उभयलिंग से sa छुटकारा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
उभयलिंग से sa छुटकारा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 21 जून 2023

समलैंगिक समस्या 10 - 23 - 84

10-23-84

प्रयोज्य 05 /04 / 2023  सम्पर्क किया . 

कार्यभार - खेती और कैटर्स 

आयु - 32 वर्ष  --

शादी - 

समस्या - समलैंगिक - शादी करने में रूचि नहीं . लड़की से डर लगता है . 

पहली बार गुदा मैथुन - 10 वी कक्षा में पढ़ता था. 

प्रयोज्य की उस समय 15-16 वर्ष की आयु 

यौन शोषणकारी - 20-25  लडकें 

नोट- अपनी भावी पत्नी से मिलने गया, भावी पत्नी की बड़ी बहन के घर गया, मैने गिफ्ट देने का बोला था, बल्कि 5000 रूपये की गिफ्ट में ड्रेस [ पेंट शर्ट ]  लेकर आया .  


रविवार, 18 जून 2023

समलैंगिक समस्या 07 - 23 - 81

07-23-81

प्रयोज्य 18 /03 / 2023  सम्पर्क किया . 

कार्यभार - वेल्डर 

आयु - 26 वर्ष  --

शादी - 

समस्या - समलैंगिक 

पहली बार गुदा मैथुन - कक्षा 12  में पढ़ता था . 

प्रयोज्य की उस समय 18 वर्ष लगभग .

यौन शोषणकारी - 20  वर्ष का लड़का 

आवाज दी 15 / 04 / 23 ठीक हुआ . 

शनिवार, 3 जून 2023

समलैंगिक समस्या 03-23-78

 03-23-78 

प्रयोज्य 21 /02 / 2023  सम्पर्क किया . 

कार्यभार - प्रायवेट नौकरी 

आयु - 32 वर्ष  --

शादी - 

समस्या - समलैंगिक 

पहली बार गुदा मैथुन - 5 वी कक्षा 

प्रयोज्य की उस समय 8 वी कक्षा 

यौन शोषणकारी - साथी

समलैंगिक तूफानी 


 

सोमवार, 15 मई 2023

समलैंगिक समस्या 13-22- 66

 

13-22- 66

प्रयोज्य 04 / 08 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - शादी पूर्व शूटिंग जॉब एवम् रसोया 

आयु -30 वर्ष  -

शादी -  कुवारा 

समस्या - समलैंगिक [ उभयलिंगी ] 

पहली बार गुदा मैथुन -12-14 वर्ष की आयु में. बहला फुसलाकर गुदा मैथुन किया . 

प्रयोज्य की उस समय12-14 वर्ष लगभग .

यौन शोषणकारी - पडौसी 18 वर्ष का 

अपडेट - ठीक है . 11-05-23 .

रविवार, 14 मई 2023

समलैंगिक समस्या 11-22- 65.

 11-22- 65

प्रयोज्य 18 / 07 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - गाड़ी ड्राइवर 

आयु -20 वर्ष  --

शादी -  नहीं की .

समस्या - समलैंगिक 

पहली बार गुदा मैथुन - 6 वर्ष की आयु में.

प्रयोज्य की उस समय 6 वर्ष लगभग .

यौन शोषणकारी - 4-5 बड़ा यानि 12 वर्ष का लड़का 

अपडेट - ठीक है . 11-05-23 .

शुक्रवार, 12 मई 2023

समलैंगिक समस्या 10-22- 63.

 10-22- 63

प्रयोज्य 06 / 07 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - कपड़ो का व्यापारी 

आयु -38  वर्ष  -- [ दो लड़के 10 - 7 वर्ष के ]

शादी -  शादी शुदा  [ दो लड़के 10 - 7 वर्ष के ]

समस्या - समलैंगिक [ उभयलिंगी ]. 

पहली बार गुदा मैथुन - 13- 14 वर्ष की आयु में.

प्रयोज्य की उस समय 13-14 वर्ष लगभग .

यौन शोषणकारी - 20 वर्ष का रिश्तेदार ने प्रयोज्य के बाल यौन शौषण किया. जिसके कारण समलैंगिक सबंध बनने का बाध्यकारी जूनून की आदत हो गई. बाहर जाने पर चिंता और डर लगता है. लगातार समलैंगिकता के विचार आना, अकेले में ठीक नहीं, घर में अच्छा लगता है. शादीशुदा होने के बावजूद हस्तमैथुन करता है. 


गुरुवार, 11 मई 2023

मनोवैज्ञानिक परामर्श चिकित्सा, 09-22- 62.

मनोवैज्ञानिक परामर्श चिकित्सा 

09-22- 62

प्रयोज्य 03 / 06 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - 12 

आयु -28 वर्ष  -- 

भार - खेती 

शादी -  एक डेड महीने बाद होने वाली है . 

समस्या - समलैंगिक 

पहली बार गुदा मैथुन - 13 वर्ष की आयु में.

प्रयोज्य की उस समय 13 वर्ष लगभग [ दोस्त ने जबरदस्ती हस्त मैथुन करवाया ] 

उसके दोस्त ने जिसकी आयु 20 वर्ष से अधिक [ एक बार मुख मैथुन किया ] अपने से छोटो के साथ सक्रीय 30 से 40 लडको के साथ समलैंगिक सम्बन्ध बनाये, निष्क्रिय सम्बन्ध एक बार बनाया था . 

एक महीने बाद शादी होने वाली थी . 

अपडेट 

आज 09 / 05 / 22 को बताया की एक डेड महीने बाद शादी हो गई, संतुष्टिदायक जीवनशैली से रहता हैं. 

बुधवार, 10 मई 2023

मनोवैज्ञानिक परामर्श चिकित्सा, 26-22- 61 .

 मनोवैज्ञानिक परामर्श चिकित्सा 

26-22- 61

प्रयोज्य 26 / 05 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - 12 iti 

आयु -24 वर्ष 

भार - असरकारी अध्यापक 

शादी - 12 / 05 / 22 शादीशुदा 

समस्या - समलैंगिक 

पहलीबार बार गुदा मैथुन -दो माह पूर्व गुदा मैथुन करवाया, एक बार ही करवाया . 

प्रयोज्य की उस समय 24 वर्ष लगभग 

उसके दोस्त ने जिसकी आयु 35 वर्ष . 

ज्यादातर अकेले रहना पसंद . 

16 साल की आयु में हस्त मैथुन शुरू किया . 

ऑनलाइन 8 परामर्श ही लिया, क्योकि वैवाहिक समस्या समाप्त हो गई . 

शुक्रवार, 5 मई 2023

समलैंगिक समस्या 03 / 22 / 56

मनोवैज्ञानिक परामर्श चिकित्सा 

03-22- 56

प्रयोज्य 02 / 04 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - B A  पास 

आयु - 20 वर्ष 

भार - 

शादी -

समस्या - समलैंगिक 

पहलीबार बार गुदा मैथुन - 12 वर्ष की आयु में, 

प्रयोज्य की उस समय 12 वर्ष लगभग 

उसके दोस्त ने जिसकी आयु 17-18 वर्ष . 

हस्त मैथुन शुरू किया . 14 वर्ष की आयु में 3 से 4 बार दिन में . 

15 दिन बाद गुदा मैथुन करने की याद आती तो करते थे. 

नोट- प्रयोज्य में अधुरा परामर्श लिया था . 

सोमवार, 24 अप्रैल 2023

बाल यौन शौषण समलैंगिक चिकित्सा

मनोवैज्ञानिक परामर्श चिकित्सा 
19-21,53 
प्रयोज्य 18 / 12 / 2021 सम्पर्क किया . 
कार्यभार - प्रायवेट शिक्षक 
आयु - 38 
भार - 92 किलो 
शादी - दो साल पूर्व शादी की परन्तु झगड़ालू और आलसी पत्नी मिली.
समस्या - समलैंगिक 
पहलीबार बार गुदा मैथुन - कक्षा 5 में पढता था तब .
प्रयोज्य की उस समय आय 9 से 10 वर्ष 
उसके रिश्तेदार के भाई ने जिसकी आयु 12 से 13 वर्ष . 
हस्त मैथुन कक्षा 9 से शुरू किया . 13-14 वर्ष की आयु में 3 से 4 बार दिन में . 
अब तक 15 व्यक्ति से गुदा मैथुन करवाया .  चार साल पहले तक समान आयु  के पसंद, परिस्थिति जन्य वेबसाइट से कम्पुटर से लोगों के सम्पर्क हुआ. उन लोगों से साथ सलग्न हुआ.passive प्रयोज्य का व्यक्तित्व चाकलेटी तरह का था .   
रिश्तेदारों से कुछ समय के लिए दूर रहा, इंटरनेट से दुरी . 

उपचार के दौरान 
आहार परिवर्तन से 
एक महीने में 12 किलो वजन कम हुआ .   

बुधवार, 28 दिसंबर 2022

जब आदमी अपना लिंग परिवर्तन करा सकता तो गलत अभिविन्यास को क्यों नहीं सुधार सकता है ।

 जब आदमी अपना लिंग परिवर्तन करा सकता, तो गलत अभिविन्यास को क्यों नहीं सुधार सकता है ।

गतल शिक्षा संज्ञान का अभिविन्यास को सही अभिविन्यास क्यों नहीं सुधारा जा सकता है, लोग समलैंगिकता को सिमित शब्दों में बोल भ्रम जाल फैलाया जाता है, अगर किसी किशोर के साथ बाल यौन शौषण हुआ वो भी बहला फुसलाकर फिर वह किशोर किसी को अपना यौन शोषण से पीड़ित हो निरंतर अभ्यास में रहता तो युवा होने पर शादी करना चाहता तो उसको क्यों भ्रमित किया जाता है, समलैंगिक से सम्बन्ध बनने को आदि हो चूका जो एक लत या आदत हो चुकी उसको अब इस आदत से छुटकारा चाहता है तो उसे भी वैवाहिक सुख लेने का अधिकार है, और उसके अधिकारों को क्यों रोका जाए. 

संज्ञान किसी प्रकार से कोई भी औषधि से बदला नहीं जाता बल्कि व्यवहारिक वापस संज्ञान से नई सूझ उत्त्पन की जाती है. मैथुन एक खेल जैसा है, एक मैदान में अच्छी तरह खेलता हो सकता दूसरा मैदान थोडा कठिनाई भरा हो सकता मगर उस कठिनाई को दूर करके दुसरे मैदान में भी आसानी से खेल सकता है .

चार वर्ष से बहुत युवाओं को ठीक किया जा चूका हैं, बहुत लोग आधुनिक दवाई [ मनोचिकित्सक की एलोपैथी दवाई ] छोड़ चुकें, शादी हो गई बच्चें हो गए हैं. 

समलैंगिक कब, कैसे, किसके साथ बना का अध्ययन जरुरी होता, समलैंगिक के कारणों का अध्ययन भी जरुरी हैं. 

गुरुवार, 8 दिसंबर 2022

100 % में से 60 % बहुमत के कारण 40 % लोगों को मरने छोड़ दिया जाए ?

 समलैंगिकता व्यवहारवाद है ।

जब ये व्यवहार से सिखा का सकता तो व्यवहार वाद से भुलाया भी का सकता है ।। 

व्यवहारवादियों को भी सुनना चाहिए ।।

किसी बालक किशोर 12 से 14 साल के लड़के के साथ बाल यौन शौषण पीड़ित समलैंगिक बनाया जाए तो क्या उसका शौषण होना चाहिए ?

बाल यौन शौषण पीड़ित समलैंगिक बनता तो उसको क्या उसको वापस उस सदमे से बाहर नहीं आना चाहिए ? 

समलैंगिक बनने के कारणों को नहीं मानना और नही जानना चाहिए ? 

1. S D M 5 में समलैंगिकता को हटाने की प्रक्रिया क्या थी ?

2. कब कैसे निश्चित किया की DSM 5 से समलैंगिकता नैदानिक हटाया जाए, कैसे हुआ ?

3. माना की 100 डॉक्टर साहब समित सदस्य है तो उस में से कितने डॉक्टर ने भाग लिया था ?

4. माना की 100 मेरे 60 % वोटिंग समलैंगिकता उपचार हटाने में 40 % समलैंगिकता नहीं हटाने में तो क्या 40 % रोगी को मार दिया जाए ? 

5. 60 % संख्या बल की भलाई, आनंद के दूसरो की बलि दी जाए ?

6. कोई या कुछ व्यक्ति विवादित हो सकता है या मानसिक बीमारी से पीड़ित हो सकता है क्योंकि उनकी कामुकता, और उस स्थिति का इलाज नहीं किया जा सकता ?

7. बाल यौन शौषण से समलैंगिक बनते की नहीं ये प्रयोग अपने पुत्र या परिवार के सदस्य के साथ करके देख लेना चाहिए, सच सामने आ जाएगा ।

https://en-m-wikipedia-org.translate.goog/wiki/Classification_of_mental_disorders?_x_tr_sl=en&_x_tr_tl=hi&_x_tr_hl=hi&_x_tr_pto=tc,sc

रविवार, 23 जनवरी 2022

कैसे साथी लड़के चुंबन देते थे ।

प्रयोज्य को ऑनलाइन परामर्श देने की दिनांक - 09/ 09/ 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 4914 

प्रयोज्य की आयु - 20 

प्रयोज्य की शिक्षा - 12 पास आगे पढ़ाई जारी 

निदान - प्रयोज्य कक्षा 7 मे पढ़ता उस समय साथी लड़के चुंबन दिया करते थे । फिर लगता की ये साथी किस दिया करे, यही दिमाग मे रहता था । तब से समलैंगिक मे आकर्षण होता है। परिवार मे चार भाई से छोटा था, तीन भाई प्रयोज्य से बड़े थे, परिवार मे माता को सभी कहते इस बार बेटी होगी, तो घर मे खुशी होती थी । जब प्रयोज्य पैदा हुआ तो घरवालो के लड़की नही होने पर उसको लड़की के कपड़े पहनाते थे । लड़कियो वाले काम कराते थे । अड़ोसी पड़ोसी कहते तुझे तो लड़की होना चाहिए था, स्कूल के साथ भी बोलते तुझे लड्की होना चाहिए था । टीवी पर क्राईम पेट्रोल देख कर, ईंटरनेट से समलैंगिक सेक्स सर्च करता था । शर्म बहुत आती थी, गंदे विचार आते थे, किस्से मैथुन कराऊ, चुंबन दु । लड़कियो मे आकर्षण नहीं होता था । घर से बाहर निकलने का मन नहीं करता । भाई, भूवा [ पिता की बहिन ] बताते की तुझे बचपन मे लड़कियो के पकड़े पहनाते थे । एक सप्ताह पहले दवाई खाई उससे कोई आराम नहीं मिला, फिर भी गंदे विचार आते थे । स्कूल मे सभी चिड़ाते इसलिए खेल भी नहीं खेलता । 15 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीखा था, जब हस्त मैथुन करता लड़को को याद करते करता था, एक दो बार बिस्तर पर रगड़ कर करता था । स्वपन्नदोष भी लड़के स्मरण वाले होते थे । लगातार विचार आते लोग मेरी ही बाते करते होंगे, मेरे बारे मे सोचते होंगे । ऑनलाईन परामर्श की फीस बड़े भाई ने ही दी थी । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य के परिवार मे तीन पुत्रो के बाद लड़की की आशा थी, परंतु चौथा लड़का होने पर माता की संतुष्टि के करा बाल आयु मे लड़की के कपड़े पहनाना प्रयोज्य के लिए एक मानसिकता लड़की जैसी हो गई, क्योकी घरेलू लड़कियो वाले काम करना भी एक सामाजिक संदेश भी मानसिक हो गया, स्कूल मे भी ये किसी का विरोध नहीं कर सकता क्योकि प्रयोज्य सीधा सरल व्यक्तित्व का लड़का होना का गलत संज्ञा दिमाग मे सीख गया, परिवार मे आपस मे सुबह का अभिवादन ही नहीं सीखा था, उसको सिखाया की परिवार मे अभिवादन करना तो मासी [ माता की बहिन ] हंसने लगे तो निराशा होना पाया गया। 

ऑनलाइन परामर्श लेने से अब तबीयत ठीक है । अब लडकी अच्छी लगती है, अब शादी करने का मन करता है । अब समलैंगिक अच्छे नहीं लगते । अब अच्छा लगता है, पहले डर लगता था, अब डर नहीं लगता । सामाजिक संदेश मे प्रयोज्य का कहना की मनोवैज्ञानीक परामर्श लेने से सब ठीक हो सकते है । पहले उदास रहता था, अब अच्छा लगता है । फोन से  22 / 01 / 22 को बताया अब ठीक है, पढ़ाई कर रहा हूँ । 

सामाजिक संदेश - लड़को को लड़कियो के परिधान बचपन मे नहीं पहनाना चाहिए, गलत मानसिकता हो जाती है । भारतीय जो अपने समाज मे शरीर जीते और विदेशी मानसिकता रखते तो दो राहे का मार्ग हो जाता क्योकि शरीर भारत मे दिमाग लंदन, अमेरिका मे तो द्विध्रुवी ज़िंदगी की समस्या [ bipolar ] की दिक्कत होती है । लकड़ों को साहस और शौर्य की बात सिखनी चाहिए । ब्रहमचार्य की शिक्षा अवश्य देनी चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951