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बुधवार, 17 मई 2023

समलैंगिक समस्या 1L

प्रयोज्य 011 / 09 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - विधार्थी BA 3 

आयु -17

शादी -   नहीं हुई 

समस्या - समलैंगिक 

पहली बार गुदा मैथुन - 

प्रयोज्य की उस समय - बचपन में डर चिंता सच सामने नहीं आ जाये. जब 14-15 साल की थी. 

कारण  - बचपन में माता लडको के कपडे पहनाती थी. मम्मी की इच्छा थी लडका हो, मेरे भाई नहीं था, दो बहनें मुझ से बड़ी थी. चिंता होती, पिताजी माता से रोज मारपीट करते थे. इस लिए पिताजी से डर लगता था. कक्षा 12 में पढ़ती थी, लड़की से दोस्ती हुई, दो साल दोस्ती रही, लडको के कपडे पहनती, लड़की से स्नेह मिलता था. लड़की के साथ रहने से प्यार मिलता, पिताजी पर गुस्सा होने से दूसरें आदमियों पर गुस्सा आता और व्यक्ति से नफ़रत होती थी. एकांत में ज्यादा विचार आते थे. हस्त मैथुन के भाव मन में आते पर हस्त मैथुन नहीं किया. लड़का लड़की जैसे हाथ पकड़ते वैसे पकड़ने का मन करता है. 

प्रयाप्त परिचय गलत होने के कारण से परामर्श में रूकावट करना पड़ा. 

मंगलवार, 16 मई 2023

समलैंगिक 14 -22- 67

 14 -22- 67

प्रयोज्य 01 / 09 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - सैनिक 

आयु - 28 वर्ष  --

शादी -  शादीशुदा, 1 संतान डेढ़ वर्ष 

समस्या - समलैंगिक [ उभयलिंगी ] 

पहली बार गुदा मैथुन - कक्षा 6 में पढ़ता 12-13 वर्ष की आयु में. बहला फुसलाकर गुदा मैथुन किया . 

प्रयोज्य की उस समय 12-13 वर्ष लगभग .

यौन शोषणकारी -  चचेरा भाई  27-28 वर्ष का 

अब तक 3 व्यक्ति के संपर्क में आया . 

अपडेट - ठीक है . 13-05-23 .

सोमवार, 15 मई 2023

समलैंगिक समस्या 13-22- 66

 

13-22- 66

प्रयोज्य 04 / 08 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - शादी पूर्व शूटिंग जॉब एवम् रसोया 

आयु -30 वर्ष  -

शादी -  कुवारा 

समस्या - समलैंगिक [ उभयलिंगी ] 

पहली बार गुदा मैथुन -12-14 वर्ष की आयु में. बहला फुसलाकर गुदा मैथुन किया . 

प्रयोज्य की उस समय12-14 वर्ष लगभग .

यौन शोषणकारी - पडौसी 18 वर्ष का 

अपडेट - ठीक है . 11-05-23 .

रविवार, 14 मई 2023

समलैंगिक समस्या 11-22- 65.

 11-22- 65

प्रयोज्य 18 / 07 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - गाड़ी ड्राइवर 

आयु -20 वर्ष  --

शादी -  नहीं की .

समस्या - समलैंगिक 

पहली बार गुदा मैथुन - 6 वर्ष की आयु में.

प्रयोज्य की उस समय 6 वर्ष लगभग .

यौन शोषणकारी - 4-5 बड़ा यानि 12 वर्ष का लड़का 

अपडेट - ठीक है . 11-05-23 .

मंगलवार, 9 मई 2023

दो साल बड़ा लड़का समलैंगिक सम्बन्ध बनाया .

 मनोवैज्ञानिक परामर्श चिकित्सा 

07-22- 60

प्रयोज्य 19 / 04 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार -BA पास 

आयु -36 वर्ष  -- 

भार - असरकारी अध्यापक 

शादी - 03 - 05 - 22 

समस्या - समलैंगिक 

पहलीबार बार गुदा मैथुन -14 वर्ष की आयु में, [ मुख मैथुन बलपूर्वक करवाया ]

प्रयोज्य की उस समय 14 वर्ष लगभग 

उसके दोस्त ने जिसकी आयु 16 वर्ष . 

हस्त मैथुन शुरू किया . 15 वर्ष की आयु में 

गुदा मैथुन करना और कराने की आदत - 

नोट बाईक चलाने में डर, बाजार में डर 

शनिवार, 6 मई 2023

समलैंगिक समस्या 04-22- 57

 मनोवैज्ञानिक परामर्श चिकित्सा 

04-22- 57

प्रयोज्य 09 / 04 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार - प्रायवेट नौकरी 

आयु - 23 वर्ष 

भार - 

शादी - नहीं 

समस्या - समलैंगिक 

पहलीबार बार गुदा मैथुन - 11-12 वर्ष की आयु में, 

प्रयोज्य की उस समय 12 वर्ष लगभग 

उसके दोस्त ने जिसकी आयु 18 वर्ष . गाँव का पडोसी 

हस्त मैथुन शुरू किया .13 -14 वर्ष की आयु में 3 से 4 बार दिन में 

चार पांच लोगो से गुदा मैथुन कराया था . 

मार्केट जाने में डर लगता, अकेले में डर लगता है . . 

शनिवार, 17 दिसंबर 2022

कैसे आदत अभिविन्यास पैदा किया जाता है ।

 समलैंगिकता का कारण क्या हैं ? 

समलैंगिकता का ईलाज क्यों नहीं, जब की उन लडको के साथ बाल यौन शौषण पीड़ित होने से गुदा मैथुन और मुख मैथुन करवा कर आदि बनाया गया है, समलैंगिक उपचार विरोध करने वाले आप अपने पुत्र / भाई के साथ बाल यौन शौषण का प्रयोग सिद्ध करेंगे, प्रयोग करने से ही विश्वसनीय परिणाम आते वे ही मान्य होते है । जैसे तंबाकू सेवन, गांजा सेवन, अफीम सेवन, कोकीन सेवन और चोरी करना छोटे बच्चों को सिखाया जाता वैसे ही इन आदतों को छुड़ाया भी जाता है ।

एक सममलैंगिक अभिविन्यास के बारे में नाखुश व्यक्ति विषमलैंगिक बनने के लिए उपचार की तलाश कर सकता है । तो क्या उसको क्यों रोका जाएं, उस भुगत भोगी को ही वास्तविक रूप से ज्ञात होता है की उसको कैसे यातना दे के एक अभिविन्यास पैदा किया है ।

माना की अमेरिका में ड्राइवर जिसको बाएं रास्ते ड्राइव करता क्या, वो दूसरे देश में दाएं से बाएं गाड़ी चलाना सीखेगा तो अवश्य चला सकता है, बस धैर्य और संयम रखना होगा तो लगन से आसानी से सिख सकता है जैसे उभयलिंगी अपने आप सामाजिक पारिवारिक वातावरण में रहना चाहता है, जाति धर्म सामाजिक अर्थ संयुक्त परिवार के मान मर्यादा नियमों की परिभाषा और असामाजिक परिवार में मन माने ढंग से जीने की स्वतंत्रता का कोई जाति धर्म नहीं होता इनका अध्ययन भी होना जरूरी है ।।



गुरुवार, 20 जनवरी 2022

कैसे 12 वर्ष की आयु मे गुदा मैथुन से बाल यौन शौषण हुआ ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 05 / 08 / 21 [ अपडेट 19 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 461121 

प्रयोज्य की आयु - 24 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - 12 

प्रयोज्य का कार्यभार - खेती 

वैवाहिक स्थिति - मार्च 2021 मे शादी की 

प्रयोज्य की समस्या - बाल यौन शोषण से 12 साल की आयु मे गुदा मैथुन से पीड़ित 

निदान - प्रयोज्य बाल यौन शौषण के कारण गुमशुम रहता, किसी से बात नहीं करता, मन नहीं लगता, समलैंगिकता मे रुचि से परेशान होता था, विषम लिंग मे आकर्षण नहीं होता था, प्रयोज्य की शादी मार्च 21 मे शादी हो चुकी थी । 7-8 कक्षा मे पढ़ता था उस समय पड़ोसी चाचा जिसकी आयु 40-45 वर्ष थी । पड़ोसी चाचा शादी शुदा था, दो तीन बच्चे थे, चाचा की स्त्री उसको छोड़ कर चली गई थी, फिर प्रयोज्य को बहला फुसला कर खिलौने दे कर, और डरा धमाका कर गुदा मैथुन करता था, जिसके कारण गुदा मैथुन कराने की आदत हो गई थी, इसलिए तनाव मे रहता था, एकांत अच्छा लगता था, शादी हो गई फिर लगातार विचार आते थे, की अपनी पत्नी को खुश रख पाऊँगा की नहीं । एक दूसरा अन्य व्यक्ति 18 साल का 5 साल पूर्व समलैंगिक व्यक्ति गुदा मैथुन करवाता था, वो बलपूर्वक गुदा मैथुन करवाता था। अपने पड़ौसी जो 40-45 वर्ष का था उससे समलैंगिक का ज्ञान मिला । लिंग मे तनाव लाने के लिए मेन्स्फ़ोर्स गोलिया खाई थी आराम नहीं मिला। स्वप्नदोष होता था उसको दूर करने के लिए अपनी अंगुली चबाने से स्वप्न दोष ठीक होता था । पत्नी के साथ मैथुन करते समय लिंग मे तनाव नहीं आता था । मन मे ये विचार भी आते लोग मेरी बाते करते होंगे, वे मेरे बारे मे क्या सोचते होंगे, इस प्रकार के तनाव होने से ये विचार भी आते की पत्नी छोडकर चली तो नहीं जाएगी । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य बाल यौन शौषण से पीड़ित था, दयालुता पाई गई, दूसरे परामर्श से जागरूकता बढ़ी, अब भीड़ मे जाने का डर दूर हुआ। अब आसनी से सामाजिक लोगो के साथ बैठने लगा । अपनी पत्नी से प्यार भरी बाते करता था, महिला मे आकर्षण होने लगा । अपनी पत्नी से संभोग कर लेता है। प्रयोज्य अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता है। बाल यौन शोषण के कारण गुदा मैथुन की एक आदत हो जाती है, बच्चो को बहला फुसलाकर उनके साथ बाल यौन शोषण के कारण ये प्रयोज्य परेशान था, इसको ऑनलाईन परामर्श होने के बात सभी समस्या समाप्त हो चुकी है, आज फोन 19 / 01 / 2022 से वार्तालाप से पता किया, अब अपनी पत्नी से आसानी से संभोग कर लेता है । अपने परिवार मे खुश है, मन लगाकर अपनी पिता की जमीन पर खेती कर रहा है । उसने बताया की अभी बच्चे पैदा करने का मन नहीं है । अब तबीयत अच्छी है, अब महिला मे आकर्षण होता है, पत्नी की यौनि अच्छी लगती है । बच्चा पैदा करने का मन होता परंतु अभी जल्दबाज़ी मे नहीं है । समलैंगिक अब कोई ख्याल नहीं आता, अब बुरे लगते है । गुदा मैथुन से घृणा होती है । समाज मे आना जाना अच्छा लगता है । 

सामाजिक संदेश - बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ और जब कोई शरीर पर हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप नंबर 091 98290 85951 

बुधवार, 19 जनवरी 2022

क्या 12 वर्ष ई आयु मे हस्त मैथुन करना सही है ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 26 / 07 / 21 [ अपडेट 18 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 4510 

प्रयोज्य की आयु - 18 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - BSC प्रथम वर्ष 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आकर्षण 

निदान - प्रयोज्य को 35 वर्ष से अधिक आयु पुरुष मे आकर्षण होता है । लड़कियो और महिलाओ मे कोई आकर्षण नहीं होता । शादी करने का मन नहीं करता, गुदा के विचार आते है । विचार पर नियंत्रण नहीं रहता । 12 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीखा, बिस्तर पर घर्षण करके वीर्यपात करना अच्छा लगता है । आत्मविश्वास कमजोर हो गया, डर, चिंता हमेशा लगी रहती है । एकांत अच्छा लगता है । हस्त मैथुन करने से अलौकिक आनंद आता है, अपने परिवार वालो को अपनी मानसिक समस्या को बताया, खान सर का एलजीबीटी वीडियो देखने से तनाव आ गया, पहले मन मे विचार आता की कही कोई बोल नहीं दे, अलग रहता अजीब लगता था । महिला मित्र नहीं, ताना देता, लोग मेरे बारे मे क्या सोचते के विचार आता, लोग मेरे बारे मे क्या बाते करते होंगे । 10 / 07 / 21 को बताया की चार दिन से नींद आ रही, बुरे सपने आए । अपनी समस्या बड़े भाई को बताई तो बड़े भाई ने ऑनलाईन परामर्श लेने की सलाह दी और उसने ही आपके नंबर दिये । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य मे आलसी प्रवृति पाई गई, एकांत मे रहने की प्रवृति पाई गई, निराशा के भाव पाए गए । भ्रम मे जीवन यापन हो रहा पाया गया, वहम का बोझ लेकर चलता है । नारी के आकर्षण बढ़ने की पुष्टि मिली, परंतु हट धर्मिता के कारण निरंतर बाध्यता पाई गई । तार्किक बुद्धि अच्छी पाई गई । अब तबीयत ठीक पाई गई, परंतु 40 % आकर्षण महिलाओ के प्रति पाया ये कथन प्रयोज्य के थे । आतंविश्वास 100 % अच्छा हुआ, पहले तनाव था अब ठीक हूँ, तनाव दूर हो गया । समलैंगिक इच्छा नहीं होती है । 

आज 18 / 01 / 22 को फोन से वार्तालाप करने पर बताया अब सम्पूर्ण ठीक है, एक अपनी कक्षा मे साथी लड़की को मित्र बनाया उससे दोस्ती हो गई, अच्छा लगता है । अब अच्छा लगता है अपने परिवार को आदर्श मानता है, शादी करने का मन करता, परंतु अभी सारा ध्यान पढ़ाई पर लगा रखा है । अब सब भ्रम दूर हो गए । एक दोस्त लड़की ने किस भी किया, महिला मित्र के  सेल्फी फोटो अपने दोस्तो के साथ शेयर करता हूँ । 

जब 12 साल की आयु मे अपरिपक्व लड़का हस्त मैथुन करना शूर कर देगा और निरंतर जारी रखेगा तो शारीरिक और मानसिक समस्याओ का सामना करना पड़ता है, कुछ भ्रामक वेबसाईट लड़को को गलत रास्ते ले जाते है, उनके बारे मे भी जागरूकता फैलाने की आवशयकता है । छोटी आयु मे कोई गलत देखना, सुनना के करना के प्रभाव का जीवन पर गलत जीवन शैली का विकास होता है, गलत जीवन शैली की आसानी से सुधारा जा सकता है । 

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो को भारतीय शास्त्र परंपरा का ब्रहमचर्य का ज्ञान देना आवशयक है । वीर्यवान बनो का आशीर्वाद देंना चाहिए, वीर्य संग्रह और रक्षा के बारे मे अवश्य बताना चाहिए, लड़को के निजी अंगो की रक्षा कैसे करनी की सलाह अवश्य देनी चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

मंगलवार, 18 जनवरी 2022

कैसे 13 वर्ष की आयु मे बाल यौन शौषण हुआ ?

प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 02 / 06 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 44092621

प्रयोज्य की आयु - 27 वर्ष 

प्रयोज्य का व्यवसाय - खेती 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक समस्या 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक समस्या थी, समान लड़को को देख आकर्षण होता था । महिलाओ मे कोई रुचि नहीं थी और कोई आकर्षण नहीं होता था । 13 वर्ष की आयु मे कक्षा 7 मे पढ़ता था, उस समय उससे पाँच वर्ष बड़ा दोस्त बलपूर्वक गुदा मैथुन किया, उसके बाद लड़को को देख कर गुदा मैथुन कराने का विचार आता है। एक ही लड़के के संपर्क मे आया । समलैंगिकता का ज्ञान इंटर नेट से पता चला । मैने हस्त मैथुन दोस्त से देख कर शुरू किया था । मन मे लगातार चिंता होती थी, की लोग मेरे बारे मे बाते करते होंगे,  लोग मेरे बारे मे ही विचार करते होंगे । मेरे माता पिता का क्या होगा, बीबी कैसे रहेगी । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य की बाते संदेह व्यक्त करती थी क्योकि प्रयोज्य ऑनलाइन परामर्श लेने से पहले मुझे से जिस प्रकार बात की तभी संदेह हो गया था, क्योकि प्रयोज्य मे सॉफ्ट वेयर की सहायता से आवाज बदल कर वार्तालाप की तो मैने पूछा आपकी आवाज बदली हुई क्यो है तो वो बोला मेरी आवाज पतली है। फिर ऑनलाइन परामर्श लेने के लिए आधा शुल्क जमा कराया और बोला मै गूंगा हु इसलिए आप मुझे फोन के एसएमएस जरिये चेटिंग करते ऑनलाइन परामर्श दीजिए, मैने साफ साफ मना कर दिया था आप आपका रुपया वापस लीजिए इस प्रकार की ऑनलाइन परमर्श मेरे वश का नहीं । उसके बार बार आग्रह के कारण मैने वाट्स एप पर sms कराने को बोला और उसमे एक शपथ देने को बोला था,  ये शपथ भर के भेजो तो ही आपको sms किया जाएगा । उसको बार बार लिखता रहा आप मेरे साथ छल कपट कर रहे है, आपके एकाउंट नंबर दो और रुपया वापस लो । नहीं माने जाने पर एक शपथ निम्न लिखवाई - 

मै vanktesh .........................इस बात की शपथ लेता हूँ की मेरे मोबाईल फोन नंबर 7570@@@@@0 ................के वाट्स एप नंबर एप पर ऑनलाइन परामर्श फोन की बजाय वाट्स एप चेटिंग की मांग मैने स्वयं  [ खुद ] ने की, वाट्स एप चेटिंग से जो लाभ हानी होगी उसका मै स्वयं ज़िम्मेवार होऊंगा, भविष्य मे किसी प्रकार से धोखाधड़ी या भारतीय कानून, या संघीय / प्रांतीय कानून करवाही नहीं करूंगा, इस मामले मे समलैंगिक से विषमलैंगिक होने / बनाने के ऑनलाइन परामर्श दाता श्री रघुनाथ सिंह राणावत निर्दोष रहेंगे । 

वाट्स एप पर sms का सुझाव मेरा खुद का है, मै इस बात की शपथ लेता हूँ की मै जन्म से गूंगा हूँ । गूंगा होने के कारण मेरे स्वयं के प्रस्ताव से वाट्स एप नंबर पर SMS से ऑनलाइन काउन्सलिन्ग परामर्श ले रहा हूँ, इसमे कोई भी जोखिम का मै स्वयं भागीदार रहूँगा । 

निष्कर्ष  - मुझे संदेह हो चुका था, क्योकि इसी नंबर से पूर्व मे बदली पतली आवाज मे मुझ से बात हुई थी, ये बात मैने उसको बताई की आप पहले बोलना जानते थे, अचानक गूंगे कैसे हुए, फिर भी बोला जन्म से गूंगा हूँ, और पूर्व फोन वार्तालाप जो की गई, उसकी काल रिकार्डिंग उसको भेजी तो प्रयोज्य ने बताया की मेरे फोन से मेरे दोस्त ने बात की थी । फोन सिम का लोकेशन उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दिख रहा था, उसको पुछने पर बताया की वो नागपुर से बोल रहा है । इस प्रकार धोखा से परामर्श लेना चाहा जो उसका तरीका गलत था, दूसरे नंबर पर फोन करने पर रात्री मे फोन लगता पर फोन प्राप्ति उठा नहीं रहा था, इस प्रकार से तीन ऑनलाइन SMS परामर्श लिया, फिर उसको बार बार बोला आपके रुपए वापस लेलों परंतु रुपए वापस नहीं लिया । शायद अब उसने मुझे ब्लॉक कर दिया । 

सामाजिक संदेश - व्यक्ति को चेतना अवस्था मे रहना चाहिए, चतुर और चालक घोखेबाज अपने नाटकीय तरीको से छल कपट से ठग सकते है । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

वाट्स एप - 091 98290 85951 

गुरुवार, 6 जनवरी 2022

कैसे 13 वर्ष की आयु मे समलैंगिक संबंध बने ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 08 / 12 / 20  

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 33198 

प्रयोज्य की आयु -  21 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - polytechnic 3 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक से छुटकारा पाना । 

निदान - प्रयोज्य 7-8 वर्ष का था उस समय उसके काका ने उसके साथ गुदा मैथुन कर लिया था ।  समझता नहीं था, विरोध नहीं कर सका, उस समय गुदा मैथुन करने की आदत हो गई, डेढ़ साल काका से गुदा मैथुन कराया, 30 वर्ष का एक अन्य गाँव का आदमी से डेढ वर्ष गुदा मैथुन कराया, समलैंगिकता की प्रेरणा अपने काका से मिली। समलैंगिकता मे रुचि रहती और विषम लिंग अच्छे नहीं लगते, विषम लिंग मे आकर्षण नहीं होता था । शादी करने का मन नहीं करता । आत्म विश्वास कमजोर हो गया, डर, चिंता सताती थी, एकांत मे रहने का मन करता । चिंता होती आगे क्या होगा । वीर्य रक्षा करने के बारे मे कोई जानकारी नहीं थी । बचपन मे काका का लड़का फ़्राक पहनता था तो उसको देख मेरी भी ईच्छा फ़्राक पहनने की होती थी । 12 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीख गया था । पेशाब करता तो दूसरे लड़को के लिंग से मेरे लिंग की तुलना करता तो मेरा लिंग छोटा लगता था, समान नहीं दिखने से हीनता आती थी की मेरा लिंग छोटा क्यो है। 

निष्कर्ष - प्रयोज्य की हालत दूबला और दो आषाढ़ जैसी हो गई थी । ऑनलाईन परामर्श लेने से तबीयत ठीक हुई, अब लड़किया अच्छी लगने लगी, लड़कियो मे आकर्षण होने लगा, शादी करने का मन करता परंतु अभी शादी नही करेगा, क्योकि पढ़ाई पूरी करके प्रतियोगिता परीक्षा देनी है । समलैंगिक अब अच्छे नहीं लगते, उनसे दूर रहने का मन करता है । 

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो पर विशेष पालन पोषण का ध्यान रखे, काका जैसे पवित्र रिश्तेदार हो अगर गलत कर देंगे तो बहुत गलत होता है । सामाजिक लोकलाज की शिक्षा अवश्य देनी चाहिए, बच्चे के साथ कोई गलत हरकत करे तो विरोध करना सिखाए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

मंगलवार, 4 जनवरी 2022

कैसे बाल यौन शौषण से समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य को ऑनलाइन परामर्श की दिनांक - 19 / 11 / 20  । [ अपडेट 03 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 195 । 

प्रयोज्य की आयु - 26 वर्ष । 

प्रयोज्य का व्यवसाय - सरकारी नौकरी । 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता से छुटकारा पाना चाहता । 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक मे आकर्षण होता था, प्रयोज्य शादीशुदा सरकारी नौकरी मे था, तीन साथी समान आयु, एक ही जाती संप्रदाय के थे, एक दिन अपने साथी से गुदा मैथुन करने का आग्रह किया, तो साथी ने समझाया की ये कार्य अनुचित है । फिर साथी ने ऑनलाइन समलैंगिकता का ईलाज से मेरे नंबर प्राप्त कर प्रयोज्य को दिया । प्रयोज्य ने फिर मुझ से संपर्क करके मुझे बताया की > प्रयोज्य की पढ़ाई कक्षा 2 मे पढ़ता उस समय उसकी आयु 6 / 7 वर्ष थी तब चाचा का लड़का 30 वर्ष का उसके साथ बहला फुसलाकर गुदा मैथुन किया, फिर निरंतर गुदा मैथुन करने की आदत हो गई, अब तक 10 व्यक्ति जिसमे समान आयु और कुछ बड़े आयु के व्यक्तियों से गुदा मैथुन कराया । समलैंगिकता की प्रेरणा चाचा के लड़के से मिल चुकी थी, उसी समय मौसी के लड़के से हस्त मैथुन की प्रेरणा मिल गई, हस्त मैथुन से भी चरम सुख मिलता था, शादी हो चुकी थी, चिंता और डर हमेशा लगा रहता था, इसलिए मनोचिकित्सक से आधुनिक दवाओ का उपयोग किया, दवाई चार महिना खाई, दवाई से कोई आराम नहीं मिला, दवाई खाने से सिर दर्द होता, सिर भारी होता था, आधुनिक दवाई 50 हजार की खा चुका था, क्योकि सरकारी नौकरी थी, रुपयो का अभाव नहीं था, परंतु पूरा रुपया व्यर्थ गया । पत्नी से बात करना अच्छा नहीं लगता था, चिढ़ आती थी, शक्ल अच्छी नहीं लगती । [ जब की पत्नी खूब सूरत थी, उसका फोटो मुझे कई बार बताया था । ]। बचपन मे लड़कियो के कपड़े माता पहनाती थी, बचपन मे लड़कियो वाले खेल भी खेलता था । ऑनलाईन ईलाज लेने मे शंका हुई की ये दस हजार रुपए व्यर्थ तो नहीं जाएंगे, फिर विचार किया जब 50 हजार खर्च किया तो 10 हजार की और रिस्क लेलु, ये फोन से कैसे उपचार करेंगे, आखिर विश्वास किया, और सफल उपचार हुआ । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य बचपन मे बाल यौन शौषण से पीड़ित था, अनुसंधान मे देखा गया की एक बार गुदा मैथुन होता तो गुदा मैथुन की आदत बन जाती है, प्रयोज्य बचपना से बड़े होने तक 10 व्यक्तियों से गुदा मैथुन करने का आदि हो चुका था, सरकारी नौकरी लग गई, उस समय शादी भी हो गई, परंतु अनेक प्रकार की दवाई खाने से अपनी स्त्री के साथ यौनि मैथुन करने मे असफल हुआ, अपने साथी कर्मचारी जो कमरे का साथी था, उसको गुदा मैथुन करने का आग्रह किया, उसने मना भी किया और ऑनलाइन परामर्श जो समलैंगिक का इलाज करने का ढूंढ कर मुझ तक पहुंचा जिसका फायदा इस प्रयोज्य को मिला और समलैंगिक दासता से छुटकारा मिला, उसको यथा योग्य आहार व्यवस्था बताई गई, एक महिना ऑनलाइन उपचार के समय एक बार गुदा मैथुन करने के लिए मुझ से क्षमा भी मांगी, फिर ये कभी भी गुदा मैथुन नहीं करवाया, अपनी पत्नी को अब अपनी सरकारी नौकरी पर साथ ले आया, अब अपनी पत्नी अच्छी लगती है, पत्नी से प्रेम करता है, एक वर्ष मे चार बार उसके फोन आए थे, आज संतुलित संतुष्टि पूर्वक अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक जीवन बिता रहा है, आज मैने 03 / 01 /22 को फोन करके सम्पूर्ण स्थिति का वार्तालाप किया । 

सामाजिक संदेश - सावधान अपने बच्चो की परिवार मे भरण पोषण के साथ उनकी मनोदशा का भी अध्यन करते रहे, आजकल बाल यौन शौषण बहुत हो रहे है, बच्चो को एकांत मे नहीं रहने दे, सार्वजनिक खेलकुद मे भेजे। अन्यथा समलैंगिक प्राकृतिक होता कहने वाले रुपए कमा रहे है, आग मे घी डालने और आपके बच्चे को बिगड़ने मे सहायता करने वाले गिरोह के रूप मे कमा रहे है ।   

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

अपडेट 04 / 11 / 2022

प्रयोज्य पिता बन चुका, खुशी की बात है ।

रविवार, 2 जनवरी 2022

कैसे हस्त मैथुन के कारण समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श दिनांक - 29 / 10 / 20 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण - 29190 

प्रयोज्य की आयु - 33 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा -  10 + 2 = 12 PBC 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक से छुटकारा पाना चाहता है । 

निदान - कक्षा 10 वी मे पढ़ता था, उस समय छोटे लड़को से हस्त मैथुन करने की आदत पड़ गई थी, पड़ोसी लड़को से हस्त मैथुन करवाने की आदत हो गई थी । प्रयोज्य की आयु से छोटे लड़को से हस्त मैथुन करने की आदत हो गई थी । लड़कियो मे जाने से हिचकिचाहट होती थी, लड़कियो और महिलाओ मे आकर्षण नहीं होता, 25-30 वर्ष के समलैंगिक लड़के अच्छे लगते है । 17 साल हस्त मैथुन पड़ोसी लड़को से करवाया क्योकि कोई लड़की नहीं मिलती थी । लगातार विचार आते की कोई लड़का आए और उसका लिंग पकड़ लू । 7-8 व्यक्तियों के प्रयोज्य ने भी हस्त मैथुन किया । दोस्त की प्रेरणा से हस्त मैथुन करना सीखा था । 40 दिन आयुर्वेदिक दवा खाने से स्वपन्नदोष शीघ्रपतन मे आराम मिला ।  महिला संभोग मे शीघ्रपतन का पहली बार अनुभव हुआ । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य अपने से छोटे लड़को से हस्त मैथुन करने की आदत होने के कारण, इसलिए अपनी आयु से छोटे समलैंगिक लड़के ही आकर्षण का कारण हुआ । ऑनलाईन मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने से अब तबीयत ठीक है, महिलाओ मे आकर्षण होने लगा, अब समलैंगिक अच्छे नहीं लगते । आत्मविश्वास बढ़ा, भीड़भाड़ मे अब जाने से कोई दिक्कत नहीं होती । प्रयोज्य ने बताया इस प्रकार कोई समलैंगिक हो तो मनोवैज्ञानिक परामर्श अवश्य लेना चाहिए । 

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो को कभी एकांत मे नहीं रखना चाहिए, पारिवारिक, सामाजिक ज्ञान के साथ वीर्य रक्षा के बारे मे अवश्य शिक्षा देनी चाहिए । 

परामर्श दाता 

091 98290 85951 



शनिवार, 1 जनवरी 2022

कैसे समलैंगिक अपने आपको लड़की समझता था ? ये भ्रम दूर हुआ और सामान्य होकर जीवन जी रहा है ।

प्रयोज्य के परामर्श दिनांक 27 / 10 / 20 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 28189 [ 0 8/ 0 9 /2021, ने बताया चार महिला मित्र बनाया, आराम से विषम लिंग की ज़िंदगी जी रहा है । ] 

प्रयोज्य की आयु - 19 साल 

प्रयोज्य की शिक्षा - BA  दूसरा साल । 

प्रयोज्य का कार्यभार -  विध्यार्थी । 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा । 

समस्या -- लड़की हूँ, लड़की हूँ, बाहर किसी को बताने की हिम्मत नहीं - समलैंगिक । 

नैदानिक - बाल यौन शौषण, जब14 वर्ष की आयु मे, 16 वर्ष का लड़का जिसको दोस्त मानता था, उसने प्रयोज्य के साथ गुदा मैथुन किया, नासमझ होने के कारण विरोध नहीं किया, ये समलैंगिक अभ्यास शुरू किया था । 8 लड़को से संपर्क मे रहा, आठ लड़के प्रयोज्य के साथ गुदा मैथुन करते थे । समलैंगिकता की लत लगी थी, इसमे रुचि होने से समलैंगिक व्यक्ति मे आकर्षण होता था । लड़की, स्त्री मे कोई रुचि नहीं रहती । 14 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन सीख लिया था, सारे दिन चिंता सताती थी, अपने आपको लड़की समझता था । गुस्सा आता, चिड़चिड़ा स्वभाव हो चुका था, फिर दो वर्ष पहले अपने माता पिता को समलैंगिक संबंध होने का बताया, घर वालों ने मनो चिकित्सक को दिखाया, दवाई खाने से चक्कर आते, बेहोशी रहती, आंखो पर नशा रहता था, मर्जी का मालिक समझता था। साल भर दवाई खाई पर कोई आराम नहीं मिला, फिर लिंग परिवर्तन के लिए दिल्ली दो बार गया तो सर्जन चिकित्सक बोले आयु कम है, अपने मातापिता को अभिभावक के रूप मे साथ लाओ, अन्यथा लिंग परिवर्तन नहीं होगा । तीसरी बार वापस लिंग परिवर्तन के लिए गया चिकित्सक बोला आप शादी करलों आपकी श्रीमति हस्ताक्षर कर देगी तो आपरेशन कर दूंगा, फिर अपनी पत्नी से तलाक ले लेना । थक हार के मै घर से भाग गया और पुलिस ठाने मे मुक़द्दमा दर हुआ, मेरी लोकेशन ट्रेक हो रही थी, पर मुझे मालूम नहीं था, फिर भी मै सच बोला पुलिस ने भी सच जाना, पिताजी ने आश्वाशन दिया तुम घर आ जाओ तुम जो कहोंगे वो करेंगे, तुम्हारा लिंग परिवर्तन कराएंगे। एक बार घर आ जाओ, मै घर आया, पिता बोले एक ऑनलाइन मनोवैज्ञानिक परामर्श दाता एक महीने में समलैंगिकता की आदत छुड़ा देते है, मैने कहा एक महीने मे मेरे विचार नहीं बदले तो आपको मेरा कहा मानना पड़ेगा । इस प्रकार से प्रयोज्य से संपर्क हुआ । 

प्रयोज्य के पिता ने ओंनलाईन परामर्श शुल्क जमा कराया था, आज 01 / 01 / 2022  प्रयोज्य के पिता से फोन से अपडेट हो कर ये अनुसंधान लिखा जा रहा है । प्रयोज्य से भी लगातार संपर्क मे हूँ, अब उसने चार महिला मित्र बना चुका है, आराम से अपनी बदली जीवन शैली से मस्त जी रहा है । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य ऑनलाइन परामर्श लेने से एक दम ठीक है, समलैंगिकता की आदत छुट गई, विषम लैंगिक मे आकर्षण बढ़ गया, अब विषम लिंग मे आकर्षण होता है, समलैंगिक से घ्रणा होती है, पहले शादी करने का मन नहीं करता, परंतु अब शादी करने का मन करता है, पर अभी शादी योग्य आयु नहीं, पहले पढ़ाई भी पूर्ण करनी है । अब पूर्ण आत्म विश्वास होता है, चिंता, डर मिट गए । अब तबीयत अच्छी है, अब गुदा मैथुन कराने का मन नहीं करता । समलैंगिता का प्रचार नहीं होना चाहिए ।  

सामाजिक संदेश - दो बाल किशोर को एकांत मे जाने नहीं देना चाहिए, सार्वजनिक खेलकुद मे बढ़ावा देना चाहिए, वीर्य रक्षा की शिक्षा देनी चाहिए। कोई समलैंगिक की बाते करे तो उसका विरोध करना सिखाना चाहिए । 

अनुसंधान कर्ता 

091 98290 98951 

गुरुवार, 30 दिसंबर 2021

किशोर आयु मे समलैंगिक कैसे बनते है ?

 कैसे हम आयु के किशोर अवस्था मे लैंगिक भटकाव होता है ? 

परामर्श दिनांक - 03 / 10 / 2020  [ अपडेट 29 / 12 / 2021 ]

प्रयोज्य का नाम - गोपनीयता के कारण 26185 -- । 

प्रयोज्य की आयु - 20 वर्ष । 

कार्यभार -  विधार्थी कक्षा द्वितीय वर्ष BA । 

वैवाहिक स्थिति - कुवारा । 

समस्या - समलैंगिकता से छुटकारा पाना चाहता है । 

आवश्यकता - पढ़ाई मे मन लगे और डिप्टी कलेक्टर बनने के लक्ष्य मे समलैंगिक बाधा को दूर करना । 

निदान -परामर्श के समय बताया की समलैंगिक आकर्षण से परेशान होता है । लड़की और महिला मे कोई रुचि और आकर्षण नहीं होता । जब 15 साल का था तब उससे पहले लड़कियो मे आकर्षण होता था, परंतु सहपाठी समान आयु एक दूसरे को किस करते, हमेशा साथ साथ रात्री मे सोते थे, आपस मे किस करते थे, उसी समय हस्त मैथुन करना सीख गए । दोस्तो के तीन बार गुदा मैथुन किया था ।  कक्षा 10 तक पढ़ाई मे मन लगता था, जब से दोस्तो के संपर्क आया पढ़ाई मे मन नहीं लगता । आत्म विश्वास कमजोर हो गया, शंका होने लगी की डिप्टी कलेक्टर की मेडिकल मे अयोग्य नहीं हो जाऊ । एक बार चिकित्सक के पास गया तो चिकित्सक बोले दुबले बहुत हो, प्रोटीन बाहर जा रहा है, ये बताया तो डर गया। दोस्तो के साथ सोने की ईच्छा रहती, गे से प्यार करने की ईच्छा । उसका दोस्त लड्की से प्यार करता था । प्रयोज्य हस्त मैथुन करते समय समलैंगिक की कल्पना करके हस्त मैथुन करता । 

निष्कर्ष - ऑनलाईन परामर्श का परिणाम अच्छा रहा, समलैंगिकता की मानसिकता हट गई । समलैंगिकता की आदत छुट गई, पढ़ाई मे मन लगने लगा । अभिभावक के ध्यान नहीं देने के कारण हम उम्र के लड़को के साथ मैथुन करने के गलत तरीको को अपना लिया, जिसके कारण समलैंगिकता की आदत पड़ गई, अगर प्रयोज्य को मैथुन करने को लड़की मिलती तो समलैंगिकता की लग नहीं लगती और सामान्य विषमलिंग से संभोग करने की सकारात्मक लत लग जाती । किशोर आयु मे वीर्य बनना प्राररंभ हो जाता है, इस समय ब्रहमचार्य की शिक्षा देने की आवश्यकता होती है । 

परामर्श दाता - ऑनलाइन 091 98290 85951 

सोमवार, 27 दिसंबर 2021

समलैंगिकता कैसे विकसित हुई ? 179

समलैंगिकता बाल यौन शौषण से विकसित होती है । 

परामर्श दिनांक - 22 / 08 / 20 [ अपडेट 26 / 12 / 21 फोन से ] 

नाम - गोपनीय रखने के कारण 23 / 129 

प्रयोज्य की आयु 24 वर्ष 

वैवाहिक स्थती - तलाक [ सामाजिक मे आम बात होती है ] 

समस्या - समलैंगिकता से छुटकारा चाहता है । 

आवश्यकता - वैवाहिक जीवन मधुर रहे । 

निदान - कक्षा 5 मे पढ़ता था, तत्कालीन एक गाँव का दूसरा व्यक्ति जो 24 वर्ष का था । वह एकांत मे उसका अपना लिंग प्रयोज्य के हाथ मे पकड़ता था, फिर लिंग हाथ मे हिलाने को बोलता था, युही कभी कभार ऊपर चढ़ता था। तीन वर्ष ये क्रिया चलती थी । कक्षा 8 पास करके कमाने एक राज्य से दूसरे राज्य चला गया, उस समय 14-15 वर्ष की आयु थी, कार्मिक स्थल पर एक 30 वर्ष का व्यक्ति था, वो मज़ाक मस्ती करता था, गुदा मस्ती भी करता था । एक दिन साथ साथ स्नान कर रहे थे तो उसने गुदा मस्ती करते करते, नहाते समय उसने गुदा मे अंगुली डाल दी, अपना लिंग हाथ मे दिया और फिर उसका लिंग प्रयोज्य के गुदा मे डाल दिया, और गुदा मैथुन का प्रारम्भ हो गया। फिर बहला फुसला कर लिंग हाथ मे देता और मुख मैथुन भी करावा दिया,  फिर समलैंगिकता की आदत पड़ गई ।  

बाद मे गुदा मैथुन छोड़े 5 वर्ष हो गए, शादी हो गई, साल भर पत्नी के साथ रहा, फिर कमाने जाना पड़ा चार महीने बाद वापस आता पत्नी के साथ रात्री मे एक बार आसानी से मैथुन कर लेता था, कभी एक दो दिन बाद सेक्स करता था । [ समाज मे तलाक होना आम बात होती है ] अंतिम बार सेक्स किया उस दिन असफलता मिली [ जो चिंता, तनाव से असफलता आम लोगो मे भी होता है ] तो हीनता महसूस की, लिंग मे तनाव क्यो नहीं आया, इस विचार से लगा नपुश्ङ्कता महसूस हुई । सुबह लिंग मे तनाव आता था । समलैंगिक व्यक्ति को देख लिंग मे तनाव आता था । ये समस्या किसी को नहीं बता सकता था । 

समाधान = ऑनलाइन परामर्श से समलैंगिकता के विचारो से छुटकारा मिला, एक प्रेमिका से मैथुन किया, गाँव मे लोक लाज करना किसी से सेक्स आग्रह नहीं कर सकता, अप्रेल मे वापस शादी करना है । 

सुझाव निष्कर्ष - किशोर बच्चों को बाल यौन शौषण से बचाना चाहिए, दो दोस्तो को एकांत मे रहने बैठने का अवसर नहीं देना चाहिए । सार्वजनिक खेलकुद मे प्रतियोगिता अवसर देना चाहिए, वीर पुरुषो का आदर्श, ज्ञान-विज्ञान मे शिक्षा देनी चाहिए । 


रविवार, 26 दिसंबर 2021

समलैंगिकता का सफल उपचार कैसे हुआ ?

 

समलैंगिकता कैसे विकसित हुई ?  

परामर्श दिनांक 22 / 07 / 20 [ अपडेट 26 / 12 /21 फोन लगाकर पता किया ]

नाम गोपनीय रखने के कारण 22-175

प्रयोज्य की आयु 29 वर्ष

वैवाहिक स्थती – एकल

समस्या – समलैंगिक रुझान केवल हस्त मैथुन करना । विपरीत लिंग मे रुचि नहीं ।

आवश्यकता – विपरीत लिंग मे रुचि और आकर्षण बढ़ाना ।

नैदानिक – शादी करने की इच्छा नहीं होती, समलैंगिकता मे रुचि, मित्र दूर हो तो अच्छा नहीं लगता । समलैंगिक साथी को भूल नहीं पाते, तनाव रहता है, हमेशा तनाव और चिंता सताती है ।

15 वर्ष से समस्या है, लड़को के प्रति रुझान [ आकर्षण ] रहता है । लड़की को देख कर कोई आकर्षण नहीं होता ।

समस्या कैसे विकसित हुईलगभग 14 वर्ष की आयु मे साथी समकक्ष के मिल कर एक दूसरे के लिंग पकड़ते थे फिर धीरे धीरे हस्त मैथुन करना सीख लिया । पेट के बल सोने मे दिक्कत होती थी एक बार गुदा मैथुन किया और एक बार गुदा मैथुन करवाया भी, फिर ज़्यादातर गुदा मैथुन की ईच्छा होती थी । वर्ष 2008-2012 तक बहुत बार हस्त मैथुन किया था ? आपस मे दोनों साथी समलैंगिक साथ होने मे रुचि रहती थी । दो तीन साथी भी थे सभी का एक ही समान रुचि थी, सभी का एक ही काम था । सभी आपस मे हस्त मैथुन करना होता था । वर्ष 2016 के बाद किसी से संपर्क मे नहीं आए । चिंता तनाव के साथ थकान होती थी, पेट के बल लिंग को रगड़ने से शीघ्रपतन होता था ।

ऑनलाइन परामर्श परिणाम अच्छा रहा, गलत सीखा मे सुधार हुआ, समलैंगिकता की आदत छुट गई  अभी सरकारी नौकरी की प्रतियोगिता परीक्षा दे रहा है

निष्कर्ष – सामाजिक परिवेश मे आदर्श नियम की पालना और अभिभावक का अपने औलाद के पालनपोषण मे सतर्कता नहीं होने की वजह से किशोर गलत प्रेरणा से नकारात्मक समलैंगिकता का गलत शिक्षण ले कर गलत मैथुन करना सीख लेते । फि ये एक नशे की तरह आदत पड़ जाती है।   

अभिभावकों को सुझाव किशोर बालको को बाल यौन शौषण होने से पहले ब्रहचर्य की शिक्षा अवश्य देनी चाहिए, अन्यथा वैवाहिक जीवन मे शीघ्रपतन से अशांति, कलह पैदा होते है ।

 

शनिवार, 25 दिसंबर 2021

कैसे समलैंगिक आदत बन गई ।

कैसे समलैंगिकता की आदत विकसित हुई

परामर्श दिनांक 24 / 06 / 20

नाम गोपनीय रखने के कारण माना 170

प्रयोज्य की आयु – 26

शादी होनी हें ।

समस्या समलैंगिकता का आकर्षण

आवश्यकता विषमलैंगिक आकर्षण बढ़ाना है । लड़कियो मे आकर्षण बढ़ाना है ।

समस्या समस्या घटना का समय स्कूली जीवन मे सहपाठी से स्कूल से कोई एकांत मे, घर के एकांत मे लैंगिक का खेल करते । हाई स्कूल तक सामान्य थे, कुछ नहीं हुआ, उस समय पड़ोसी अंकल अपने पास ले गए, उन्होने लिंग को चूमा, गुदा मैथुन कराए, नया अनुभव हुआ, अच्छा लगा । फिर सप्ताह मे दो बार करता था । साल भर बचने लगे, बहुत गे लड़को को किया, एक दोस्त से किया, फिर सामान्य जीवन रहा था, अचानक लड़को को किस करने का मन करता था, मुखमैथुन की ईच्छा, फिर लड़को के साथ मुखमैथुन किया, 16 से 20 लड़को को जो अच्छा लगता तब ईच्छा होती थी और शादी की बात करता तो उदासी छा जाती थी । सिर्फ लड़को की तरफ ईच्छा होना, यानि अपने दोस्तो को खोना नहीं चाहता था । तीन महीने पहले किसी ने ताना मारा गुदा मैथुन करवाता है या करता है, फिर घर बैठ कर रोना शुरू किया, डरता हूँ, संदेश होता है।

आज जूस पीते एक दोस्त ने कहा की तू गुदा मैथुन करवाता है, या करता है, तब से चिंता, डर अधिक होता है, की अपनी स्त्री के साथ संभोग कर पाऊँगा की नहीं, [ स्वयं को किन्नर होना लगा ] शंकित मन होने के कारण अंकल को बुलाया तो गुदा मैथुन करने मे असफल हुआ, फिर डेढ़ महीने बाद एक दोस्त को बुलाया और उसका पेंट खोला तो लिंग मे तनाव आया, फिर डर और चिंता दूर हो गई ।

प्रयोज्य अतिरिक्त विश्वास के कारण पूर्ण ऑनलाइन परामर्श बीच मे ही छोड़ दिया उसे लगा की वो ठीक हो गया ।

निष्कर्ष – बाल्य काल मे बच्चे गलत प्रेरणा के कारण गुमराह हो जाते है, किशोरा अवस्था मे अच्छे प्रेरणा की आवश्यकता होती है, किशोर बालक को सार्वजनिक खेलने अवश्य देना चाहिए परंतु एकांत मे कभी खेलने, रहने नहीं देना चाहिए, अच्छी प्रेरणा अवश्य दे, ताकि सकारात्मक विकास हो सके ।

शुक्रवार, 5 नवंबर 2021

समलैंगिक से विषमलैंगिक आसानी से हो सकते है ।

बचपन में बाल यौन शौषण के कारण लड़के गुदा मैथुन के आदि हो जाते है, उन पीड़ित लडको को गुदा मैथुन कराने की आदत लग जाती है । ये आदत आसानी से छुड़ाई जा सकती है ।