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मंगलवार, 9 मई 2023

दो साल बड़ा लड़का समलैंगिक सम्बन्ध बनाया .

 मनोवैज्ञानिक परामर्श चिकित्सा 

07-22- 60

प्रयोज्य 19 / 04 / 2022 सम्पर्क किया . 

कार्यभार -BA पास 

आयु -36 वर्ष  -- 

भार - असरकारी अध्यापक 

शादी - 03 - 05 - 22 

समस्या - समलैंगिक 

पहलीबार बार गुदा मैथुन -14 वर्ष की आयु में, [ मुख मैथुन बलपूर्वक करवाया ]

प्रयोज्य की उस समय 14 वर्ष लगभग 

उसके दोस्त ने जिसकी आयु 16 वर्ष . 

हस्त मैथुन शुरू किया . 15 वर्ष की आयु में 

गुदा मैथुन करना और कराने की आदत - 

नोट बाईक चलाने में डर, बाजार में डर 

गुरुवार, 27 जनवरी 2022

कैसे 8-10 वर्ष की आयु मे समान आयु वाले से समलैंगिक संबंध बने ?

 प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 13 / 12 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण - 521821

प्रयोज्य की आयु -  25 वर्ष 

प्रयोज्य कार्यभार - किराना का व्यापारी 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता की आदत से छुटकारा पाना 

निदान - प्रयोज्य समलैंगिकता की आदत से परेशान था । शादी करने का मन करता परंतु लड़की मे कोई आकर्षण नहीं होता । प्रयोज्य3-4 कक्षा मे पढ़ता था उस समय 8-10 वर्ष की आयु मे अपने काका के लड़के के साथ आपस मे दोनों ने एक दूसरे के साथ समलैंगिक संबंध बनाए थे । नकारात्मक विचार आते थे । डर, चिंता, तनाव हमेशा सताते थे । बाहर भीड़ वाले स्थान जाने मे डर लगता था । एकांत अच्छा लगता है, लगातार विचार आते की मै किसी काम का नहीं हूँ, घर से निकल जाना चाहिए । समलैंगिक संबंध दो तीन बार ही बनाए थे । लड़की जैसे सोचता था, लड़कियो जैसे जीवन शैली खेले थे । 14-15 साल की आयु मे हस्त मैथुन करना सीखा था । मन मे विचार आता कई कोई पूछ तो नहीं लेगा । एक स्वयं होम्योपैथी दवाई ली pulsatilla आराम नहीं मिला । दो साल पहले चिकित्सक  केलकर से तीन महिना का इलाज लिया, Qutam 25 mg, Estomin  sf tab । दवाई से अच्छा लगता था, परंतु डरता था । प्रयोज्य के एक बड़ा भाई था, दो बड़ी बहिने थी । 

इलाज पहले लेना चाहता था परंतु चिकित्सक कहा, ईलाज कहा होता मुझे मालूम नहीं था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य ऑनलाइन परामर्श लेने के बाद उसकी तबीयत ठीक है । अब लड़की और औरत अच्छी लगती है। अब समलैंगिक बुरे लगते है । अब आत्म विश्वास अच्छा, बहुत अच्छा हो गया है । अब कोई चिंता, डर, तनाव नहीं रहता । अगर कोई भी व्यक्ति संज्ञानात्मक गलत सीख लिया गया हो तो, वह एक आदत बन जाती और आदत को दवाई खाने से नहीं सुधारा जा सकता है । इसके लिए नए तरीके से वापस सीखना पड़ता है ।   

सामाजिक संदेश - अपने परिवार के बच्चो को समाज मे आना जाना रखना चाहिए, जिससे सामाजिक रीतिरिवाजों संस्कारो का ज्ञान हो सके । बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

सोमवार, 24 जनवरी 2022

कैसे 12 साल की आयु मे हास्टल मे समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 14 / 10 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 5015 

प्रयोज्य की आयु - 18 वर्ष 

प्रयोज्य की पढ़ाई - BA प्रथम वर्ष 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिकता के कारण लड़किया अच्छी नहीं लगती थी । शादी करने का मन नहीं करता, डर, घबराहट, और चिंता हमेशा रहती थी । परिवार मे माता अध्यापक थी, पिता खेती करते थे । एक बड़ी बहिन शादी शुदा थी, एक छोटा भाई भी है। 

हॉस्टल मे पढ़ता था, उस समय 12 वर्ष की आयु थी, समान आयु के लड़को ने प्रयोज्य के साथ बहला फुसलाकर गुदा मैथुन कर लिया, उसके बाद समलैंगिक पसंद आते थे । 2 लड़को के संपर्क मे आने के कारण एक और गंदी आदत लग गई हस्त मैथुन करना । बचपने मे लड्की वाले कपड़े पहनता था । [ घर मे बड़ी बहिन हो तो उसका कपड़ा पहनना या पहनाना सामान्य बात होती पर से संज्ञान गलत मानसिकता पैदा करता है ]  इंटरनेट से समलैंगिकता का ज्ञान मिला था । हमेशा ये विचार आते की लोग मेरे बारे मे बाते करते होंगे, कोई कही बोल तो नहीं देंगे, मेरे बाल यौन शोषण  समलैंगिकता के बारे मे अपने परिवार वालो को पता नही था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य सीधा और भोला लड़का था, चतुर चालाक साथी ने बहला फुसलाकर गुदा मैथुन कर दिया, ना समझ मे विरोध नहीं कर सका । फिर गुदा मैथुन करने की एक आदत हो गई, सामाजिक प्रथिष्टा के कारण इस समलैंगिकता की आदत से छुटकारा पाना चाहा । प्रयोज्य मे एक महीन की ऑनलाइन परामर्श लिया अब उसकी तबीयत ठीक है । अब लडकी, महिला अच्छी लगती है । अब पहले से अच्छा आत्म विश्वास है । अब समलैंगिक संबंध बनाने की इच्छा नहीं होती । प्रयोज्य से पूछा की सामाजिक संदेश क्या देना चाहेंगे तो बताया की "बाल यौन शोषण के कारण समलैंगिकता की आदत होती है, इस आदत को मनोवैज्ञानिक परामर्श से आसानी से छोड़ा जा सकता है । 

सामाजिक संदेश - जो भी अभिभावक अपने बच्चो को बाहर हॉस्टल मे पढ़ने भेजते तो अपने बच्चो के संपर्क मे लगातार रहना चाहिए । उनके चेहरे के हावभाव को अवश्य देखना चाहिए और बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

शनिवार, 22 जनवरी 2022

कैसे 8 साल की आयु मे बाल यौन शोषण का शिकार हुआ ?

प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 14 / 08 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीयता के कारण 2813 

प्रयोज्य की आयु - 19 वर्ष 

प्रयोज्य पढ़ाई - 7 वी पास 

प्रयोज्य का व्यवसाय - सिलाई 

निदान - समलैंगिक से छुटकारा पाना चाहता था, क्योकि विषम लिंग मे आकर्षण नहीं होता था । शादी करने का मन करता था । जब प्रयोज्य की आयु 8 वर्ष थी तब एक पड़ोसी 27 वर्ष का लड़का ने बहला फुसलाकर बाल यौन शोषण [ गुदा मैथुन ] किया था । वह पड़ोसी अब मर चुका है । अब चिंता होती थी की आगे क्या होगा, कैसे होगा । gay कैसे बनते, वजह क्या होती है । आने जाने मे अच्छा नहीं लगता । एकांत अच्छा लगता है, अपने परिवार के साथ अच्छा लगता है । लगातार ये विचार आते है, समलैंगिक प्रेम अच्छा लगता है । तीन समान आयु के लड़को से समलैंगिक संबंध बने थे । 12 बार समान जाति के दो लड़को के साथ, दो बार गैर समाज के लड़के के साथ । 14 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीखा था, एक दिन छोड़ कर हस्त मैथुन करता था। गुदा मैथुन होने के बाद महिलाओ के कपड़े पहनता था । अंतिम गुदा मैथुन दो वर्ष पूर्व किया था । काम करने का मन नहीं करता, बिस्तर पर पड़े रहना अच्छा लगता है । लोग मेरे बारे मे क्या सोचते, मेरे बारे मे क्या सोचते होंगे । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य गरीब परिवार से था, अपने भूवा [ पिता की बहिन ] के पास सिलाई का काम सीखने आया था, प्रयोज्य ऑनलाइन परामर्श लेने के बाद अब तबीयत ठीक है । परामर्श के एक माह तक दोनों लिंग मे आकर्षण था, लड़कियो, औरतों का चेहरा अच्छा लगता है । समलैंगिक अब गंदे लगते है । उसका कहना था समलैंगिक प्राकृतिक नहीं होते है । अब मन काबू करना आया है, सब एक दम तबीयत ठीक है । 21 / 01 /22 को फोन पर बताया अब पूर्ण रूप से ठीक है । समलैंगिक बाल यौन शोषण के कारण होते है, ये आदत हो जाती, इस आदत को आसानी से छुड़ाया जा सकता है । 

सामाजिक संदेश - अपने परिवार के बच्चो को समाज मे आना जाना रखना चाहिए, जिससे सामाजिक रीतिरिवाजों संस्कारो का ज्ञान हो सके । बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 


ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

शुक्रवार, 21 जनवरी 2022

कैसे 14 -15 वर्ष की आयु मे उभयलिंगी बना ?

प्रयोज्य को परामर्श की दिनांक - 09 / 08 / 2021 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 471221 

प्रयोज्य की आयु - 29 वर्ष 

प्रयोज्य का व्यवसाय  - निजी स्कूल मे अध्यापक 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - शादी शुदा 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आकर्षण 

निदान - प्रयोज्य ने शादी जनवरी 2021 मे कर ली थी, प्रयोज्य अपनी पत्नी की बजाय समलैंगिक के गुदा मैथुन करने की इच्छा रहती थी । शादी के पाँच दिन बाद पत्नी ने अपने परिवार से अलग रहने को बाध्य किया था, पर प्रयोज्य भाई के परिवार के साथ ही रहना चाहता था । प्रयोज्य ने 14-15 साल की आयु मे पहली बार गुदा मैथुन किया फिर लगातार 15 लड़को के गुदा मैथुन किया ये एक आदत हो चुकी थी, पर कभी गुदा मैथुन करवाया नहीं । जवान लड़को को देख कर आकर्षण आता है। इसलिए चिंता, डर और भय हमेशा रहता है । एक महिला मित्र के अलावा दूसरी लड़कियो के साथ संभोग किया था, परंतु पत्नी के साथ संभोग तो होता पर मन नहीं करता, क्योकि संतोष और खुशी नहीं मिलती । विग्रा टेबलेट खाई पर कोई लाभ नहीं मिला, दवा दो महिना मे कभी कभी खाया, सुबह सिर दर्द होता था । अश्लील फिल्म देखें से लिंग मे उत्तेजना आती है । 14 वर्ष की आयु मे दोस्त की अश्लील पुस्तक देख कर हस्त मैथुन करना सीखा । समाज मे आना जाना नहीं होता, शर्म आती है । मन मे लगातार ये विचार आते की की कई कोई मेरे बारे मे बोल तो नही दे, लोग मेरे बारे मे ही विचार करते होंगे । 24 / 08 / 21 को पत्नी के पिता का परिवार [ पीहर ] से सूचना आई की पति पत्नी को संतुष्ट नहीं करता इसलिए प्रयोज्य का मर्दाना टेस्ट करना है । 02 / 09 / 21 पत्नी के पिता ने कहा हिंझड़ा [ transgender ]  से शादी कराई, अब इसके पोस्टर लगेंगे, इस बात से अधिक तनाव आया । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य को  पहले से मानसिक तनाव अधिक था, प्रयोज्य उभयलिंग था, परंतु शादी के पाँच दिन बाद ही अपने भाई के परिवार अलग होने को पत्नी बाध्य कर रही थी, भाई ने ही प्रयोज्य का पालन पोषण किया तो कैसे इतना जल्दी अपने परिवार से कैसे अलग हो जाए, प्रयोज्य गुदा मैथुन के साथ यौनि मैथुन आराम से कर लेता था, केवल असफल पत्नी के साथ रहा जिसक मूल कारण तनाव का होना, कोई भी स्वस्थ व्यक्ति भी तनाव के कारण संभोग नहीं कर सकता ।  पत्नी के साथ पत्नी के पिता भी मानसिक तनाव पैदा करने मे सहायक हुए । इधर परामर्श के समय पत्नी के पीहर पक्ष ने आधुनिक चिकित्सा के पैथोलोजी जांच कराने का समाचार दिया उससे बहुत तनाव मे आ गया । प्रयोज्य को आश्वासन दिया आप मर्द हो चिंता क्यो करते हो, प्रयोज्य चिंता करता मुझ से बात करता, फिर लेब ले बाहर मुझे से लगातार संपर्क मे था, मैने कहा चिंता मत कर पूर्ण मर्द हो सब सकारात्मक रिपोर्ट आएगी फिर लेब मे पहुंचा तो फोन पर वार्तालाप से चिंता बता रहा था, पर जब दो दिन लगातार सब जाँचे हो गई और फिर दो दिन बाद रिपोर्ट आई सब उसमे सकारात्मक था, फिर भी मैने बोला अपने स्थानीय चिकित्सक को बताओ, उन्होने स्थानीय चिकित्सक को रिपोर्ट सकारात्मक बताया तो संतुष्टि मिली, अब रही उनके सामाजिक दोनों परिवार मे बाजी पलट चुकी थी, पत्नी के पीहर पक्ष अब माफी मांग रहे थे । प्रयोज्य के भाई ने अब ताव दे कर कहा, जब तक चिकित्सा रिपोर्ट नहीं आई थी तब तक तो मेरा भाई नामर्द था, एक चिकित्सा रिपोर्ट आने के बाद मर्द कैसे हो गया, मेरा भाई पहले भी मर्द था, बाद भी मर्द हम लड़की को तलाक देंगे ।  प्रयोज्य मुझे पूछा क्या करू आप बताए तो मैने बोला ये आपका पारिवारिक और सामाजिक मामला है । अपने बड़े भाई जो कहे वो करो । 

परामर्श पूर्ण होने पर प्रयोज्य की तबीयत ठीक होना बताया । 90 % gay अब अच्छे नहीं लगते । आत्मविश्वास बढ़िया हुआ, समाज मे अब जाने का मन करता है । उसने बताया की मन का वहां होने से दिमाग खराब होता है । समलैंगिक की आदत आसानी से छुड़ाया जा सकता है । प्रयोज्य के भाई का परिवार शहर मे बस गया था, सामाजिक रिश्तेदारी मे आने जाने कोई समय नहीं निकाल पाते थे । 

सामाजिक संदेश - अपने परिवार के बच्चो को समाज मे आना जाना रखना चाहिए, जिससे सामाजिक रीतिरिवाजों संस्कारो का ज्ञान हो सके । बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 


गुरुवार, 20 जनवरी 2022

कैसे 12 वर्ष की आयु मे गुदा मैथुन से बाल यौन शौषण हुआ ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 05 / 08 / 21 [ अपडेट 19 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 461121 

प्रयोज्य की आयु - 24 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - 12 

प्रयोज्य का कार्यभार - खेती 

वैवाहिक स्थिति - मार्च 2021 मे शादी की 

प्रयोज्य की समस्या - बाल यौन शोषण से 12 साल की आयु मे गुदा मैथुन से पीड़ित 

निदान - प्रयोज्य बाल यौन शौषण के कारण गुमशुम रहता, किसी से बात नहीं करता, मन नहीं लगता, समलैंगिकता मे रुचि से परेशान होता था, विषम लिंग मे आकर्षण नहीं होता था, प्रयोज्य की शादी मार्च 21 मे शादी हो चुकी थी । 7-8 कक्षा मे पढ़ता था उस समय पड़ोसी चाचा जिसकी आयु 40-45 वर्ष थी । पड़ोसी चाचा शादी शुदा था, दो तीन बच्चे थे, चाचा की स्त्री उसको छोड़ कर चली गई थी, फिर प्रयोज्य को बहला फुसला कर खिलौने दे कर, और डरा धमाका कर गुदा मैथुन करता था, जिसके कारण गुदा मैथुन कराने की आदत हो गई थी, इसलिए तनाव मे रहता था, एकांत अच्छा लगता था, शादी हो गई फिर लगातार विचार आते थे, की अपनी पत्नी को खुश रख पाऊँगा की नहीं । एक दूसरा अन्य व्यक्ति 18 साल का 5 साल पूर्व समलैंगिक व्यक्ति गुदा मैथुन करवाता था, वो बलपूर्वक गुदा मैथुन करवाता था। अपने पड़ौसी जो 40-45 वर्ष का था उससे समलैंगिक का ज्ञान मिला । लिंग मे तनाव लाने के लिए मेन्स्फ़ोर्स गोलिया खाई थी आराम नहीं मिला। स्वप्नदोष होता था उसको दूर करने के लिए अपनी अंगुली चबाने से स्वप्न दोष ठीक होता था । पत्नी के साथ मैथुन करते समय लिंग मे तनाव नहीं आता था । मन मे ये विचार भी आते लोग मेरी बाते करते होंगे, वे मेरे बारे मे क्या सोचते होंगे, इस प्रकार के तनाव होने से ये विचार भी आते की पत्नी छोडकर चली तो नहीं जाएगी । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य बाल यौन शौषण से पीड़ित था, दयालुता पाई गई, दूसरे परामर्श से जागरूकता बढ़ी, अब भीड़ मे जाने का डर दूर हुआ। अब आसनी से सामाजिक लोगो के साथ बैठने लगा । अपनी पत्नी से प्यार भरी बाते करता था, महिला मे आकर्षण होने लगा । अपनी पत्नी से संभोग कर लेता है। प्रयोज्य अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता है। बाल यौन शोषण के कारण गुदा मैथुन की एक आदत हो जाती है, बच्चो को बहला फुसलाकर उनके साथ बाल यौन शोषण के कारण ये प्रयोज्य परेशान था, इसको ऑनलाईन परामर्श होने के बात सभी समस्या समाप्त हो चुकी है, आज फोन 19 / 01 / 2022 से वार्तालाप से पता किया, अब अपनी पत्नी से आसानी से संभोग कर लेता है । अपने परिवार मे खुश है, मन लगाकर अपनी पिता की जमीन पर खेती कर रहा है । उसने बताया की अभी बच्चे पैदा करने का मन नहीं है । अब तबीयत अच्छी है, अब महिला मे आकर्षण होता है, पत्नी की यौनि अच्छी लगती है । बच्चा पैदा करने का मन होता परंतु अभी जल्दबाज़ी मे नहीं है । समलैंगिक अब कोई ख्याल नहीं आता, अब बुरे लगते है । गुदा मैथुन से घृणा होती है । समाज मे आना जाना अच्छा लगता है । 

सामाजिक संदेश - बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ और जब कोई शरीर पर हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप नंबर 091 98290 85951 

बुधवार, 19 जनवरी 2022

क्या 12 वर्ष ई आयु मे हस्त मैथुन करना सही है ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 26 / 07 / 21 [ अपडेट 18 / 01 / 22 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 4510 

प्रयोज्य की आयु - 18 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - BSC प्रथम वर्ष 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आकर्षण 

निदान - प्रयोज्य को 35 वर्ष से अधिक आयु पुरुष मे आकर्षण होता है । लड़कियो और महिलाओ मे कोई आकर्षण नहीं होता । शादी करने का मन नहीं करता, गुदा के विचार आते है । विचार पर नियंत्रण नहीं रहता । 12 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन करना सीखा, बिस्तर पर घर्षण करके वीर्यपात करना अच्छा लगता है । आत्मविश्वास कमजोर हो गया, डर, चिंता हमेशा लगी रहती है । एकांत अच्छा लगता है । हस्त मैथुन करने से अलौकिक आनंद आता है, अपने परिवार वालो को अपनी मानसिक समस्या को बताया, खान सर का एलजीबीटी वीडियो देखने से तनाव आ गया, पहले मन मे विचार आता की कही कोई बोल नहीं दे, अलग रहता अजीब लगता था । महिला मित्र नहीं, ताना देता, लोग मेरे बारे मे क्या सोचते के विचार आता, लोग मेरे बारे मे क्या बाते करते होंगे । 10 / 07 / 21 को बताया की चार दिन से नींद आ रही, बुरे सपने आए । अपनी समस्या बड़े भाई को बताई तो बड़े भाई ने ऑनलाईन परामर्श लेने की सलाह दी और उसने ही आपके नंबर दिये । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य मे आलसी प्रवृति पाई गई, एकांत मे रहने की प्रवृति पाई गई, निराशा के भाव पाए गए । भ्रम मे जीवन यापन हो रहा पाया गया, वहम का बोझ लेकर चलता है । नारी के आकर्षण बढ़ने की पुष्टि मिली, परंतु हट धर्मिता के कारण निरंतर बाध्यता पाई गई । तार्किक बुद्धि अच्छी पाई गई । अब तबीयत ठीक पाई गई, परंतु 40 % आकर्षण महिलाओ के प्रति पाया ये कथन प्रयोज्य के थे । आतंविश्वास 100 % अच्छा हुआ, पहले तनाव था अब ठीक हूँ, तनाव दूर हो गया । समलैंगिक इच्छा नहीं होती है । 

आज 18 / 01 / 22 को फोन से वार्तालाप करने पर बताया अब सम्पूर्ण ठीक है, एक अपनी कक्षा मे साथी लड़की को मित्र बनाया उससे दोस्ती हो गई, अच्छा लगता है । अब अच्छा लगता है अपने परिवार को आदर्श मानता है, शादी करने का मन करता, परंतु अभी सारा ध्यान पढ़ाई पर लगा रखा है । अब सब भ्रम दूर हो गए । एक दोस्त लड़की ने किस भी किया, महिला मित्र के  सेल्फी फोटो अपने दोस्तो के साथ शेयर करता हूँ । 

जब 12 साल की आयु मे अपरिपक्व लड़का हस्त मैथुन करना शूर कर देगा और निरंतर जारी रखेगा तो शारीरिक और मानसिक समस्याओ का सामना करना पड़ता है, कुछ भ्रामक वेबसाईट लड़को को गलत रास्ते ले जाते है, उनके बारे मे भी जागरूकता फैलाने की आवशयकता है । छोटी आयु मे कोई गलत देखना, सुनना के करना के प्रभाव का जीवन पर गलत जीवन शैली का विकास होता है, गलत जीवन शैली की आसानी से सुधारा जा सकता है । 

सामाजिक संदेश - अपने बच्चो को भारतीय शास्त्र परंपरा का ब्रहमचर्य का ज्ञान देना आवशयक है । वीर्यवान बनो का आशीर्वाद देंना चाहिए, वीर्य संग्रह और रक्षा के बारे मे अवश्य बताना चाहिए, लड़को के निजी अंगो की रक्षा कैसे करनी की सलाह अवश्य देनी चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

सोमवार, 17 जनवरी 2022

कैसे कक्षा 7-8 वी मे पढ़ता लड़का समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 29 / 05 / 21 [ अपडेट 16 / 01 / 22 फोन से ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 430821 

प्रयोज्य की आयु - 28 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - BA - LLB प्रथम वर्ष [ अपडेट के समय दूसरा वर्ष ] 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा 

प्रयोज्य की समस्या - सक्रिय समलैंगिक समस्या 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक आकर्षण अधिक होता और लड़कियो मे कम आकर्षण होता है। समस्या तब हुई एक दिन एक मित्र ने बोला तुम गे है और लेता है, जब की प्रयोज्य सक्रिय समलैंगिक था [ रोमांटिक रिश्ते में वे साथी पर हावी होते हैं और एक आदमी की भूमिका निभाते हैं ] । समलैंगिकता की आदत कक्षा 8 मे पढ़ता था उस समय उसकी आयु 13 वर्ष थी तब उसके साथी लड़को के साथ आपस मे लिंग पकड़ने की आदत शुरू हुई, फिर अपने साथी लड़के के साथ गुदा मैथुन किया था । फिर ये आदत लग गई थी और निरंतर 25 लोगो के संपर्क मे सक्रिय समलैंगिक संबंध बनाए अर्थात गुदा मैथुन करने की आदत बन गई थी । अब समाज मे आने जाने पर चिंता, तनाव और डर लगता था । एकांत मे रहने के विचार आते थे और हर समय लड़को का ही विचार आते थे । जब कक्षा 10 मे पढ़ता था तो पड़ोसी चाचा के गुदा मैथुन किया था, फिर एक आदत हो चुकी थी और समलैंगिक निष्क्रिय चाचा को गुदा मैथुन कराने की जो एक लत थी, ये रोमांस बहुत साल चाचा के साथ चला। एक प्रयोज्य से दो साल बड़ा 17 के लड़के के घर जाकर बार बार उसके गुदा मैथुन किया । कक्षा 8-9 से हस्त मैथुन करने की भी आदत हो चुकी थी, रोज एक बार हस्त मैथुन करने की आदत लग चुकी थी । एक दोस्त कभी कभी प्रयोज्य के घर आ जाता बाहर कमरे मे समलैंगिक संबंध हो जाते थे । जब चिंता तनाव होने लगा तो 2018 से हस्त मैथुन बंद किया, पर गुदा मैथुन करना सक्रिय था।  पहले 7 दिन का परामर्श लिया तब ऐसा लगा की ये आदत नहीं छूटेगी और लड़को के संपर्क मे निरंतर रहा । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य कामुक प्रवृति का था और सक्रिय समलैंगिक था। अर्थात वीर्य उत्पन की प्रचुरता थी । प्रयोज्य को जब निष्क्रिय समलैंगिक मिल जाते तो हस्त मैथुन नहीं करता । प्रयोज्य की तबीयत अब ठीक है, अब लड़कियो मे आकर्षण होता है , प्रयोज्य को एक लड़की शादी के लिए उसका फ़ोटो आया तो मुझे भी बताया पर मेरी राय देना उच्छित नहीं समझा, क्योकि ये पारिवारिक मामला था, फिर दूसरी लड़की की शादी के लिए प्रस्तावित फ़ोटो आया तो मुझे बताया की वो लड़की 8 साल प्रयोज्य से छोटी थी, प्रयोज्य दोनों बार मेरी राय लेना चाहता था, मै सामाजिक और पारिवारिक सदस्य नहीं था, इसलिए उसे बोला, अब बड़े हो खुद फ़ैसला करो और अपने परिवार की राय लो । दोनों लडकी सुंदर थी पर आखिरी फ़ैसला घर परिवार का ही उपयुक्त रहता है । समलैंगिक अब बुरे लगने लगे । बाकी सब ठीक है पर घबराहट की बात बोला था जो एक अतार्किक था, क्योकि पहले कुछ दोस्तो ने ताना मारा दिया था, पर अब ठीक है । प्रयोज्य अपनी वकालत की पढ़ाई मे ध्यान दे रहा है, परिवार वो कोई वाद विवाद होता वो सब अब समान्य हो चुका है । प्रयोज्य के पिता मे दुबारा शादी कर ली थी, प्रयोज्य अपने दो बड़े भाई के साथ रहता था । 

सामाजिक संदेश - दो किशोर लड़को को एकांत मे कभी नहीं रहने देना चाहिए, अपने बच्चो को अपने समाज की जानकारी और परिवार के भूतपूर्व सदस्यो का ज्ञान कराना चाहिए, अगर समाज और परिवार का ज्ञान नहीं होगा तो लड़के का पारिवारिक, सामाजिक, और संस्कृतिक ज्ञान नहीं होने से शौषण हो सकता है, दूसरा अपने निजी अंगो की जानकारी देना जरूरी होता है, बच्चे के निजी अंग को कोई भी व्यक्ति हाथ नहीं लगाए, जैसे होठ, लिंग, यौनि, और गुदा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करे ।  

ऑनलाइन परामर्श दाता 

व्हाट्स एप 091 98290 85951 




रविवार, 16 जनवरी 2022

कैसे बाल यौन शौषण के कारण समलैंगिक सा/ उभयलिंगी बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 22 / 05 / 21  [ अपडेट 15 / 01 /22 ]

प्रयोज्य का नाम -  गोपनियता के कारण 42521 

प्रयोज्य की आयु - 23 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - BA  तृतीय वर्ष 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा [ फिर 07 / 06 / 21 को शादी शुदा होना बताया, एक दो वर्ष का लड़का ] 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक दिक्कत 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक आकर्षण होता और विषम लैंगिक मे आकर्षण नहीं होता ।  14 वर्ष की आयु मे 20 साल के एक व्यक्ति ने प्रयोज्य के साथ गुदा मैथुन किया, तब से गुदा मैथुन करने की आदत हो गई थी। प्रयोज्य के मामा के लड़के ने 14 की आयु मे हस्त मैथुन करना सिखाया, हस्त मैथुन की आदत के कारण दिन मे दो तीन बार हस्त मैथुन कर लेता है, जब भी हस्त मैथुन करता है तो समलैंगिक को याद करके करता है।  हर दम हमेशा समलैंगिक संबंध बनाने के विचार आते है। अपने अध्यापक से भी आकर्षण होता है । महिला की बाते अच्छी नहीं लगती, हर समय लड़का पटाने का मन करता है । हमेशा एक ही विचार आता है,  शादी कर भी लिया ये बात दूसरे परामर्श के दिन बताई । शादी किए 3 साल हो गए। अपनी पत्नी को अपने समलैंगिकता की आदत के बारे मे नहीं बताया । आत्म ह्त्या के विचार आते है । समलैंगिक का आकर्षण हमेशा रहता है । परामर्श के 18 दिन बाद 07/06/21 को बताया की एक लड़के से प्यार हुआ, वो लड़का पानी लेने गया वहा प्रयोज्य भी पानी लेने जाने का बहाना करके उसके पीछे गया और उसको गुदा मैथुन करने का आग्रह किया तो उसने दो-तीन थप्पड़ प्रयोज्य को मारा जिसके कारण बदले की भावना पैदा हुई, उसको भूलना नहीं चाहता, कभी ये विचार भी आते ये दूसरों को क्या बोलेगा, प्रयोज्य ने बताया की 2 साल का एक लड़का भी है । पर गुदा मैथुन और हस्त मैथुन का लगाव अत्यधिक होता है । जिस लड़के से लगाव था उसके बड़े भाई ने प्रयोज्य की माता से भी लड़ाई की बात बताई, उससे समझोता चाहता था, पर समलैंगिक आग्रह का कोई जिक्र नहीं किया । परामर्श के 27 वे दिन उसको बताया था की उसका  निर्णय क्षमता कमजोर पाई गई थी । जिस लड़के से समलैंगिक आकर्षण था उसके बड़े भाई से मित्रता थी । प्रयोज्य झूठी एक फेसबुक भी चलाता था । कुल मिलाकर पाँच व्यक्तियों से समलैंगिक संबंध बने, जिसमे 40-45 वर्ष के आयु के साथ गुदा मैथुन कराने का मन करता है । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य को छोटी आयु मे गलत आचरण के कारण गलत गुदा मैथुन करने की आदत लग गई थी । हस्त मैथुन करना एक बाध्यकारी जूजून हो चुका उसको छोड़ना नहीं चाहता था, बाल यौन शौषण के कारण एक गुदा मैथुन की लत लग गई थी, जवानी की उम्र होना और वीर्य का पर्याप्त उत्पादन होना ही दिक्कत थी, शादी शुदा भी था, एक 2 वर्ष का लड़का भी था फिर भी एक लड़के से बदले की भावना के कारण उससे ही गुदा मैथुन करवाना एक गलत नकारात्मक भी जूजून हो चुका था । प्रयोज्य की सब आदत ठीक थी पर हस्त मैथुन नहीं रोक पाना सबसे बड़ी कमजोरी पाई गई । मेरे कहे अनुसार झूठी फेसबुक चलाना बंद किया ।  

सामाजिक संदेश - समय से पहले मैथुन नहीं किया जाए और ये बात ब्रहम चार्य का आचरण की शिक्षा की आवशयकता है । हस्त मैथुन से होने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी बताना चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

शनिवार, 15 जनवरी 2022

कैसे समान आयु के लड़के से समलैंगिक संबंध बने ?

प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 20 / 05 / 2021 [ अपडेट 14 / 01 / 2022 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 410621 

प्रयोज्य की आयु - 25 वर्ष 

प्रयोज्य का व्यवसाय - स्वयं का व्यवसाय की दुकान ।

प्रयोज्य का वजन - 82 kg 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आदत से छुटकारा चाहता है । 

निदान - प्रयोज्य एक व्यवसाय परिवार से था, 25 साल की आयु मे शादी से डर लगता है, पर शादी करने का मन करता है, प्रयोज्य ने 16 साल की आयु मे अपने दोस्त के साथ गुदा मैथुन की आदत लग गई थी, इसलिए समलैंगिक मे आकर्षण होता है । भिड वाले स्थान पर जाने से आलस आता है । आलसी प्रवृति का होने के कारण काम मे रुचि नहीं होती । बचपन मे लड़की बन कर खेलने मे रुचि थी । कक्षा 10 मे पढ़ता था उस समय हस्त मैथुन करना सीखा, रोज रोज दिन मे तीन बार हस्त मैथुन की आदत हो गई, हस्त मैथुन करने के बाद नींद आ जाती है । मन मे लगातार विचार आते कई कोई बोल नहीं दे और लोग मेरे बारे मे क्या सोचते होंगे । वीर्य के बारे मे लाभ हानी जानता हु, पर हस्त मैथुन करने से रोक नहीं सकता । प्रयोज्य समय पर भी ऑनलाइन परामर्श अपने व्यस्त व्यवसाय के कारण समय नहीं निकाल पाता था । 

निष्कर्ष - ऑनलाईन परामर्श लेने से अब तबीयत ठीक है, परामर्श से फायदा हुआ, अब समलैंगिक आकर्षण नहीं होता, समलैंगिक को देखता ही नहीं, महिला की छाती अच्छी लगती है, आत्म विश्वास थोड़ा ठीक हुआ, गुदा मैथुन की अब ईच्छा नहीं होती । प्रयोज्य को अपने व्यवसाय से फुर्सत नहीं मिलती, हाल अभी जिम जाना शुरू किया था, परंतु सर्दी अधिक होने के कारण जिम जाना छोड़ दिया । प्रयोज्य का वजन ज्यादा होने से आलस आता है, शादी नहीं हुई इसलिए एक संदेह रहता शादी के बाद क्या होगा, आज 14 / 01 / 21 को अपडेट होने पर बताया की हस्त मैथुन की आदत नहीं छुट रही है । सुबह से रात्री तक अपने व्यवसाय से फुर्सत नही मिलती है । समय पर शादी होने से सारी दिक्कत भी ठीक हो जाएगी । 

सामाजिक संदेश - अभी भावक एक ही बात का ध्यान रहे अपने बाल-किशोर संतान को एकांत मे रहने नहीं दे । सार्वजनिक खेल खुद मे हिस्सेदारी अवश्य दे । ब्रहम चार्य की शिक्षा अवश्य दे । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

091 98290 85951 





रविवार, 9 जनवरी 2022

गुदा मे बोतल डालने के परिणाम क्या होते है ?

प्रयोज्य को परामर्श देने की दिनांक - 11 / 01 / 2021 [ अपडेट 08 / 01 / 2022 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 36102 

प्रयोज्य की आयु - 29 वर्ष 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा 

प्रयोज्य का काम - कम्यूटर से बिल्डिंग के अमिनेशन 

प्रयोज्य की समस्या - बोतल से गुदा मैथुन करने के कारण अपने आप मे तनाव । 

निदान - शादी करने का कभी मन हा करता, शादी करने का मन कभी ना करता है, परीक्षण मे पाया की प्रयोज्य ने 10 वर्ष पूर्व बोतल से गुदा मैथुन किया था, उसके बाद हस्त मैथुन भी किया जिसके कारण तनाव से रहने लगा, डर, चिंता बहुत रहने लगी । बाहर जाने मे दिक्कत होती थी, घर मे रहना पसंद होता है, घर अच्छा लगता और डर नहीं लगता। बाहर निकालने पर ऐसा लगता कई कोई बोल न दे, कल्पना करता रहता है, नींद की दवाई खाने से चिंता कम होती है । ऐसा लगता है की खुद की पहचान खो गया हूँ, पहले अच्छे से बात करता था, अब गुदा ढीला हो गया ये चिंता रहती है । दो बहनो की शादी हो गई, घर वाले संदेह करते की दोस्त की वजह से मै ऐसा हो गया हूँ, भ्रम की अवस्था मे रहता हूँ, चिंता होती है, ऐसा लगता है, सब सपना है । अच्छा व्यवहार नहीं होने से मनोचिकित्सक से उपचार करवाया, विचार कम होते तो मुह मे छाले हो जाते, घर मे झगड़ा हो जाता है । महिला का पिछवाड़ा अच्छा लगता है, महिला को देखना अपराध लगता है, ऐसा सोचता हूँ की शादी के मंच पर लोग मेरी क्या बात करेंगे । कोई भी मेरी सुनता नहीं ऐसा लगता है, मै बोल रहा हूँ। 2018 मे प्रेमिका थी वो छोड़ कर चली गई, सात - आठ साल से प्रेम था। मम्मी ने मनोचिकित्स के पास उपचार के लिए ले कर गई थी । अप्रेल 2020 मे कोरोना का लॉकडाउन लगा उस समय मम्मी की म्रत्यु हो गई । दो बहने बड़ी थी शादी हो गई, बचपन मे माता बहनो के कपड़े पहना देती थी । प्रयोज्य ने 9 वी ऑनलाईन परामर्श मे बताया की प्रेमिका छोड़ कर चली गई, तो आत्म हत्या के लिए फिनेल पी लिया था । रात्री मे देरी तक मोबाईल फोन देखता था, इसलिए सुबह देरी से उठता था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य एक निश्चित दायरे मे रहने के कारण से अपने व्यक्तित्व का फ़ैसला नहीं ले सकता था । महानगर जैसे शहर का निवासी होकर एक सीमित अवसर मे ज़िंदगी जी रहा था, जीवन मे अच्छा मित्र होना भी जरूरी होता है । प्रयोज्य के पिता ग्रामीण पृष्ट भूमि से थे परंतु गाँव औए समाज से दूर हो चुके थे, शहर मे एक निश्चित दायरे मे ही रहना दुख दाई हुआ, प्रयोज्य पर दोहरी समस्या आ गई, एक प्रेमिका छोड़ कर चली गई, दुसरा लॉकडाउन मे घर मे रहना पड़ा फिर माता की मृत्यु भी चिंता की बढ़ोतरी हो गई । प्रयोज्य ठीक होना चाहता था, फिनेल पीने का अपने परिवार को नहीं बताया, ना किसी चिकित्सक को बताया, प्रेमिका छोड़ कर चली गई ये बात भी घर वालो को नहीं बताई । आज 08 / 01 /22 को फोन पर ज्ञात हुआ की वो ऑनलाईन परामर्श लेने के बात आसानी से 30 - 35 हजार महिना कमा लेता है । पिता एक प्रायवेट बैंक मे नौकरी थी, लॉकडाउन मे नौकरी भी चली गई थी, मैने एक महिना की बजाय इस को दो महिना ऑनलाईन परामर्श दिया, एक अतिरिक्त महिना मेरी तरफ से क्योकि माता थी नहीं पिता को हो घर का काम करना पड़ता था, इसकी बहन से भी संपर्क मे दिशा निर्देश दिया था । प्रयोज्य के पिता से लगातार संपर्क मे रहने से प्रयोज्य के लिए दिये गए दिशा निर्देश का पालन होता था, प्रयोज्य मे काफी सुधार आया, ऑनलाईन परामर्श के समय ही उसको भी ओंनलाइन बिल्डिंग फिल्म एमिनेशन का काम मिला जो काफी समय से बंद था। इसकी दिन चर्या भी बिगड़ी हुई थी वो अब ठीक हो चुकी है । 

सामाजिक संदेश - कमाई के लिए अपना गाँव भले छोड़ना पड़े परंतु लगातार गाँव के सामाजिक और संस्कृतिक कार्यक्रम मे अपने परिवार को जरूर ले जाना चाहिए । सामाजिक रिश्स्तेदारी सौहार्द हमेशा बनाए रखने के अदृश्य और अगिनित लाभ भी होते है । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

091 98290 85951 

शुक्रवार, 7 जनवरी 2022

कैसे गलत प्रेरणा के कारण समलैंगिक बाल यौन संबंध हुए ?

प्रयोज्य के परामर्श दिनांक - 12 / 12 /20 [ अपडेट फोन से 05/ 01 / 2022 ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 34199 -

प्रयोज्य की आयु - 24.6 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - 

प्रयोज्यका व्यवसाय  - स्कूल मे बाबू + शारीरिक शिक्षक 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आदत से छुटकारा पाना चाहता था । 

निदान - प्रयोज्य की शादी की आयु थी घर वाले शादी का दबाव देते, शादी करने का मन नहीं करता, रिश्ते की बात चलती घबराहट होती थी । क्योकि समलैंगिकता की आदत हो चुकी थी, समलैंगिकता मे आकर्षण होता था । परीक्षण मे बताया की 12 साल की आयु मे कक्षा 5 मे पढ़ता था, उस समय समान आयु के लड़के के साथ आपस मे समलैंगिक संबंध बने, फिर एक आदत बन गई थी, तीन समलैंगिक से संबंध स्थापित हुए दो समान आयु के थे, एक छ साल बड़ा था, प्रयोज्य गुदा मैथुन करता था । औरतों मे आकर्षण होता था, लड़कियो से ईच्छा होती पर मन नहीं करत था । आत्मविश्वास मे कमी आई, खेलने का मन नहीं करता, अपनी बेइज्जती होने का डर होता था, अपनी चिंता होती थी, पिता मृत्यु हो चुकी थी माता बहनों के लिए सामाजिक दायत्व इसी पर था। गुदा मैथुन करने वाले से डर लगता था की कई कोई गलत बात तो बोल नहीं दे। गुदा मैथुन करने मे रुचि रहती थी । कोई बुराई करे तो डर लगता था, शादी से डर लगता था, अलग रहने का मन करता था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य कक्षा 5 मे पढ़ता था तब गलत प्रेरणा के कारण छोटी आयु मे बाल बोध के कारण 12 वर्ष की आयु मे समलैंगिक संबंध स्थापित हो गए थे । फिए ये आदत बन गई थी, लगातार तीन व्यक्तियों से ये गुदा मैथुन करने की आदत जारी रही, शादी की आयु के समय एक सामाजिक ज़िम्मेदारी समझते अपना इलाज कराना चाहा, उपचार के समय एक बार वेश्या के पास गया असफल रहा, दुबारा कालेज की लड़की से संबंध स्थापित किए, प्रयोज्य मे 5 / 01 / 2022 को फोन से पुछने पर बताया की अप्रेल 2021 को शादी हो गई, शादी से जो डर और भ्रम था वो  दूर हो गया, अब अपने आपको पत्नी से संतुष्ट होना बताया । 

सामाजिक संदेश - जो भी व्यक्ति ये अनुसंधान पढ़ रहे सावधान हो जाए अपने बच्चो को एकांत मे जाने नही दे और सार्वजनिक खेलकुद मे भाग लेने दे । समाज मे अपने रिश्तेदार ये यहा माता पिता के साथ जाने दे । सामाजिक, संस्कृतिक वैभव की जानकारी अवश्य दे। 

परामर्श दाता 

091 98290 85951 

सोमवार, 3 जनवरी 2022

कैसे उभयलिंग व्यक्ति की दिक्कत दूर हुई ?

प्रयोज्य को परामर्श की दिनांक - 16 / 11 / 20 

प्रयोज्य का गोपनीय नाम - गोपनीय रखने के कारण 30194 [ अपडेट 02 / 01 / 22 फोन से ] 

प्रयोज्य की आयु  - 40 वर्ष 

प्रयोज्य का व्यवसाय - चिकत्सक 

प्रयोज्य की समस्या - उभयलिंगी से छुटकारा । 

निदान - समलैंगिक मे आकर्षण और स्त्री आकर्षण मे अरुचि । 13 वर्ष की आयु मे हस्त मैथुन शुरू किया था, ये हस्त मैथुन लगातार 12 वर्ष किया, फिर 25 वर्ष की आयु मे समान आयु वाले लड़को के गुदा मैथुन किया, उसी समय शादी भी हो गई । शादी से पूर्व समलिंग को गुदा मैथुन करने की एक आदत हो गई । पति अच्छी मिली, पत्नी से कोई शिकायत नहीं । आत्म हत्या के विचार आते थे । 10 वर्ष का एक बेटा और 11॰5 की एक बेटी भी है । लगातार समलैंगिक संबंध के विचार आते है। 15 लड़को के गुदा मैथुन किया, दो बार बड़े भाई ने अपने क्लीनिक मे लड़को के गुदा मैथुन करते देख लिया, भाई ने टोका की यौनि मैथुन करने को लड़की नहीं मिलती क्या ? [ दोनों भाई एक ही क्लीनिक चलाते थे ] भाई ने जब अपने से छोटे लड़को के गुदा मैथुन करते देखा तो आत्म हत्या के विचार पैदा हुए, रात्री मे दूसरे कमरे मे जाने से डर लगता था । पत्नी से संभोग करने पर 4 गोली विग्रा खाई गोली का असर निष्प्रभावी रहा, विग्रा गोली खाने से सुबह सिर दर्द होता था । पत्नी को बाहो मे लेने से दोनों खुश होते फिर मायूष हो जाता था । अपनी औलाद के साथ सोना पसंद करता था, बच्चो की उनके दादा-दादी के पास सोने देने से इंकार किया । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य के पारिवारिक स्थिति अच्छी होने से आहार विहार मे कोई कमी नहीं थी, संतुलित आहार होने से वीर्य उत्पादन प्रयाप्त मात्रा मे होता था, वीर्य प्रचुरता के कारण छोटे लड़को मे गुदा मैथुन करने मे रुची  एक बार हुई तो ये लगातार बनी रही, दूसरा यौनि से गुदा मे सेक्स करते समय मैथुन कसाव अच्छा रहता था । यौनि मे ठिलापन भी पुरुष के लिए मैथुन क्रिया संतुष्टि दायक नहीं होती है, घोड़े के समान और कुत्ते के समान मैथुन क्रिया का आनंद की एक घोर लत गई, वे समलैंगिक लड़के भी आसानी से क्लीनिक मे आ जाते उनको ढूँढने जाने मे कोई समस्या नहीं होती । समलैंगिकता की घोर आदत को धीरे धीरे सुधारा जाए 15 स्थानीय लड़को की बजाए एक लड़का ही दूर का रखने से मन को संतुलन होना सुरू हुआ, धीरे धीरे ये लड़का भी दूर हो जाएगा, एक कारण भी यही था की स्थानीय काफी लोग समलैंगिक पाये गए होने से उसका वातावरण भी नित्य समलैंगिकता को प्रेरित की किया जाता है, प्रयोज्य अपना पेशा छोड़ नहीं सकता और अपना स्थानीय वातावरण भी छोड़ नहीं सकता ।

फिर मैने समझाया की आप का चिकित्सा पैशा बहुत सम्मान देने वाला इसलिए अपनी प्रतिष्ठा को कम मत करना, आपके पास मैथुन करने के लिए पत्नी है, महिला यौनि ढीली होतो उसका उपचार कराए, दूसरी बच्छों से प्रेम के कारण एक ही बिस्तर पर सभी चारो सोते थे । बच्चो को छोड़ नहीं सकता था, चाहे स्त्री मैथुन नहीं करेगा तो चलेगा, फिर निर्णय ये किया गया की भले दो माह मे मैथुन करना पड़े तो 15 स्थानीय लड़को की बजाय दूर का एक लड़का ही रखा जाए ।  अब एक दूसरे राज्य के लड़के से दोस्ती सीमित हो गई, पहले साप्ताहिक समलैंगिक से गुदा मैथुन करता था, अब दो महीना मे एक बार तक ही संबंध स्थापित करता, अब मन विचलित नहीं होता, फेसबुक चलाना बंद कर दिया क्यो की फेसबुक से लड़को का संपर्क हो जाता था । प्रयोज्य 90 % अपने समलैंगिकता के विचारो की नियंत्रण मे कर दिया है। धीरे धीरे सम्पूर्ण ठीक होने की संभावना हें । 

 पुष्ट प्रायप्त से अधिक वीर्य उत्पादन को बनने से रोक जाना भी जरूरी होना चाहिए ।  

परामर्श दाता 

091 9829085951