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गुरुवार, 29 दिसंबर 2022

अक्ल दवा खाने से नहीं आती ।

 संज्ञान और ज्ञान कोई दवा खाने से नहीं बदला जा सकता है, ये अभ्यास का विषय है । गलत संज्ञान का ज्ञान से गलत अभिविन्यास हो सकता तो सही संज्ञान का ज्ञान वापस गलत अभिविन्यास को सुधार कर ठीक किया जा सकता है । 

समलैंगिक अभिविन्यास के प्रकार 

1.1 जन्म से समलैंगिक अभिविन्यास 

1.2 जैविक असंतुलन से समलैंगिक अभिविन्यास

1.3 बाल यौन शौषण से समलैंगिक अभिविन्यास

1.4 गलत पर्यावरण से लैंगिक पहचान विकृति से समलैंगिक अभिविन्यास 

कुछ लोग केवल इतना कहते समलैंगिक अभिविन्यास का कोई उपचार या निदान नहीं । कारणो का कोई उल्लेख नहीं करता ।

जबकि ये बोला जाता की 

2.1 लिंग परिवर्तन कराया जा सकता हैं ।

2.2 परख नली शिशु पैदा किया जा सकता है ।

2.3 मैथुन क्रिया के मैथुन खिलौने खरीदे जा सकते हैं ।

परंतु गलत संज्ञान का समलैंगिक अभिविन्यास नहीं बदलना चाहिए ।

संसार में अधिकतम बाल यौन शौषण पीड़ित समलैंगिक अभिविन्यास है, ये सब व्यक्ति चाहे तो आसानी से विषम लैंगिक अभिविन्यास आसानी से पा सकते है, ये एक खोया हुआ विश्वास है, ये प्यार से आसानी से वैवाहिक जीवन शैली जी सकते है ।

मनुष्य एक हिंसक जानवर को अहिंसक बना सकता तो गलत संज्ञान को सही संज्ञान आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं ।

मैने बहुत बाल यौन शौषण पीड़ित समलैंगिक अभिविन्यास को विषम लैंगिक अभिविन्यास आसानी बनाया है ।।

बुधवार, 7 दिसंबर 2022

बाल यौन शौषण समलैंगिक समस्या .

गुदा मैथुन मुख मैथुन - मूर्त और अमूर्त में संघर्ष

बाल यौन शोषण पीड़ित समलैंगिक

मनुष्य एक सामुदायिक प्राणी हैं, संसार में 200 देश हैं, हर देश में राज्यों का समावेश हैं . हर प्रान्त में समाज और उसकी मुलभुत अवधारण हैं. सामाजिक सम्बन्ध निराकार या अमूर्त होते हैं, जो केवल अनुभव से ज्ञात होता है. एक समाज से दुसरे समाज में आश्रिता के साथ जागरूकता होती हैं. समानता और असमानता का सहयोग या असहयोग भी होता हैं.

संसार की सर्वश्रेष्ट सभ्यताओं में भारतीय सभ्यता में जीवन जीने के लिए चार आश्रम व्यवस्थाओं का विकास किया गया हैं. जिसमे जिसमें प्रथम आश्रम ब्रहमचर्य आश्रम में भूमिका पालन के साथ भूमिका वचन होता की कोई भी किशोर अवस्था में बालक बुद्दी निकाल कर ब्रहमचर्य पालन करतें शिक्षा प्राप्त करने में ध्यान लगाएगा और मैथुन प्रवृति से दूर रहेगा और वीर्य रक्षा और करेगा.

25 साल की आयु के बाद वैवाहिक जीवन में अमूर्त मैथुन करेगा जो वंश वृदि में सहायक होगा, नहीं की लैंगिक आनन्द के लिए मैथुन किया जाएगा .

विवाह धार्मिक और वर्तमान क़ानूनी वैधानिक भी है, जो सभी धर्मो में प्रचलित है.

मैथुन एक स्त्री और पुरुष को शारीरिक आवश्यकता भी और सामाजिक आवश्यकता भी है. भारतीय समाज में मैथुन पति पत्नी के रिश्तो से पारदर्शी और आदर्श में माता पिता से प्राप्त होता है. जो सामाजिक स्वीकृत व्यवहार है. वैवाहिक पति पत्नी सम्बन्ध पारिवारिक सामाजिक अलिखित मूल्यों पर निर्धारण है. पति पत्नी मैथुन अमूर्त होते है, जबकि पश्चिमी देश में पशुवत मूर्त रूप से आजकल सार्वजानिक देखने में आते है, पुरुष वेश्या का नाम अभी सुनने में नहीं आया पर आजकल कुछ समिति द्वारा संचालित दिल्ली जैसे शहरों में सुनने को आ रहा है, अश्लील साहित्य और इंटरनेट के माध्यम से नकारात्मक लैंगिक आंनद के साहित्य और वीडियो बहुत उपलब्ध है.

आधुनिक मनोविश्लेषण सिद्धात देने वाले वैज्ञानिक फ्रायड ने मन की तीन अवस्था बताई गई है. जो वर्तमान स्कुल, कालेज में पढाया जाता है, जब की 5500 पूर्व लिखित श्री मद्धभागवत गीता जैसे अनमोल शास्त्र को अनदेखा किया गया है, जिसमे पश्चिमी मनोविज्ञान खत्मः होता वहा से भारतीय मनोविज्ञान शुरू होता है.

1.       ईड – अच्छे बुरे का भेद नहीं होता, इस मन की एक ही इच्छा पूर्ति करना होता है. परिणाम के बारे में अज्ञान.

[ बाल यौन शौषण पीड़ित को भी बताया जाता जब की कारणों को कोई जानना नहीं चाहता. ये विकार समलैंगिक व्यक्ति में ब्रेनवाश करके भर दिया गया है. केवल लैंगिक आनंद को मैथुन अभिविन्यास नाम दे दिया गया जो भारतीय समाज संस्कृति के लिए घातक है. ] जो समलैंगिक किसी भी कारण से बना बस आन्नद छोड़ना नहीं चाहता, वैसे सिखा हुआ आचरण मुश्किल से छुटता है.

2.       ईगो – नैतिक अनैतिक ज्ञात लाभ हानि में भी सत्ताधारी बनने की चाहत. ज्ञात लापरवाह माना जा सकता है.

3.       सुपर इगो – प्रकास वान नैतिक मन धर्म सभ्यता, संस्कृति का ध्यान और उसको निभाना होता है.

समिति एक ऐसा संगठन है जो स्वार्थ पूर्ति के लिए बनाया जाता है. जो केवल अपने हितो को पूरा करता है, इनका उद्देश्य अपने सदस्यों सामान्य या विशेष इच्छाओं की संतुष्टि के अलावा कुछ नहीं, अगर कोई समिति के सदस्य बाल यौन शौषण पीड़ित समलैंगिकता उपचार का विरोध करते तो, अपने पुत्र भाई और परिवार के लगभग 12 वर्ष की आयु लडकें का किसी व्यस्क से बाल यौन शौषण करवा कर मुझे गलत साबित कर दे, की बाल यौन शौषण से समलैंगिक नहीं बनते.

गुरुवार, 27 जनवरी 2022

कैसे 8-10 वर्ष की आयु मे समान आयु वाले से समलैंगिक संबंध बने ?

 प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 13 / 12 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण - 521821

प्रयोज्य की आयु -  25 वर्ष 

प्रयोज्य कार्यभार - किराना का व्यापारी 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता की आदत से छुटकारा पाना 

निदान - प्रयोज्य समलैंगिकता की आदत से परेशान था । शादी करने का मन करता परंतु लड़की मे कोई आकर्षण नहीं होता । प्रयोज्य3-4 कक्षा मे पढ़ता था उस समय 8-10 वर्ष की आयु मे अपने काका के लड़के के साथ आपस मे दोनों ने एक दूसरे के साथ समलैंगिक संबंध बनाए थे । नकारात्मक विचार आते थे । डर, चिंता, तनाव हमेशा सताते थे । बाहर भीड़ वाले स्थान जाने मे डर लगता था । एकांत अच्छा लगता है, लगातार विचार आते की मै किसी काम का नहीं हूँ, घर से निकल जाना चाहिए । समलैंगिक संबंध दो तीन बार ही बनाए थे । लड़की जैसे सोचता था, लड़कियो जैसे जीवन शैली खेले थे । 14-15 साल की आयु मे हस्त मैथुन करना सीखा था । मन मे विचार आता कई कोई पूछ तो नहीं लेगा । एक स्वयं होम्योपैथी दवाई ली pulsatilla आराम नहीं मिला । दो साल पहले चिकित्सक  केलकर से तीन महिना का इलाज लिया, Qutam 25 mg, Estomin  sf tab । दवाई से अच्छा लगता था, परंतु डरता था । प्रयोज्य के एक बड़ा भाई था, दो बड़ी बहिने थी । 

इलाज पहले लेना चाहता था परंतु चिकित्सक कहा, ईलाज कहा होता मुझे मालूम नहीं था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य ऑनलाइन परामर्श लेने के बाद उसकी तबीयत ठीक है । अब लड़की और औरत अच्छी लगती है। अब समलैंगिक बुरे लगते है । अब आत्म विश्वास अच्छा, बहुत अच्छा हो गया है । अब कोई चिंता, डर, तनाव नहीं रहता । अगर कोई भी व्यक्ति संज्ञानात्मक गलत सीख लिया गया हो तो, वह एक आदत बन जाती और आदत को दवाई खाने से नहीं सुधारा जा सकता है । इसके लिए नए तरीके से वापस सीखना पड़ता है ।   

सामाजिक संदेश - अपने परिवार के बच्चो को समाज मे आना जाना रखना चाहिए, जिससे सामाजिक रीतिरिवाजों संस्कारो का ज्ञान हो सके । बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

रविवार, 23 जनवरी 2022

कैसे साथी लड़के चुंबन देते थे ।

प्रयोज्य को ऑनलाइन परामर्श देने की दिनांक - 09/ 09/ 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 4914 

प्रयोज्य की आयु - 20 

प्रयोज्य की शिक्षा - 12 पास आगे पढ़ाई जारी 

निदान - प्रयोज्य कक्षा 7 मे पढ़ता उस समय साथी लड़के चुंबन दिया करते थे । फिर लगता की ये साथी किस दिया करे, यही दिमाग मे रहता था । तब से समलैंगिक मे आकर्षण होता है। परिवार मे चार भाई से छोटा था, तीन भाई प्रयोज्य से बड़े थे, परिवार मे माता को सभी कहते इस बार बेटी होगी, तो घर मे खुशी होती थी । जब प्रयोज्य पैदा हुआ तो घरवालो के लड़की नही होने पर उसको लड़की के कपड़े पहनाते थे । लड़कियो वाले काम कराते थे । अड़ोसी पड़ोसी कहते तुझे तो लड़की होना चाहिए था, स्कूल के साथ भी बोलते तुझे लड्की होना चाहिए था । टीवी पर क्राईम पेट्रोल देख कर, ईंटरनेट से समलैंगिक सेक्स सर्च करता था । शर्म बहुत आती थी, गंदे विचार आते थे, किस्से मैथुन कराऊ, चुंबन दु । लड़कियो मे आकर्षण नहीं होता था । घर से बाहर निकलने का मन नहीं करता । भाई, भूवा [ पिता की बहिन ] बताते की तुझे बचपन मे लड़कियो के पकड़े पहनाते थे । एक सप्ताह पहले दवाई खाई उससे कोई आराम नहीं मिला, फिर भी गंदे विचार आते थे । स्कूल मे सभी चिड़ाते इसलिए खेल भी नहीं खेलता । 15 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीखा था, जब हस्त मैथुन करता लड़को को याद करते करता था, एक दो बार बिस्तर पर रगड़ कर करता था । स्वपन्नदोष भी लड़के स्मरण वाले होते थे । लगातार विचार आते लोग मेरी ही बाते करते होंगे, मेरे बारे मे सोचते होंगे । ऑनलाईन परामर्श की फीस बड़े भाई ने ही दी थी । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य के परिवार मे तीन पुत्रो के बाद लड़की की आशा थी, परंतु चौथा लड़का होने पर माता की संतुष्टि के करा बाल आयु मे लड़की के कपड़े पहनाना प्रयोज्य के लिए एक मानसिकता लड़की जैसी हो गई, क्योकी घरेलू लड़कियो वाले काम करना भी एक सामाजिक संदेश भी मानसिक हो गया, स्कूल मे भी ये किसी का विरोध नहीं कर सकता क्योकि प्रयोज्य सीधा सरल व्यक्तित्व का लड़का होना का गलत संज्ञा दिमाग मे सीख गया, परिवार मे आपस मे सुबह का अभिवादन ही नहीं सीखा था, उसको सिखाया की परिवार मे अभिवादन करना तो मासी [ माता की बहिन ] हंसने लगे तो निराशा होना पाया गया। 

ऑनलाइन परामर्श लेने से अब तबीयत ठीक है । अब लडकी अच्छी लगती है, अब शादी करने का मन करता है । अब समलैंगिक अच्छे नहीं लगते । अब अच्छा लगता है, पहले डर लगता था, अब डर नहीं लगता । सामाजिक संदेश मे प्रयोज्य का कहना की मनोवैज्ञानीक परामर्श लेने से सब ठीक हो सकते है । पहले उदास रहता था, अब अच्छा लगता है । फोन से  22 / 01 / 22 को बताया अब ठीक है, पढ़ाई कर रहा हूँ । 

सामाजिक संदेश - लड़को को लड़कियो के परिधान बचपन मे नहीं पहनाना चाहिए, गलत मानसिकता हो जाती है । भारतीय जो अपने समाज मे शरीर जीते और विदेशी मानसिकता रखते तो दो राहे का मार्ग हो जाता क्योकि शरीर भारत मे दिमाग लंदन, अमेरिका मे तो द्विध्रुवी ज़िंदगी की समस्या [ bipolar ] की दिक्कत होती है । लकड़ों को साहस और शौर्य की बात सिखनी चाहिए । ब्रहमचार्य की शिक्षा अवश्य देनी चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 


गुरुवार, 20 जनवरी 2022

कैसे 12 वर्ष की आयु मे गुदा मैथुन से बाल यौन शौषण हुआ ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 05 / 08 / 21 [ अपडेट 19 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 461121 

प्रयोज्य की आयु - 24 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - 12 

प्रयोज्य का कार्यभार - खेती 

वैवाहिक स्थिति - मार्च 2021 मे शादी की 

प्रयोज्य की समस्या - बाल यौन शोषण से 12 साल की आयु मे गुदा मैथुन से पीड़ित 

निदान - प्रयोज्य बाल यौन शौषण के कारण गुमशुम रहता, किसी से बात नहीं करता, मन नहीं लगता, समलैंगिकता मे रुचि से परेशान होता था, विषम लिंग मे आकर्षण नहीं होता था, प्रयोज्य की शादी मार्च 21 मे शादी हो चुकी थी । 7-8 कक्षा मे पढ़ता था उस समय पड़ोसी चाचा जिसकी आयु 40-45 वर्ष थी । पड़ोसी चाचा शादी शुदा था, दो तीन बच्चे थे, चाचा की स्त्री उसको छोड़ कर चली गई थी, फिर प्रयोज्य को बहला फुसला कर खिलौने दे कर, और डरा धमाका कर गुदा मैथुन करता था, जिसके कारण गुदा मैथुन कराने की आदत हो गई थी, इसलिए तनाव मे रहता था, एकांत अच्छा लगता था, शादी हो गई फिर लगातार विचार आते थे, की अपनी पत्नी को खुश रख पाऊँगा की नहीं । एक दूसरा अन्य व्यक्ति 18 साल का 5 साल पूर्व समलैंगिक व्यक्ति गुदा मैथुन करवाता था, वो बलपूर्वक गुदा मैथुन करवाता था। अपने पड़ौसी जो 40-45 वर्ष का था उससे समलैंगिक का ज्ञान मिला । लिंग मे तनाव लाने के लिए मेन्स्फ़ोर्स गोलिया खाई थी आराम नहीं मिला। स्वप्नदोष होता था उसको दूर करने के लिए अपनी अंगुली चबाने से स्वप्न दोष ठीक होता था । पत्नी के साथ मैथुन करते समय लिंग मे तनाव नहीं आता था । मन मे ये विचार भी आते लोग मेरी बाते करते होंगे, वे मेरे बारे मे क्या सोचते होंगे, इस प्रकार के तनाव होने से ये विचार भी आते की पत्नी छोडकर चली तो नहीं जाएगी । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य बाल यौन शौषण से पीड़ित था, दयालुता पाई गई, दूसरे परामर्श से जागरूकता बढ़ी, अब भीड़ मे जाने का डर दूर हुआ। अब आसनी से सामाजिक लोगो के साथ बैठने लगा । अपनी पत्नी से प्यार भरी बाते करता था, महिला मे आकर्षण होने लगा । अपनी पत्नी से संभोग कर लेता है। प्रयोज्य अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता है। बाल यौन शोषण के कारण गुदा मैथुन की एक आदत हो जाती है, बच्चो को बहला फुसलाकर उनके साथ बाल यौन शोषण के कारण ये प्रयोज्य परेशान था, इसको ऑनलाईन परामर्श होने के बात सभी समस्या समाप्त हो चुकी है, आज फोन 19 / 01 / 2022 से वार्तालाप से पता किया, अब अपनी पत्नी से आसानी से संभोग कर लेता है । अपने परिवार मे खुश है, मन लगाकर अपनी पिता की जमीन पर खेती कर रहा है । उसने बताया की अभी बच्चे पैदा करने का मन नहीं है । अब तबीयत अच्छी है, अब महिला मे आकर्षण होता है, पत्नी की यौनि अच्छी लगती है । बच्चा पैदा करने का मन होता परंतु अभी जल्दबाज़ी मे नहीं है । समलैंगिक अब कोई ख्याल नहीं आता, अब बुरे लगते है । गुदा मैथुन से घृणा होती है । समाज मे आना जाना अच्छा लगता है । 

सामाजिक संदेश - बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ और जब कोई शरीर पर हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप नंबर 091 98290 85951 

बुधवार, 19 जनवरी 2022

क्या 12 वर्ष ई आयु मे हस्त मैथुन करना सही है ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 26 / 07 / 21 [ अपडेट 18 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 4510 

प्रयोज्य की आयु - 18 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - BSC प्रथम वर्ष 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आकर्षण 

निदान - प्रयोज्य को 35 वर्ष से अधिक आयु पुरुष मे आकर्षण होता है । लड़कियो और महिलाओ मे कोई आकर्षण नहीं होता । शादी करने का मन नहीं करता, गुदा के विचार आते है । विचार पर नियंत्रण नहीं रहता । 12 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीखा, बिस्तर पर घर्षण करके वीर्यपात करना अच्छा लगता है । आत्मविश्वास कमजोर हो गया, डर, चिंता हमेशा लगी रहती है । एकांत अच्छा लगता है । हस्त मैथुन करने से अलौकिक आनंद आता है, अपने परिवार वालो को अपनी मानसिक समस्या को बताया, खान सर का एलजीबीटी वीडियो देखने से तनाव आ गया, पहले मन मे विचार आता की कही कोई बोल नहीं दे, अलग रहता अजीब लगता था । महिला मित्र नहीं, ताना देता, लोग मेरे बारे मे क्या सोचते के विचार आता, लोग मेरे बारे मे क्या बाते करते होंगे । 10 / 07 / 21 को बताया की चार दिन से नींद आ रही, बुरे सपने आए । अपनी समस्या बड़े भाई को बताई तो बड़े भाई ने ऑनलाईन परामर्श लेने की सलाह दी और उसने ही आपके नंबर दिये । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य मे आलसी प्रवृति पाई गई, एकांत मे रहने की प्रवृति पाई गई, निराशा के भाव पाए गए । भ्रम मे जीवन यापन हो रहा पाया गया, वहम का बोझ लेकर चलता है । नारी के आकर्षण बढ़ने की पुष्टि मिली, परंतु हट धर्मिता के कारण निरंतर बाध्यता पाई गई । तार्किक बुद्धि अच्छी पाई गई । अब तबीयत ठीक पाई गई, परंतु 40 % आकर्षण महिलाओ के प्रति पाया ये कथन प्रयोज्य के थे । आतंविश्वास 100 % अच्छा हुआ, पहले तनाव था अब ठीक हूँ, तनाव दूर हो गया । समलैंगिक इच्छा नहीं होती है । 

आज 18 / 01 / 22 को फोन से वार्तालाप करने पर बताया अब सम्पूर्ण ठीक है, एक अपनी कक्षा मे साथी लड़की को मित्र बनाया उससे दोस्ती हो गई, अच्छा लगता है । अब अच्छा लगता है अपने परिवार को आदर्श मानता है, शादी करने का मन करता, परंतु अभी सारा ध्यान पढ़ाई पर लगा रखा है । अब सब भ्रम दूर हो गए । एक दोस्त लड़की ने किस भी किया, महिला मित्र के  सेल्फी फोटो अपने दोस्तो के साथ शेयर करता हूँ । 

जब 12 साल की आयु मे अपरिपक्व लड़का हस्त मैथुन करना शूर कर देगा और निरंतर जारी रखेगा तो शारीरिक और मानसिक समस्याओ का सामना करना पड़ता है, कुछ भ्रामक वेबसाईट लड़को को गलत रास्ते ले जाते है, उनके बारे मे भी जागरूकता फैलाने की आवशयकता है । छोटी आयु मे कोई गलत देखना, सुनना के करना के प्रभाव का जीवन पर गलत जीवन शैली का विकास होता है, गलत जीवन शैली की आसानी से सुधारा जा सकता है । 

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो को भारतीय शास्त्र परंपरा का ब्रहमचर्य का ज्ञान देना आवशयक है । वीर्यवान बनो का आशीर्वाद देंना चाहिए, वीर्य संग्रह और रक्षा के बारे मे अवश्य बताना चाहिए, लड़को के निजी अंगो की रक्षा कैसे करनी की सलाह अवश्य देनी चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

रविवार, 16 जनवरी 2022

कैसे बाल यौन शौषण के कारण समलैंगिक सा/ उभयलिंगी बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 22 / 05 / 21  [ अपडेट 15 / 01 /22 ]

प्रयोज्य का नाम -  गोपनियता के कारण 42521 

प्रयोज्य की आयु - 23 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - BA  तृतीय वर्ष 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा [ फिर 07 / 06 / 21 को शादी शुदा होना बताया, एक दो वर्ष का लड़का ] 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक दिक्कत 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक आकर्षण होता और विषम लैंगिक मे आकर्षण नहीं होता ।  14 वर्ष की आयु मे 20 साल के एक व्यक्ति ने प्रयोज्य के साथ गुदा मैथुन किया, तब से गुदा मैथुन करने की आदत हो गई थी। प्रयोज्य के मामा के लड़के ने 14 की आयु मे हस्त मैथुन करना सिखाया, हस्त मैथुन की आदत के कारण दिन मे दो तीन बार हस्त मैथुन कर लेता है, जब भी हस्त मैथुन करता है तो समलैंगिक को याद करके करता है।  हर दम हमेशा समलैंगिक संबंध बनाने के विचार आते है। अपने अध्यापक से भी आकर्षण होता है । महिला की बाते अच्छी नहीं लगती, हर समय लड़का पटाने का मन करता है । हमेशा एक ही विचार आता है,  शादी कर भी लिया ये बात दूसरे परामर्श के दिन बताई । शादी किए 3 साल हो गए। अपनी पत्नी को अपने समलैंगिकता की आदत के बारे मे नहीं बताया । आत्म ह्त्या के विचार आते है । समलैंगिक का आकर्षण हमेशा रहता है । परामर्श के 18 दिन बाद 07/06/21 को बताया की एक लड़के से प्यार हुआ, वो लड़का पानी लेने गया वहा प्रयोज्य भी पानी लेने जाने का बहाना करके उसके पीछे गया और उसको गुदा मैथुन करने का आग्रह किया तो उसने दो-तीन थप्पड़ प्रयोज्य को मारा जिसके कारण बदले की भावना पैदा हुई, उसको भूलना नहीं चाहता, कभी ये विचार भी आते ये दूसरों को क्या बोलेगा, प्रयोज्य ने बताया की 2 साल का एक लड़का भी है । पर गुदा मैथुन और हस्त मैथुन का लगाव अत्यधिक होता है । जिस लड़के से लगाव था उसके बड़े भाई ने प्रयोज्य की माता से भी लड़ाई की बात बताई, उससे समझोता चाहता था, पर समलैंगिक आग्रह का कोई जिक्र नहीं किया । परामर्श के 27 वे दिन उसको बताया था की उसका  निर्णय क्षमता कमजोर पाई गई थी । जिस लड़के से समलैंगिक आकर्षण था उसके बड़े भाई से मित्रता थी । प्रयोज्य झूठी एक फेसबुक भी चलाता था । कुल मिलाकर पाँच व्यक्तियों से समलैंगिक संबंध बने, जिसमे 40-45 वर्ष के आयु के साथ गुदा मैथुन कराने का मन करता है । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य को छोटी आयु मे गलत आचरण के कारण गलत गुदा मैथुन करने की आदत लग गई थी । हस्त मैथुन करना एक बाध्यकारी जूजून हो चुका उसको छोड़ना नहीं चाहता था, बाल यौन शौषण के कारण एक गुदा मैथुन की लत लग गई थी, जवानी की उम्र होना और वीर्य का पर्याप्त उत्पादन होना ही दिक्कत थी, शादी शुदा भी था, एक 2 वर्ष का लड़का भी था फिर भी एक लड़के से बदले की भावना के कारण उससे ही गुदा मैथुन करवाना एक गलत नकारात्मक भी जूजून हो चुका था । प्रयोज्य की सब आदत ठीक थी पर हस्त मैथुन नहीं रोक पाना सबसे बड़ी कमजोरी पाई गई । मेरे कहे अनुसार झूठी फेसबुक चलाना बंद किया ।  

सामाजिक संदेश - समय से पहले मैथुन नहीं किया जाए और ये बात ब्रहम चार्य का आचरण की शिक्षा की आवशयकता है । हस्त मैथुन से होने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी बताना चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

शनिवार, 15 जनवरी 2022

कैसे समान आयु के लड़के से समलैंगिक संबंध बने ?

प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 20 / 05 / 2021 [ अपडेट 14 / 01 / 2022 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 410621 

प्रयोज्य की आयु - 25 वर्ष 

प्रयोज्य का व्यवसाय - स्वयं का व्यवसाय की दुकान ।

प्रयोज्य का वजन - 82 kg 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आदत से छुटकारा चाहता है । 

निदान - प्रयोज्य एक व्यवसाय परिवार से था, 25 साल की आयु मे शादी से डर लगता है, पर शादी करने का मन करता है, प्रयोज्य ने 16 साल की आयु मे अपने दोस्त के साथ गुदा मैथुन की आदत लग गई थी, इसलिए समलैंगिक मे आकर्षण होता है । भिड वाले स्थान पर जाने से आलस आता है । आलसी प्रवृति का होने के कारण काम मे रुचि नहीं होती । बचपन मे लड़की बन कर खेलने मे रुचि थी । कक्षा 10 मे पढ़ता था उस समय हस्त मैथुन करना सीखा, रोज रोज दिन मे तीन बार हस्त मैथुन की आदत हो गई, हस्त मैथुन करने के बाद नींद आ जाती है । मन मे लगातार विचार आते कई कोई बोल नहीं दे और लोग मेरे बारे मे क्या सोचते होंगे । वीर्य के बारे मे लाभ हानी जानता हु, पर हस्त मैथुन करने से रोक नहीं सकता । प्रयोज्य समय पर भी ऑनलाइन परामर्श अपने व्यस्त व्यवसाय के कारण समय नहीं निकाल पाता था । 

निष्कर्ष - ऑनलाईन परामर्श लेने से अब तबीयत ठीक है, परामर्श से फायदा हुआ, अब समलैंगिक आकर्षण नहीं होता, समलैंगिक को देखता ही नहीं, महिला की छाती अच्छी लगती है, आत्म विश्वास थोड़ा ठीक हुआ, गुदा मैथुन की अब ईच्छा नहीं होती । प्रयोज्य को अपने व्यवसाय से फुर्सत नहीं मिलती, हाल अभी जिम जाना शुरू किया था, परंतु सर्दी अधिक होने के कारण जिम जाना छोड़ दिया । प्रयोज्य का वजन ज्यादा होने से आलस आता है, शादी नहीं हुई इसलिए एक संदेह रहता शादी के बाद क्या होगा, आज 14 / 01 / 21 को अपडेट होने पर बताया की हस्त मैथुन की आदत नहीं छुट रही है । सुबह से रात्री तक अपने व्यवसाय से फुर्सत नही मिलती है । समय पर शादी होने से सारी दिक्कत भी ठीक हो जाएगी । 

सामाजिक संदेश - अभी भावक एक ही बात का ध्यान रहे अपने बाल-किशोर संतान को एकांत मे रहने नहीं दे । सार्वजनिक खेल खुद मे हिस्सेदारी अवश्य दे । ब्रहम चार्य की शिक्षा अवश्य दे । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 





शुक्रवार, 14 जनवरी 2022

कैसे समान आयु ले लड़को ने समलैंगिक बनाया ?

कैसे समान आयु ले लड़को ने समलैंगिक बनाया ? 

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 27 / 04 / 21 [ अपडेट 13 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 40050421 

प्रयोज्य की आयु - 22 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा -  b tech हिन्दी माध्यम 

प्रयोज्य का व्यवसाय - बेरोजगार 

निदान - प्रयोज्य हिन्दी माध्यम से b tech किया । महिलाओ मे आकर्षण की कमी थी, समलैंगिक बूढ़े आदमियो मे आकर्षण होता है, इसलिए पढ़ाई के बाद प्रतियोगीय परीक्षा मे मन नहीं लगता, शादी करने का मन नहीं करता,  क्योकि 19 वर्ष की समान आयु के लड़को ने जबरदस्ती से गुदा मैथुन किया और मुख मैथुन करवाया, साहस नही था इसलिए विरोध नहीं किया, अब भीड़ भाड़ जगह से थोड़ी घबराहट होती है, समलैंगिक के विचार आते की कोई मेरे गुदा मैथुन कर दे, एक लड़के से लगातार संपर्क रहा। कक्षा 11 मे पढ़ता था तब अश्लील वीडियो देख कर हस्त मैथुन सीखा था, दिन मे तीन से चार बार हस्त मैथुन करता । समलैंगिक शब्द का ज्ञान पहले नहीं था, समलैंगिक संबंध बनाने के बाद ही दोस्त ने बताया था । शर्म बहुत आती है। घबराहट होने से मन मे विचार आते की कई कोई बोल तो नही देगा या मेरे बारे मे ये लोग सोचते होंगे । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य मे रूठने की प्रवृति पाई थी, निर्णय लेने मे देरी देखि गई, थोड़ा अहंकार भी पाया गया, [ इस समय मुझे कोरोना हो गया था इसलिए ऑनलाईन परामर्श देने मे विलंब भी हुआ था प्रयोज्य को बता दिया था की मुझे बोलने मे दिक्कत हो रही थी ] ऑनलाईन परामर्श लेने के बाद अब तबीयत ठीक है, प्रयोज्य को शादी करने का मन होता है, महिलाओ मे आकर्षण होता है, समलैंगिक अब बुरे लगते है। अब आत्म विश्वास अच्छा हुआ, अब गुदा मैथुन मुख मैथुन करने की कोई ईच्छा नहीं होती, भीड़ मे जाने की थोड़ी झिझक होती है । दूसरों को संदेश देना चाहूँगा की समलैंगिकता गलत विचार है, इस प्रकार की मानसिकता का उपचार होता है । 

निष्कर्ष - बच्चो को हस्त मैथुन करने से रोकने का ज्ञान देना चाहिए, कोई लड़का अगर किसी लड़के के साथ बहला फुसला कर समलैंगिकता के संबंध बनाते है तो उसका विरोध करना सिखाना चाहिए । गुदा मैथुन, मुख मैथुन को कैसे रोके का ज्ञान समाज मे फैलना चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

व्हाट्स एप 091 98290 85951 

बुधवार, 12 जनवरी 2022

कैसे हस्त मैथुन के कारण समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 27 / 02 / 21 [ अपडेट 11 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 39270222 

प्रयोज्य की आयु - 20 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - बी ए तृतीय वर्ष 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता से छुटकारा 

निदान - प्रयोज्य ऑनलाइन परामर्श के समय कक्षा बी ए तृतीय वर्ष मे पढ़ता था, उसने बताया की समलैंगिकता मे आकर्षण होता है, विषमलिंग मे कम आकर्षण होता है। इसलिए चिंता, डर हमेशा सताता है, भीड़ वाला स्थान अच्छा नहीं लगता तीन साल पहले कक्षा 12 पास की उस समय समलैंगिकता का ज्ञान स्मार्ट फोन के इन्टरनेट से मिला । बचपन मे दीदी के कपड़े दीदी पहनाती थी । 9 वी कक्षा मे पढ़ता था उस समय अश्लील फिल्म देख कर हस्त मैथुन करना सीखा, दिन मे दो तीन बार हस्त मैथुन कभी एक बार हस्त मैथुन करता था । बचपन मे लड़कियो के साथ खेलता था । पहले सोचता था की लोग मेरे बारे क्या सोचते है, पर अब नहीं । जहा कही दो चार व्यक्तियों को देखता तो ऐसे लगता की ये मेरे बारे मे बाते करते होने । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य को ऑनलाईन परामर्श लेने के बाद मे आज 11 / 01 / 22 फोन से अपडेट हो कर पूछ की तबीयत कैसे तो बताया, तबीयत ठीक है, पिताजी का देहांत हो जाने के कारण घर चलाने का सब ज़िम्मेदारी मेरी हो चुकी है। अब महिलाओ मे आकर्षण होता है, शादी करने का मन करता है पर थोडा सा निर्णय करने मे देरी हो रही है । आत्म विश्वास बढ़ गया है । समलैंगिकता मे अब कोई रुचि नहीं । पहले से अब अच्छा लगता है । 

निष्कर्ष - किशोर अवस्था मे किशोरों की हस्त मैथुन नहीं करने की सलाह देनी चाहिए, समय से पूर्व जब कच्चा वीर्य निकाल दिया जाएगा, तो मर्द होने के प्रमाण लुप्त होंगे फिर लड़के और लड़की मे क्या अंतर रह जाएगा, मर्द की पहचान ही वीर्य होता है । कच्छी आयु मे वीर्य नष्ट नहीं करना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

मंगलवार, 11 जनवरी 2022

कैसे समलैंगिक की आदत सुधरी ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 22 / 02 / 21 [ अपडेट 08 / 09 / 21------- अपडेट 11 / 01 / 22  ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 3803 

प्रयोज्य की आयु - 20 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - 10 वी 

प्रयोज्य का व्यवसाय - निजी नौकरी 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक समस्या से छुटकारा पाना । 

निदान - प्रयोज्य निजी नौकरी करता उसको समलैंगिक आकर्षण की समस्या होती है, डर, चिंता होती और गुस्सा बहुत आता है । भीड़ भाड़ वाला स्थान अच्छा नहीं लगता, लगातार एक ही विचार आते है की लड़को से लिपटा रहु । समलैंगिक की प्रेरणा यूट्यूब से मिली लगातार यू ट्यूब देखता रहा । फिर एक जगह ईलाज कराया 5000 रुपया खर्च किया पर कोई लाभ नहीं मिला । कक्षा 8 मे पढ़ता था, उस समय 13 वर्ष की आयु थी उस समय हस्त मैथुन शुरू किया था । मन मे ये विचार आते की कई कोई कड़वी बात, बोल नही दे, जब बाहर निकलता तो ऐसा लगता की लोग मेरे बारे मे बाते करते होंगे । वीर्य की रक्षा करना, समय से पहले वीर्य खर्च नहीं करने का कोई ज्ञान नहीं था, हस्त मैथुन की आदत हो चुकी थी । प्रयोज्य जहा काम करता को एक निजी कालेज था उसमे पानी सप्लाई मोटर का संचालन करता था । आफिस मे 5 महिला कर्मी थी, उसमे से एक महिला अधिकारी के लिए घर से छाछ लाता था, बाकी महिला अधियाकरी से कभी बात नहीं होती ।  ( छोटी आयु मे इन्टरनेट से गलत संदेश, गलत शिक्षा भी मिलती है, इसके लिए नियंत्र भी आवशयक होना चाहिए । )

निष्कर्ष - प्रयोज्य मे ऑनलाईन परामर्श लेने से बहुत आराम मिला, परिवार मे बोलने का तरीका अच्छा सुधार हुआ, गुस्सा नियंत्रण मे आया, ऑनलाईन परामर्श के समय ही स्टाफ की चार महिलाए ने मुझे अपने आफिस मे बुलाया, फिर बैठा कर चाय पिलाई, पूछा तेरे मे एकदम बदलाव कैसे आया, क्योकि पहले उदास रहता और चिंता मे डूबा रहता था । एक दिन पुजा मेम [ पुजा नाम काल्पनिक है ] को मैने गिफ्ट दी तो पुजा मेम ने मुझे भी गिफ्ट दी, मेरे उनकी आंखे मे देखने पर पुजा मेम बोली मै तुझ से पटने वाली नहीं, मेरी शादी मेरे समाज मे ही होंगी, फिर मेरे दिशा निर्देश को उसको बता दिया था, तो पुजा मेम खुश हुई, पुजा मेम की शादी हो गई मै [ प्रयोज्य ] शादी मे भी गया । अब प्रयोज्य मुसकुराते अपनी निजी नौकरी करता है । मैने उसको बोला था की ओपन स्कूल से 12 कक्षा का प्रायवेट फार्म भरना और पढ़ाई करना, उस बात को मान कर अब 12 कक्षा मे पढ़ाई कर रहा है। 

प्रयोज्य अब एक दम ठीक है, अब महिलाओ मे आकर्षण होता है, उसका कहना है की "मै अब होश हवास से कह सकता हूँ, अब ठीक हूँ"। अब भीड़ से भय नहीं लगता, अच्छा लगता है, कोई तखलिफ और परेशानी नहीं, अब शादी करने का मन करता है । उसके अंतिम कथन "ठीक हो सकते है, ये आदत बन जाती है, आदत सुधारी जा सकती है"  अब ये आराम से मैदान मे खेल सकता है, पहले नहीं खेलता था । ( अपडेट - 08 / 09 / 21 बहुत अच्छा है, ऑनलाइन परामर्श का अहसान मानता है । [ अपडेट 11 / 01 /22 ]

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो को बिना शिक्षा के अलावा स्मार्ट मोबाईल पर इन्टरनेट का उपयोग लेने नहीं देना चाहिए अन्यथा बच्चो के बिगड़ने के अवसर जायदा होता है । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

What's app 091 98290 85951 

रविवार, 9 जनवरी 2022

गुदा मे बोतल डालने के परिणाम क्या होते है ?

प्रयोज्य को परामर्श देने की दिनांक - 11 / 01 / 2021 [ अपडेट 08 / 01 / 2022 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 36102 

प्रयोज्य की आयु - 29 वर्ष 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा 

प्रयोज्य का काम - कम्यूटर से बिल्डिंग के अमिनेशन 

प्रयोज्य की समस्या - बोतल से गुदा मैथुन करने के कारण अपने आप मे तनाव । 

निदान - शादी करने का कभी मन हा करता, शादी करने का मन कभी ना करता है, परीक्षण मे पाया की प्रयोज्य ने 10 वर्ष पूर्व बोतल से गुदा मैथुन किया था, उसके बाद हस्त मैथुन भी किया जिसके कारण तनाव से रहने लगा, डर, चिंता बहुत रहने लगी । बाहर जाने मे दिक्कत होती थी, घर मे रहना पसंद होता है, घर अच्छा लगता और डर नहीं लगता। बाहर निकालने पर ऐसा लगता कई कोई बोल न दे, कल्पना करता रहता है, नींद की दवाई खाने से चिंता कम होती है । ऐसा लगता है की खुद की पहचान खो गया हूँ, पहले अच्छे से बात करता था, अब गुदा ढीला हो गया ये चिंता रहती है । दो बहनो की शादी हो गई, घर वाले संदेह करते की दोस्त की वजह से मै ऐसा हो गया हूँ, भ्रम की अवस्था मे रहता हूँ, चिंता होती है, ऐसा लगता है, सब सपना है । अच्छा व्यवहार नहीं होने से मनोचिकित्सक से उपचार करवाया, विचार कम होते तो मुह मे छाले हो जाते, घर मे झगड़ा हो जाता है । महिला का पिछवाड़ा अच्छा लगता है, महिला को देखना अपराध लगता है, ऐसा सोचता हूँ की शादी के मंच पर लोग मेरी क्या बात करेंगे । कोई भी मेरी सुनता नहीं ऐसा लगता है, मै बोल रहा हूँ। 2018 मे प्रेमिका थी वो छोड़ कर चली गई, सात - आठ साल से प्रेम था। मम्मी ने मनोचिकित्स के पास उपचार के लिए ले कर गई थी । अप्रेल 2020 मे कोरोना का लॉकडाउन लगा उस समय मम्मी की म्रत्यु हो गई । दो बहने बड़ी थी शादी हो गई, बचपन मे माता बहनो के कपड़े पहना देती थी । प्रयोज्य ने 9 वी ऑनलाईन परामर्श मे बताया की प्रेमिका छोड़ कर चली गई, तो आत्म हत्या के लिए फिनेल पी लिया था । रात्री मे देरी तक मोबाईल फोन देखता था, इसलिए सुबह देरी से उठता था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य एक निश्चित दायरे मे रहने के कारण से अपने व्यक्तित्व का फ़ैसला नहीं ले सकता था । महानगर जैसे शहर का निवासी होकर एक सीमित अवसर मे ज़िंदगी जी रहा था, जीवन मे अच्छा मित्र होना भी जरूरी होता है । प्रयोज्य के पिता ग्रामीण पृष्ट भूमि से थे परंतु गाँव औए समाज से दूर हो चुके थे, शहर मे एक निश्चित दायरे मे ही रहना दुख दाई हुआ, प्रयोज्य पर दोहरी समस्या आ गई, एक प्रेमिका छोड़ कर चली गई, दुसरा लॉकडाउन मे घर मे रहना पड़ा फिर माता की मृत्यु भी चिंता की बढ़ोतरी हो गई । प्रयोज्य ठीक होना चाहता था, फिनेल पीने का अपने परिवार को नहीं बताया, ना किसी चिकित्सक को बताया, प्रेमिका छोड़ कर चली गई ये बात भी घर वालो को नहीं बताई । आज 08 / 01 /22 को फोन पर ज्ञात हुआ की वो ऑनलाईन परामर्श लेने के बात आसानी से 30 - 35 हजार महिना कमा लेता है । पिता एक प्रायवेट बैंक मे नौकरी थी, लॉकडाउन मे नौकरी भी चली गई थी, मैने एक महिना की बजाय इस को दो महिना ऑनलाईन परामर्श दिया, एक अतिरिक्त महिना मेरी तरफ से क्योकि माता थी नहीं पिता को हो घर का काम करना पड़ता था, इसकी बहन से भी संपर्क मे दिशा निर्देश दिया था । प्रयोज्य के पिता से लगातार संपर्क मे रहने से प्रयोज्य के लिए दिये गए दिशा निर्देश का पालन होता था, प्रयोज्य मे काफी सुधार आया, ऑनलाईन परामर्श के समय ही उसको भी ओंनलाइन बिल्डिंग फिल्म एमिनेशन का काम मिला जो काफी समय से बंद था। इसकी दिन चर्या भी बिगड़ी हुई थी वो अब ठीक हो चुकी है । 

सामाजिक संदेश - कमाई के लिए अपना गाँव भले छोड़ना पड़े परंतु लगातार गाँव के सामाजिक और संस्कृतिक कार्यक्रम मे अपने परिवार को जरूर ले जाना चाहिए । सामाजिक रिश्स्तेदारी सौहार्द हमेशा बनाए रखने के अदृश्य और अगिनित लाभ भी होते है । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

शनिवार, 8 जनवरी 2022

कैसे शराब के नशे मे समलैंगिक संबंध बने ?

प्रयोज्य को परामर्श की दिनांक - 28 / 12 / 20 [ वाट्स एप से अपडेट 07 / 01 / 2022 ]

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 35200 

प्रयोज्य की आयु - 28 वर्ष 

प्रयोज्य का काम - विदेश मे सफाई कर्मी 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक से छुटकारा पाना चाहता था । 

निदान - प्रयोज्य 14 वर्ष की आयु मे गलत प्रेरणा के कारण हस्त मैथुन सीख गया, ये भारतीय नागरिक नहीं था, दुबई मे नौकरी करता था, 26 वर्ष की आयु मे पाकिस्तानी सहकर्मी ने शराब पिलाकर गुदा मैथुन कर दिया, प्रयोज्य शराब के नशे मे था, दोनों अलग अलग देश ने नागरिक थे, दोनों के एक ही कंपनी मे नौकरी होने के कारण से साथ रहते थे जिसके कारण समलैंगिक संबंध बन गए, फिर एक आदत बन गई थी, उसके बाद चिंता होती थी महिलाओ मे आकर्षण नहीं होता था, समलैंगिक मे आकर्षण होता, इसलिए शादी करने का मन नहीं होता था । बोलने मे दिक्कत होती, डर लगता था, एकांत अच्छा लगता था, एकांत मे ज्यादा बैठने का दिल करता था, क्या करूंगा, कैसे करूंगा, दूसरी जगह जाऊंगा तो डर लगता था। इंटरव्यू से डर लगता था। लोगो की भीड़ से डर लगता था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य को ऑनलाईन परामर्श लेने से आराम आने लगा, व्यक्ति ठीक हो चुका, गुदा मैथुन कराना बंद कर दिया, हस्त मैथुन करना कम किया, अब अच्छा महसूस करता है, महिलाए अब अच्छी लगती है, अब सभी आँख मे आँख दल कर बात कर सकता है, पहले इधर उधर देख कर बात करता था । अब शादी करने का मन करता है, आज 07 / 01 / 2022 को दुबई वार्तालाप करके ज्ञात हुआ, अब ठीक है, दूसरी कंपनी मे सर्विस करता है, कोरोना की वजह से अपने देश नहीं जा पा रहा है। 

सामाजिक संदेश - विदेशो मे अगर कोई परिवार का सदस्य जाता है तो वासना से लिप्त व्यक्तियों के संपर्क मे नहीं आए अन्यथा एक गलत आदत मे लिप्त होने से व्यक्तित्व मे समलैंगिक समस्या से पीड़ित हो सकते है । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

शुक्रवार, 7 जनवरी 2022

कैसे गलत प्रेरणा के कारण समलैंगिक बाल यौन संबंध हुए ?

प्रयोज्य के परामर्श दिनांक - 12 / 12 /20 [ अपडेट फोन से 05/ 01 / 2022 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 34199 -

प्रयोज्य की आयु - 24.6 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - 

प्रयोज्यका व्यवसाय  - स्कूल मे बाबू + शारीरिक शिक्षक 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आदत से छुटकारा पाना चाहता था । 

निदान - प्रयोज्य की शादी की आयु थी घर वाले शादी का दबाव देते, शादी करने का मन नहीं करता, रिश्ते की बात चलती घबराहट होती थी । क्योकि समलैंगिकता की आदत हो चुकी थी, समलैंगिकता मे आकर्षण होता था । परीक्षण मे बताया की 12 साल की आयु मे कक्षा 5 मे पढ़ता था, उस समय समान आयु के लड़के के साथ आपस मे समलैंगिक संबंध बने, फिर एक आदत बन गई थी, तीन समलैंगिक से संबंध स्थापित हुए दो समान आयु के थे, एक छ साल बड़ा था, प्रयोज्य गुदा मैथुन करता था । औरतों मे आकर्षण होता था, लड़कियो से ईच्छा होती पर मन नहीं करत था । आत्मविश्वास मे कमी आई, खेलने का मन नहीं करता, अपनी बेइज्जती होने का डर होता था, अपनी चिंता होती थी, पिता मृत्यु हो चुकी थी माता बहनों के लिए सामाजिक दायत्व इसी पर था। गुदा मैथुन करने वाले से डर लगता था की कई कोई गलत बात तो बोल नहीं दे। गुदा मैथुन करने मे रुचि रहती थी । कोई बुराई करे तो डर लगता था, शादी से डर लगता था, अलग रहने का मन करता था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य कक्षा 5 मे पढ़ता था तब गलत प्रेरणा के कारण छोटी आयु मे बाल बोध के कारण 12 वर्ष की आयु मे समलैंगिक संबंध स्थापित हो गए थे । फिए ये आदत बन गई थी, लगातार तीन व्यक्तियों से ये गुदा मैथुन करने की आदत जारी रही, शादी की आयु के समय एक सामाजिक ज़िम्मेदारी समझते अपना इलाज कराना चाहा, उपचार के समय एक बार वेश्या के पास गया असफल रहा, दुबारा कालेज की लड़की से संबंध स्थापित किए, प्रयोज्य मे 5 / 01 / 2022 को फोन से पुछने पर बताया की अप्रेल 2021 को शादी हो गई, शादी से जो डर और भ्रम था वो  दूर हो गया, अब अपने आपको पत्नी से संतुष्ट होना बताया । 

सामाजिक संदेश - जो भी व्यक्ति ये अनुसंधान पढ़ रहे सावधान हो जाए अपने बच्चो को एकांत मे जाने नही दे और सार्वजनिक खेलकुद मे भाग लेने दे । समाज मे अपने रिश्तेदार ये यहा माता पिता के साथ जाने दे । सामाजिक, संस्कृतिक वैभव की जानकारी अवश्य दे। 

परामर्श दाता 

091 98290 85951 

गुरुवार, 6 जनवरी 2022

कैसे 13 वर्ष की आयु मे समलैंगिक संबंध बने ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 08 / 12 / 20  

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 33198 

प्रयोज्य की आयु -  21 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - polytechnic 3 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक से छुटकारा पाना । 

निदान - प्रयोज्य 7-8 वर्ष का था उस समय उसके काका ने उसके साथ गुदा मैथुन कर लिया था ।  समझता नहीं था, विरोध नहीं कर सका, उस समय गुदा मैथुन करने की आदत हो गई, डेढ़ साल काका से गुदा मैथुन कराया, 30 वर्ष का एक अन्य गाँव का आदमी से डेढ वर्ष गुदा मैथुन कराया, समलैंगिकता की प्रेरणा अपने काका से मिली। समलैंगिकता मे रुचि रहती और विषम लिंग अच्छे नहीं लगते, विषम लिंग मे आकर्षण नहीं होता था । शादी करने का मन नहीं करता । आत्म विश्वास कमजोर हो गया, डर, चिंता सताती थी, एकांत मे रहने का मन करता । चिंता होती आगे क्या होगा । वीर्य रक्षा करने के बारे मे कोई जानकारी नहीं थी । बचपन मे काका का लड़का फ़्राक पहनता था तो उसको देख मेरी भी ईच्छा फ़्राक पहनने की होती थी । 12 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीख गया था । पेशाब करता तो दूसरे लड़को के लिंग से मेरे लिंग की तुलना करता तो मेरा लिंग छोटा लगता था, समान नहीं दिखने से हीनता आती थी की मेरा लिंग छोटा क्यो है। 

निष्कर्ष - प्रयोज्य की हालत दूबला और दो आषाढ़ जैसी हो गई थी । ऑनलाईन परामर्श लेने से तबीयत ठीक हुई, अब लड़किया अच्छी लगने लगी, लड़कियो मे आकर्षण होने लगा, शादी करने का मन करता परंतु अभी शादी नही करेगा, क्योकि पढ़ाई पूरी करके प्रतियोगिता परीक्षा देनी है । समलैंगिक अब अच्छे नहीं लगते, उनसे दूर रहने का मन करता है । 

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो पर विशेष पालन पोषण का ध्यान रखे, काका जैसे पवित्र रिश्तेदार हो अगर गलत कर देंगे तो बहुत गलत होता है । सामाजिक लोकलाज की शिक्षा अवश्य देनी चाहिए, बच्चे के साथ कोई गलत हरकत करे तो विरोध करना सिखाए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

बुधवार, 5 जनवरी 2022

कैसे समय पर शादी नहीं होने से समलैंगिक बने ।

प्रयोज्य के ऑनलाईन परामर्श दिनांक - 28 / 11 / 20 । [ अपडेट 0 4/ 01 / 22 ]

प्रयोज्य का नाम -  गोपनीय रखने के कारण 32197 । 

प्रयोज्य की आयु - 30 वर्ष । 

प्रयोज्य की शिक्षा - 10 वी । 

प्रयोज्य का काम - दैनिक मजदूर । 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता से परेशानी । 

निदान - प्रयोज्य की आयु 16 वर्ष होने पर अपने दोस्त की प्रेरणा से हस्त मैथुन शुरू किया था, दिन मे कभी दो बार कभी एक बार रोज हस्त मैथुन करता था, और ये हस्त मैथुन लगातार जारी है। जब 28 की आयु होने पर समान आयु के पड़ौसी गाँव के लड़के से दोनों ने आपस मे मिलकर एक दूसरे के गुदा मैथुन किया, फिर ये एक आदत बन गई फिर दो वर्ष लगातार समलैंगिकता का संबंध बना रहा, आपस मे गुदा मैथुन 2 से 5 मिंट आराम से कर लेते थे ।  भीड़ मे जाने का मन नहीं करता एकांत अच्छा लगता था । घर मे काका को लगा की उसका भतीज नपुसंक हो गया है । फिर तहसील के चिकित्सक को दिखाया की लिंग मे जोश नहीं आता, आधुनिक अग्रेजी दवाई लिखी परंतु उससे आराम नहीं मिला । महिलाओ से नजर नहीं मिला सकता था, शर्म आती थी । वीर्य की रक्षा करनी चाहिए का ध्यान नहीं था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य कम आयु मे अधिक हस्त मैथुन करने से, एकांत मे और शीघ्रता से करने के कारण एक शर्म और डर बैठ गया था । ऑनलाइन परामर्श लेने के कारण अब तबीयत थी है, महिलाए अब अच्छी लगने लगी, लड़कियो मे आकर्षण होता है, दिनांक 08 /09 / 21 अपडेट होने पर बताया की अब लड़की को देख कर लिंग मे तनाव आता है और एक लड़की से प्रेम हुआ और उसके साथ संभोग किया। समय पर शादी नहीं होने के कारण निष्कर्ष निकाला की एक हस्त मैथुन अल्प आयु मे शुरू होने के साथ युवा आयु मे समलैंगिक संबंध बनाना एक मजबूरी हो गई, क्योकि गाँव मे किसी गैर लड्की के साथ सहवास नहीं कर सकते थे । 

सामाजिक संदेश - माता पिता को चाहिए की जवान होने पर अपने बेटे - बेटी की समय पर शादी कर देनी चाहिए ।जिस प्रकार इस प्रयोज्य लड़के की समय पर शादी नहीं होने के कारण अपने समान आयु के लड़के के साथ आपस मे एक दूसरे के गुदा मैथुन कर लिया था, फिर ये एक आदत हो गई । कुछ लोग आजकल दूसरे के बेटे बेटियो को बिगड़ने मे सहायता कर रहे है, क्योकि बिगाड़ने मे भी उनको रुपया मिल रहा है ।  

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

मंगलवार, 4 जनवरी 2022

कैसे बाल यौन शौषण से समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य को ऑनलाइन परामर्श की दिनांक - 19 / 11 / 20  । [ अपडेट 03 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 195 । 

प्रयोज्य की आयु - 26 वर्ष । 

प्रयोज्य का व्यवसाय - सरकारी नौकरी । 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता से छुटकारा पाना चाहता । 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक मे आकर्षण होता था, प्रयोज्य शादीशुदा सरकारी नौकरी मे था, तीन साथी समान आयु, एक ही जाती संप्रदाय के थे, एक दिन अपने साथी से गुदा मैथुन करने का आग्रह किया, तो साथी ने समझाया की ये कार्य अनुचित है । फिर साथी ने ऑनलाइन समलैंगिकता का ईलाज से मेरे नंबर प्राप्त कर प्रयोज्य को दिया । प्रयोज्य ने फिर मुझ से संपर्क करके मुझे बताया की > प्रयोज्य की पढ़ाई कक्षा 2 मे पढ़ता उस समय उसकी आयु 6 / 7 वर्ष थी तब चाचा का लड़का 30 वर्ष का उसके साथ बहला फुसलाकर गुदा मैथुन किया, फिर निरंतर गुदा मैथुन करने की आदत हो गई, अब तक 10 व्यक्ति जिसमे समान आयु और कुछ बड़े आयु के व्यक्तियों से गुदा मैथुन कराया । समलैंगिकता की प्रेरणा चाचा के लड़के से मिल चुकी थी, उसी समय मौसी के लड़के से हस्त मैथुन की प्रेरणा मिल गई, हस्त मैथुन से भी चरम सुख मिलता था, शादी हो चुकी थी, चिंता और डर हमेशा लगा रहता था, इसलिए मनोचिकित्सक से आधुनिक दवाओ का उपयोग किया, दवाई चार महिना खाई, दवाई से कोई आराम नहीं मिला, दवाई खाने से सिर दर्द होता, सिर भारी होता था, आधुनिक दवाई 50 हजार की खा चुका था, क्योकि सरकारी नौकरी थी, रुपयो का अभाव नहीं था, परंतु पूरा रुपया व्यर्थ गया । पत्नी से बात करना अच्छा नहीं लगता था, चिढ़ आती थी, शक्ल अच्छी नहीं लगती । [ जब की पत्नी खूब सूरत थी, उसका फोटो मुझे कई बार बताया था । ]। बचपन मे लड़कियो के कपड़े माता पहनाती थी, बचपन मे लड़कियो वाले खेल भी खेलता था । ऑनलाईन ईलाज लेने मे शंका हुई की ये दस हजार रुपए व्यर्थ तो नहीं जाएंगे, फिर विचार किया जब 50 हजार खर्च किया तो 10 हजार की और रिस्क लेलु, ये फोन से कैसे उपचार करेंगे, आखिर विश्वास किया, और सफल उपचार हुआ । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य बचपन मे बाल यौन शौषण से पीड़ित था, अनुसंधान मे देखा गया की एक बार गुदा मैथुन होता तो गुदा मैथुन की आदत बन जाती है, प्रयोज्य बचपना से बड़े होने तक 10 व्यक्तियों से गुदा मैथुन करने का आदि हो चुका था, सरकारी नौकरी लग गई, उस समय शादी भी हो गई, परंतु अनेक प्रकार की दवाई खाने से अपनी स्त्री के साथ यौनि मैथुन करने मे असफल हुआ, अपने साथी कर्मचारी जो कमरे का साथी था, उसको गुदा मैथुन करने का आग्रह किया, उसने मना भी किया और ऑनलाइन परामर्श जो समलैंगिक का इलाज करने का ढूंढ कर मुझ तक पहुंचा जिसका फायदा इस प्रयोज्य को मिला और समलैंगिक दासता से छुटकारा मिला, उसको यथा योग्य आहार व्यवस्था बताई गई, एक महिना ऑनलाइन उपचार के समय एक बार गुदा मैथुन करने के लिए मुझ से क्षमा भी मांगी, फिर ये कभी भी गुदा मैथुन नहीं करवाया, अपनी पत्नी को अब अपनी सरकारी नौकरी पर साथ ले आया, अब अपनी पत्नी अच्छी लगती है, पत्नी से प्रेम करता है, एक वर्ष मे चार बार उसके फोन आए थे, आज संतुलित संतुष्टि पूर्वक अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक जीवन बिता रहा है, आज मैने 03 / 01 /22 को फोन करके सम्पूर्ण स्थिति का वार्तालाप किया । 

सामाजिक संदेश - सावधान अपने बच्चो की परिवार मे भरण पोषण के साथ उनकी मनोदशा का भी अध्यन करते रहे, आजकल बाल यौन शौषण बहुत हो रहे है, बच्चो को एकांत मे नहीं रहने दे, सार्वजनिक खेलकुद मे भेजे। अन्यथा समलैंगिक प्राकृतिक होता कहने वाले रुपए कमा रहे है, आग मे घी डालने और आपके बच्चे को बिगड़ने मे सहायता करने वाले गिरोह के रूप मे कमा रहे है ।   

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

अपडेट 04 / 11 / 2022

प्रयोज्य पिता बन चुका, खुशी की बात है ।

रविवार, 2 जनवरी 2022

कैसे हस्त मैथुन के कारण समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श दिनांक - 29 / 10 / 20 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण - 29190 

प्रयोज्य की आयु - 33 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा -  10 + 2 = 12 PBC 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक से छुटकारा पाना चाहता है । 

निदान - कक्षा 10 वी मे पढ़ता था, उस समय छोटे लड़को से हस्त मैथुन करने की आदत पड़ गई थी, पड़ोसी लड़को से हस्त मैथुन करवाने की आदत हो गई थी । प्रयोज्य की आयु से छोटे लड़को से हस्त मैथुन करने की आदत हो गई थी । लड़कियो मे जाने से हिचकिचाहट होती थी, लड़कियो और महिलाओ मे आकर्षण नहीं होता, 25-30 वर्ष के समलैंगिक लड़के अच्छे लगते है । 17 साल हस्त मैथुन पड़ोसी लड़को से करवाया क्योकि कोई लड़की नहीं मिलती थी । लगातार विचार आते की कोई लड़का आए और उसका लिंग पकड़ लू । 7-8 व्यक्तियों के प्रयोज्य ने भी हस्त मैथुन किया । दोस्त की प्रेरणा से हस्त मैथुन करना सीखा था । 40 दिन आयुर्वेदिक दवा खाने से स्वपन्नदोष शीघ्रपतन मे आराम मिला ।  महिला संभोग मे शीघ्रपतन का पहली बार अनुभव हुआ । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य अपने से छोटे लड़को से हस्त मैथुन करने की आदत होने के कारण, इसलिए अपनी आयु से छोटे समलैंगिक लड़के ही आकर्षण का कारण हुआ । ऑनलाईन मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने से अब तबीयत ठीक है, महिलाओ मे आकर्षण होने लगा, अब समलैंगिक अच्छे नहीं लगते । आत्मविश्वास बढ़ा, भीड़भाड़ मे अब जाने से कोई दिक्कत नहीं होती । प्रयोज्य ने बताया इस प्रकार कोई समलैंगिक हो तो मनोवैज्ञानिक परामर्श अवश्य लेना चाहिए । 

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो को कभी एकांत मे नहीं रखना चाहिए, पारिवारिक, सामाजिक ज्ञान के साथ वीर्य रक्षा के बारे मे अवश्य शिक्षा देनी चाहिए । 

परामर्श दाता 

091 98290 85951 



शनिवार, 1 जनवरी 2022

कैसे समलैंगिक अपने आपको लड़की समझता था ? ये भ्रम दूर हुआ और सामान्य होकर जीवन जी रहा है ।

प्रयोज्य के परामर्श दिनांक 27 / 10 / 20 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 28189 [ 0 8/ 0 9 /2021, ने बताया चार महिला मित्र बनाया, आराम से विषम लिंग की ज़िंदगी जी रहा है । ] 

प्रयोज्य की आयु - 19 साल 

प्रयोज्य की शिक्षा - BA  दूसरा साल । 

प्रयोज्य का कार्यभार -  विध्यार्थी । 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा । 

समस्या -- लड़की हूँ, लड़की हूँ, बाहर किसी को बताने की हिम्मत नहीं - समलैंगिक । 

नैदानिक - बाल यौन शौषण, जब14 वर्ष की आयु मे, 16 वर्ष का लड़का जिसको दोस्त मानता था, उसने प्रयोज्य के साथ गुदा मैथुन किया, नासमझ होने के कारण विरोध नहीं किया, ये समलैंगिक अभ्यास शुरू किया था । 8 लड़को से संपर्क मे रहा, आठ लड़के प्रयोज्य के साथ गुदा मैथुन करते थे । समलैंगिकता की लत लगी थी, इसमे रुचि होने से समलैंगिक व्यक्ति मे आकर्षण होता था । लड़की, स्त्री मे कोई रुचि नहीं रहती । 14 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन सीख लिया था, सारे दिन चिंता सताती थी, अपने आपको लड़की समझता था । गुस्सा आता, चिड़चिड़ा स्वभाव हो चुका था, फिर दो वर्ष पहले अपने माता पिता को समलैंगिक संबंध होने का बताया, घर वालों ने मनो चिकित्सक को दिखाया, दवाई खाने से चक्कर आते, बेहोशी रहती, आंखो पर नशा रहता था, मर्जी का मालिक समझता था। साल भर दवाई खाई पर कोई आराम नहीं मिला, फिर लिंग परिवर्तन के लिए दिल्ली दो बार गया तो सर्जन चिकित्सक बोले आयु कम है, अपने मातापिता को अभिभावक के रूप मे साथ लाओ, अन्यथा लिंग परिवर्तन नहीं होगा । तीसरी बार वापस लिंग परिवर्तन के लिए गया चिकित्सक बोला आप शादी करलों आपकी श्रीमति हस्ताक्षर कर देगी तो आपरेशन कर दूंगा, फिर अपनी पत्नी से तलाक ले लेना । थक हार के मै घर से भाग गया और पुलिस ठाने मे मुक़द्दमा दर हुआ, मेरी लोकेशन ट्रेक हो रही थी, पर मुझे मालूम नहीं था, फिर भी मै सच बोला पुलिस ने भी सच जाना, पिताजी ने आश्वाशन दिया तुम घर आ जाओ तुम जो कहोंगे वो करेंगे, तुम्हारा लिंग परिवर्तन कराएंगे। एक बार घर आ जाओ, मै घर आया, पिता बोले एक ऑनलाइन मनोवैज्ञानिक परामर्श दाता एक महीने में समलैंगिकता की आदत छुड़ा देते है, मैने कहा एक महीने मे मेरे विचार नहीं बदले तो आपको मेरा कहा मानना पड़ेगा । इस प्रकार से प्रयोज्य से संपर्क हुआ । 

प्रयोज्य के पिता ने ओंनलाईन परामर्श शुल्क जमा कराया था, आज 01 / 01 / 2022  प्रयोज्य के पिता से फोन से अपडेट हो कर ये अनुसंधान लिखा जा रहा है । प्रयोज्य से भी लगातार संपर्क मे हूँ, अब उसने चार महिला मित्र बना चुका है, आराम से अपनी बदली जीवन शैली से मस्त जी रहा है । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य ऑनलाइन परामर्श लेने से एक दम ठीक है, समलैंगिकता की आदत छुट गई, विषम लैंगिक मे आकर्षण बढ़ गया, अब विषम लिंग मे आकर्षण होता है, समलैंगिक से घ्रणा होती है, पहले शादी करने का मन नहीं करता, परंतु अब शादी करने का मन करता है, पर अभी शादी योग्य आयु नहीं, पहले पढ़ाई भी पूर्ण करनी है । अब पूर्ण आत्म विश्वास होता है, चिंता, डर मिट गए । अब तबीयत अच्छी है, अब गुदा मैथुन कराने का मन नहीं करता । समलैंगिता का प्रचार नहीं होना चाहिए ।  

सामाजिक संदेश - दो बाल किशोर को एकांत मे जाने नहीं देना चाहिए, सार्वजनिक खेलकुद मे बढ़ावा देना चाहिए, वीर्य रक्षा की शिक्षा देनी चाहिए। कोई समलैंगिक की बाते करे तो उसका विरोध करना सिखाना चाहिए । 

अनुसंधान कर्ता 

091 98290 98951 

सोमवार, 27 दिसंबर 2021

समलैंगिकता कैसे विकसित हुई ? 179

समलैंगिकता बाल यौन शौषण से विकसित होती है । 

परामर्श दिनांक - 22 / 08 / 20 [ अपडेट 26 / 12 / 21 फोन से ] 

नाम - गोपनीय रखने के कारण 23 / 129 

प्रयोज्य की आयु 24 वर्ष 

वैवाहिक स्थती - तलाक [ सामाजिक मे आम बात होती है ] 

समस्या - समलैंगिकता से छुटकारा चाहता है । 

आवश्यकता - वैवाहिक जीवन मधुर रहे । 

निदान - कक्षा 5 मे पढ़ता था, तत्कालीन एक गाँव का दूसरा व्यक्ति जो 24 वर्ष का था । वह एकांत मे उसका अपना लिंग प्रयोज्य के हाथ मे पकड़ता था, फिर लिंग हाथ मे हिलाने को बोलता था, युही कभी कभार ऊपर चढ़ता था। तीन वर्ष ये क्रिया चलती थी । कक्षा 8 पास करके कमाने एक राज्य से दूसरे राज्य चला गया, उस समय 14-15 वर्ष की आयु थी, कार्मिक स्थल पर एक 30 वर्ष का व्यक्ति था, वो मज़ाक मस्ती करता था, गुदा मस्ती भी करता था । एक दिन साथ साथ स्नान कर रहे थे तो उसने गुदा मस्ती करते करते, नहाते समय उसने गुदा मे अंगुली डाल दी, अपना लिंग हाथ मे दिया और फिर उसका लिंग प्रयोज्य के गुदा मे डाल दिया, और गुदा मैथुन का प्रारम्भ हो गया। फिर बहला फुसला कर लिंग हाथ मे देता और मुख मैथुन भी करावा दिया,  फिर समलैंगिकता की आदत पड़ गई ।  

बाद मे गुदा मैथुन छोड़े 5 वर्ष हो गए, शादी हो गई, साल भर पत्नी के साथ रहा, फिर कमाने जाना पड़ा चार महीने बाद वापस आता पत्नी के साथ रात्री मे एक बार आसानी से मैथुन कर लेता था, कभी एक दो दिन बाद सेक्स करता था । [ समाज मे तलाक होना आम बात होती है ] अंतिम बार सेक्स किया उस दिन असफलता मिली [ जो चिंता, तनाव से असफलता आम लोगो मे भी होता है ] तो हीनता महसूस की, लिंग मे तनाव क्यो नहीं आया, इस विचार से लगा नपुश्ङ्कता महसूस हुई । सुबह लिंग मे तनाव आता था । समलैंगिक व्यक्ति को देख लिंग मे तनाव आता था । ये समस्या किसी को नहीं बता सकता था । 

समाधान = ऑनलाइन परामर्श से समलैंगिकता के विचारो से छुटकारा मिला, एक प्रेमिका से मैथुन किया, गाँव मे लोक लाज करना किसी से सेक्स आग्रह नहीं कर सकता, अप्रेल मे वापस शादी करना है । 

सुझाव निष्कर्ष - किशोर बच्चों को बाल यौन शौषण से बचाना चाहिए, दो दोस्तो को एकांत मे रहने बैठने का अवसर नहीं देना चाहिए । सार्वजनिक खेलकुद मे प्रतियोगिता अवसर देना चाहिए, वीर पुरुषो का आदर्श, ज्ञान-विज्ञान मे शिक्षा देनी चाहिए ।