर गुदा मैथुन किया, फिर निरंतर गुदा मैथुन करने की आदत हो गई, अब तक 10 व्यक्ति जिसमे समान आयु और कुछ बड़े आयु के व्यक्तियों से गुदा मैथुन कराया । समलैंगिकता की प्रेरणा चाचा के लड़के से मिल चुकी थी, उसी समय मौसी के लड़के से हस्त मैथुन की प्रेरणा मिल गई, हस्त मैथुन से भी चरम सुख मिलता था, शादी हो चुकी थी, चिंता और डर हमेशा लगा रहता था, इसलिए मनोचिकित्सक से आधुनिक दवाओ का उपयोग किया, दवाई चार महिना खाई, दवाई से कोई आराम नहीं मिला, दवाई खाने से सिर दर्द होता, सिर भारी होता था, आधुनिक दवाई 50 हजार की खा चुका था, क्योकि सरकारी नौकरी थी, रुपयो का अभाव नहीं था, परंतु पूरा रुपया व्यर्थ गया । पत्नी से बात करना अच्छा नहीं लगता था, चिढ़ आती थी, शक्ल अच्छी नहीं लगती । [ जब की पत्नी खूब सूरत थी, उसका फोटो मुझे कई बार बताया था । ]। बचपन मे लड़कियो के कपड़े माता पहनाती थी, बचपन मे लड़कियो वाले खेल भी खेलता था । ऑनलाईन ईलाज लेने मे शंका हुई की ये दस हजार रुपए व्यर्थ तो नहीं जाएंगे, फिर विचार किया जब 50 हजार खर्च किया तो 10 हजार की और रिस्क लेलु, ये फोन से कैसे उपचार करेंगे, आखिर विश्वास किया, और सफल उपचार हुआ । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य बचपन मे बाल यौन शौषण से पीड़ित था, अनुसंधान मे देखा गया की एक बार गुदा मैथुन होता तो गुदा मैथुन की आदत बन जाती है, प्रयोज्य बचपना से बड़े होने तक 10 व्यक्तियों से गुदा मैथुन करने का आदि हो चुका था, सरकारी नौकरी लग गई, उस समय शादी भी हो गई, परंतु अनेक प्रकार की दवाई खाने से अपनी स्त्री के साथ यौनि मैथुन करने मे असफल हुआ, अपने साथी कर्मचारी जो कमरे का साथी था, उसको गुदा मैथुन करने का आग्रह किया, उसने मना भी किया और ऑनलाइन परामर्श जो समलैंगिक का इलाज करने का ढूंढ कर मुझ तक पहुंचा जिसका फायदा इस प्रयोज्य को मिला और समलैंगिक दासता से छुटकारा मिला, उसको यथा योग्य आहार व्यवस्था बताई गई, एक महिना ऑनलाइन उपचार के समय एक बार गुदा मैथुन करने के लिए मुझ से क्षमा भी मांगी, फिर ये कभी भी गुदा मैथुन नहीं करवाया, अपनी पत्नी को अब अपनी सरकारी नौकरी पर साथ ले आया, अब अपनी पत्नी अच्छी लगती है, पत्नी से प्रेम करता है, एक वर्ष मे चार बार उसके फोन आए थे, आज संतुलित संतुष्टि पूर्वक अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक जीवन बिता रहा है, आज मैने 03 / 01 /22 को फोन करके सम्पूर्ण स्थिति का वार्तालाप किया । 

सामाजिक संदेश - सावधान अपने बच्चो की परिवार मे भरण पोषण के साथ उनकी मनोदशा का भी अध्यन करते रहे, आजकल बाल यौन शौषण बहुत हो रहे है, बच्चो को एकांत मे नहीं रहने दे, सार्वजनिक खेलकुद मे भेजे। अन्यथा समलैंगिक प्राकृतिक होता कहने वाले रुपए कमा रहे है, आग मे घी डालने और आपके बच्चे को बिगड़ने मे सहायता करने वाले गिरोह के रूप मे कमा रहे है ।   

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

अपडेट 04 / 11 / 2022

प्रयोज्य पिता बन चुका, खुशी की बात है ।

रविवार, 2 जनवरी 2022

कैसे हस्त मैथुन के कारण समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श दिनांक - 29 / 10 / 20 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण - 29190 

प्रयोज्य की आयु - 33 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा -  10 + 2 = 12 PBC 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक से छुटकारा पाना चाहता है । 

निदान - कक्षा 10 वी मे पढ़ता था, उस समय छोटे लड़को से हस्त मैथुन करने की आदत पड़ गई थी, पड़ोसी लड़को से हस्त मैथुन करवाने की आदत हो गई थी । प्रयोज्य की आयु से छोटे लड़को से हस्त मैथुन करने की आदत हो गई थी । लड़कियो मे जाने से हिचकिचाहट होती थी, लड़कियो और महिलाओ मे आकर्षण नहीं होता, 25-30 वर्ष के समलैंगिक लड़के अच्छे लगते है । 17 साल हस्त मैथुन पड़ोसी लड़को से करवाया क्योकि कोई लड़की नहीं मिलती थी । लगातार विचार आते की कोई लड़का आए और उसका लिंग पकड़ लू । 7-8 व्यक्तियों के प्रयोज्य ने भी हस्त मैथुन किया । दोस्त की प्रेरणा से हस्त मैथुन करना सीखा था । 40 दिन आयुर्वेदिक दवा खाने से स्वपन्नदोष शीघ्रपतन मे आराम मिला ।  महिला संभोग मे शीघ्रपतन का पहली बार अनुभव हुआ । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य अपने से छोटे लड़को से हस्त मैथुन करने की आदत होने के कारण, इसलिए अपनी आयु से छोटे समलैंगिक लड़के ही आकर्षण का कारण हुआ । ऑनलाईन मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने से अब तबीयत ठीक है, महिलाओ मे आकर्षण होने लगा, अब समलैंगिक अच्छे नहीं लगते । आत्मविश्वास बढ़ा, भीड़भाड़ मे अब जाने से कोई दिक्कत नहीं होती । प्रयोज्य ने बताया इस प्रकार कोई समलैंगिक हो तो मनोवैज्ञानिक परामर्श अवश्य लेना चाहिए । 

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो को कभी एकांत मे नहीं रखना चाहिए, पारिवारिक, सामाजिक ज्ञान के साथ वीर्य रक्षा के बारे मे अवश्य शिक्षा देनी चाहिए । 

परामर्श दाता 

091 98290 85951