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मंगलवार, 25 जनवरी 2022

कैसे 13-14 साल की आयु मे बाल यौन शोषण के समलैंगिक बना ?

 प्रयोज्य के परामर्श लेने की दिनांक - 23 / 10 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण - 511621 

प्रयोज्य की आयु - 23 वर्ष 

प्रयोज्य कार्यभार - BA तृतीय वर्ष 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिकता की आदत से छुटकारा पाना 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिकता की एक आदत लग चुकी थी, समलैंगिक लड़के अच्छे लगते थे । लड़कियो मे कोई रुचि और आकर्षण नहीं था । जब प्रयोज्य 13-14 वर्ष की आयु का था उस समय उससे 5 वर्ष बड़ा भाई [ मौसी का लड़का ] ने गुदा मैथुन कर दिया, उस समय कोई विरोध नहीं कर सका क्योकि इतनी समझ नहीं थी, फिर एक आदत हो गई थी । डर, चिंता हमेशा लगी रहती थी । भीड़ मे आने जाने से डर लगता था । लगातार विचार आए लोग मेरी बाते करते होंगे, लोग क्या सोचते होंगे, मेरे बारे मेरी ही बात करते होंगे । 

निष्कर्ष - अब शादी करने का मन करता है। अब तबीयत अच्छी और सामान्य ठीक है । लड़की अच्छी लगती है, इन मे आकर्षण होता है । डरना छोड़ दिया है । उसने बताया की निश्चिय कर लो तो 100 % समलैंगिकता की आदत छुट जाती है । अब आत्म विश्वास अच्छा और बढ़ गया है । 

सामाजिक संदेश - बच्चो के चेहरे के हावभाव को अवश्य देखना चाहिए और बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

सोमवार, 24 जनवरी 2022

कैसे 12 साल की आयु मे हास्टल मे समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 14 / 10 / 21 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 5015 

प्रयोज्य की आयु - 18 वर्ष 

प्रयोज्य की पढ़ाई - BA प्रथम वर्ष 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिकता के कारण लड़किया अच्छी नहीं लगती थी । शादी करने का मन नहीं करता, डर, घबराहट, और चिंता हमेशा रहती थी । परिवार मे माता अध्यापक थी, पिता खेती करते थे । एक बड़ी बहिन शादी शुदा थी, एक छोटा भाई भी है। 

हॉस्टल मे पढ़ता था, उस समय 12 वर्ष की आयु थी, समान आयु के लड़को ने प्रयोज्य के साथ बहला फुसलाकर गुदा मैथुन कर लिया, उसके बाद समलैंगिक पसंद आते थे । 2 लड़को के संपर्क मे आने के कारण एक और गंदी आदत लग गई हस्त मैथुन करना । बचपने मे लड्की वाले कपड़े पहनता था । [ घर मे बड़ी बहिन हो तो उसका कपड़ा पहनना या पहनाना सामान्य बात होती पर से संज्ञान गलत मानसिकता पैदा करता है ]  इंटरनेट से समलैंगिकता का ज्ञान मिला था । हमेशा ये विचार आते की लोग मेरे बारे मे बाते करते होंगे, कोई कही बोल तो नहीं देंगे, मेरे बाल यौन शोषण  समलैंगिकता के बारे मे अपने परिवार वालो को पता नही था । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य सीधा और भोला लड़का था, चतुर चालाक साथी ने बहला फुसलाकर गुदा मैथुन कर दिया, ना समझ मे विरोध नहीं कर सका । फिर गुदा मैथुन करने की एक आदत हो गई, सामाजिक प्रथिष्टा के कारण इस समलैंगिकता की आदत से छुटकारा पाना चाहा । प्रयोज्य मे एक महीन की ऑनलाइन परामर्श लिया अब उसकी तबीयत ठीक है । अब लडकी, महिला अच्छी लगती है । अब पहले से अच्छा आत्म विश्वास है । अब समलैंगिक संबंध बनाने की इच्छा नहीं होती । प्रयोज्य से पूछा की सामाजिक संदेश क्या देना चाहेंगे तो बताया की "बाल यौन शोषण के कारण समलैंगिकता की आदत होती है, इस आदत को मनोवैज्ञानिक परामर्श से आसानी से छोड़ा जा सकता है । 

सामाजिक संदेश - जो भी अभिभावक अपने बच्चो को बाहर हॉस्टल मे पढ़ने भेजते तो अपने बच्चो के संपर्क मे लगातार रहना चाहिए । उनके चेहरे के हावभाव को अवश्य देखना चाहिए और बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाइन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 

शुक्रवार, 21 जनवरी 2022

कैसे 14 -15 वर्ष की आयु मे उभयलिंगी बना ?

प्रयोज्य को परामर्श की दिनांक - 09 / 08 / 2021 

प्रयोज्य का नाम - गोपनियता के कारण 471221 

प्रयोज्य की आयु - 29 वर्ष 

प्रयोज्य का व्यवसाय  - निजी स्कूल मे अध्यापक 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - शादी शुदा 

प्रयोज्य की समस्या - समलैंगिक आकर्षण 

निदान - प्रयोज्य ने शादी जनवरी 2021 मे कर ली थी, प्रयोज्य अपनी पत्नी की बजाय समलैंगिक के गुदा मैथुन करने की इच्छा रहती थी । शादी के पाँच दिन बाद पत्नी ने अपने परिवार से अलग रहने को बाध्य किया था, पर प्रयोज्य भाई के परिवार के साथ ही रहना चाहता था । प्रयोज्य ने 14-15 साल की आयु मे पहली बार गुदा मैथुन किया फिर लगातार 15 लड़को के गुदा मैथुन किया ये एक आदत हो चुकी थी, पर कभी गुदा मैथुन करवाया नहीं । जवान लड़को को देख कर आकर्षण आता है। इसलिए चिंता, डर और भय हमेशा रहता है । एक महिला मित्र के अलावा दूसरी लड़कियो के साथ संभोग किया था, परंतु पत्नी के साथ संभोग तो होता पर मन नहीं करता, क्योकि संतोष और खुशी नहीं मिलती । विग्रा टेबलेट खाई पर कोई लाभ नहीं मिला, दवा दो महिना मे कभी कभी खाया, सुबह सिर दर्द होता था । अश्लील फिल्म देखें से लिंग मे उत्तेजना आती है । 14 वर्ष की आयु मे दोस्त की अश्लील पुस्तक देख कर हस्त मैथुन करना सीखा । समाज मे आना जाना नहीं होता, शर्म आती है । मन मे लगातार ये विचार आते की की कई कोई मेरे बारे मे बोल तो नही दे, लोग मेरे बारे मे ही विचार करते होंगे । 24 / 08 / 21 को पत्नी के पिता का परिवार [ पीहर ] से सूचना आई की पति पत्नी को संतुष्ट नहीं करता इसलिए प्रयोज्य का मर्दाना टेस्ट करना है । 02 / 09 / 21 पत्नी के पिता ने कहा हिंझड़ा [ transgender ]  से शादी कराई, अब इसके पोस्टर लगेंगे, इस बात से अधिक तनाव आया । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य को  पहले से मानसिक तनाव अधिक था, प्रयोज्य उभयलिंग था, परंतु शादी के पाँच दिन बाद ही अपने भाई के परिवार अलग होने को पत्नी बाध्य कर रही थी, भाई ने ही प्रयोज्य का पालन पोषण किया तो कैसे इतना जल्दी अपने परिवार से कैसे अलग हो जाए, प्रयोज्य गुदा मैथुन के साथ यौनि मैथुन आराम से कर लेता था, केवल असफल पत्नी के साथ रहा जिसक मूल कारण तनाव का होना, कोई भी स्वस्थ व्यक्ति भी तनाव के कारण संभोग नहीं कर सकता ।  पत्नी के साथ पत्नी के पिता भी मानसिक तनाव पैदा करने मे सहायक हुए । इधर परामर्श के समय पत्नी के पीहर पक्ष ने आधुनिक चिकित्सा के पैथोलोजी जांच कराने का समाचार दिया उससे बहुत तनाव मे आ गया । प्रयोज्य को आश्वासन दिया आप मर्द हो चिंता क्यो करते हो, प्रयोज्य चिंता करता मुझ से बात करता, फिर लेब ले बाहर मुझे से लगातार संपर्क मे था, मैने कहा चिंता मत कर पूर्ण मर्द हो सब सकारात्मक रिपोर्ट आएगी फिर लेब मे पहुंचा तो फोन पर वार्तालाप से चिंता बता रहा था, पर जब दो दिन लगातार सब जाँचे हो गई और फिर दो दिन बाद रिपोर्ट आई सब उसमे सकारात्मक था, फिर भी मैने बोला अपने स्थानीय चिकित्सक को बताओ, उन्होने स्थानीय चिकित्सक को रिपोर्ट सकारात्मक बताया तो संतुष्टि मिली, अब रही उनके सामाजिक दोनों परिवार मे बाजी पलट चुकी थी, पत्नी के पीहर पक्ष अब माफी मांग रहे थे । प्रयोज्य के भाई ने अब ताव दे कर कहा, जब तक चिकित्सा रिपोर्ट नहीं आई थी तब तक तो मेरा भाई नामर्द था, एक चिकित्सा रिपोर्ट आने के बाद मर्द कैसे हो गया, मेरा भाई पहले भी मर्द था, बाद भी मर्द हम लड़की को तलाक देंगे ।  प्रयोज्य मुझे पूछा क्या करू आप बताए तो मैने बोला ये आपका पारिवारिक और सामाजिक मामला है । अपने बड़े भाई जो कहे वो करो । 

परामर्श पूर्ण होने पर प्रयोज्य की तबीयत ठीक होना बताया । 90 % gay अब अच्छे नहीं लगते । आत्मविश्वास बढ़िया हुआ, समाज मे अब जाने का मन करता है । उसने बताया की मन का वहां होने से दिमाग खराब होता है । समलैंगिक की आदत आसानी से छुड़ाया जा सकता है । प्रयोज्य के भाई का परिवार शहर मे बस गया था, सामाजिक रिश्तेदारी मे आने जाने कोई समय नहीं निकाल पाते थे । 

सामाजिक संदेश - अपने परिवार के बच्चो को समाज मे आना जाना रखना चाहिए, जिससे सामाजिक रीतिरिवाजों संस्कारो का ज्ञान हो सके । बच्चो को बाल यौन शोषण से पीड़ित लड़को को ये जो दिक्कते सामने आ रही है, इस अनुसंधान से ज्ञात ये ही होता की छोटे लड़को को अपने निजी अंगो को कोई दूसरा आदमी इसको नहीं छूए जैसे लिंग, यौनि, गुदा और होठ । जब कोई शरीर पर निजी अंगो को हाथ छूने की कोशिश इस प्रकार की चेष्टा करे तो उसका विरोध करना चाहिए और अपने माता पिता और अभिभावक को बताना चाहिए । 

ऑनलाईन परामर्श दाता 

वाट्स एप 091 98290 85951 


सोमवार, 17 जनवरी 2022

कैसे कक्षा 7-8 वी मे पढ़ता लड़का समलैंगिक बना ?

प्रयोज्य के परामर्श की दिनांक - 29 / 05 / 21 [ अपडेट 16 / 01 / 22 फोन से ] 

प्रयोज्य का नाम - गोपनीय रखने के कारण 430821 

प्रयोज्य की आयु - 28 वर्ष 

प्रयोज्य की शिक्षा - BA - LLB प्रथम वर्ष [ अपडेट के समय दूसरा वर्ष ] 

प्रयोज्य की वैवाहिक स्थिति - कुवारा 

प्रयोज्य की समस्या - सक्रिय समलैंगिक समस्या 

निदान - प्रयोज्य को समलैंगिक आकर्षण अधिक होता और लड़कियो मे कम आकर्षण होता है। समस्या तब हुई एक दिन एक मित्र ने बोला तुम गे है और लेता है, जब की प्रयोज्य सक्रिय समलैंगिक था [ रोमांटिक रिश्ते में वे साथी पर हावी होते हैं और एक आदमी की भूमिका निभाते हैं ] । समलैंगिकता की आदत कक्षा 8 मे पढ़ता था उस समय उसकी आयु 13 वर्ष थी तब उसके साथी लड़को के साथ आपस मे लिंग पकड़ने की आदत शुरू हुई, फिर अपने साथी लड़के के साथ गुदा मैथुन किया था । फिर ये आदत लग गई थी और निरंतर 25 लोगो के संपर्क मे सक्रिय समलैंगिक संबंध बनाए अर्थात गुदा मैथुन करने की आदत बन गई थी । अब समाज मे आने जाने पर चिंता, तनाव और डर लगता था । एकांत मे रहने के विचार आते थे और हर समय लड़को का ही विचार आते थे । जब कक्षा 10 मे पढ़ता था तो पड़ोसी चाचा के गुदा मैथुन किया था, फिर एक आदत हो चुकी थी और समलैंगिक निष्क्रिय चाचा को गुदा मैथुन कराने की जो एक लत थी, ये रोमांस बहुत साल चाचा के साथ चला। एक प्रयोज्य से दो साल बड़ा 17 के लड़के के घर जाकर बार बार उसके गुदा मैथुन किया । कक्षा 8-9 से हस्त मैथुन करने की भी आदत हो चुकी थी, रोज एक बार हस्त मैथुन करने की आदत लग चुकी थी । एक दोस्त कभी कभी प्रयोज्य के घर आ जाता बाहर कमरे मे समलैंगिक संबंध हो जाते थे । जब चिंता तनाव होने लगा तो 2018 से हस्त मैथुन बंद किया, पर गुदा मैथुन करना सक्रिय था।  पहले 7 दिन का परामर्श लिया तब ऐसा लगा की ये आदत नहीं छूटेगी और लड़को के संपर्क मे निरंतर रहा । 

निष्कर्ष - प्रयोज्य कामुक प्रवृति का था और सक्रिय समलैंगिक था। अर्थात वीर्य उत्पन की प्रचुरता थी । प्रयोज्य को जब निष्क्रिय समलैंगिक मिल जाते तो हस्त मैथुन नहीं करता । प्रयोज्य की तबीयत अब ठीक है, अब लड़कियो मे आकर्षण होता है , प्रयोज्य को एक लड़की शादी के लिए उसका फ़ोटो आया तो मुझे भी बताया पर मेरी राय देना उच्छित नहीं समझा, क्योकि ये पारिवारिक मामला था, फिर दूसरी लड़की की शादी के लिए प्रस्तावित फ़ोटो आया तो मुझे बताया की वो लड़की 8 साल प्रयोज्य से छोटी थी, प्रयोज्य दोनों बार मेरी राय लेना चाहता था, मै सामाजिक और पारिवारिक सदस्य नहीं था, इसलिए उसे बोला, अब बड़े हो खुद फ़ैसला करो और अपने परिवार की राय लो । दोनों लडकी सुंदर थी पर आखिरी फ़ैसला घर परिवार का ही उपयुक्त रहता है । समलैंगिक अब बुरे लगने लगे । बाकी सब ठीक है पर घबराहट की बात बोला था जो एक अतार्किक था, क्योकि पहले कुछ दोस्तो ने ताना मारा दिया था, पर अब ठीक है । प्रयोज्य अपनी वकालत की पढ़ाई मे ध्यान दे रहा है, परिवार वो कोई वाद विवाद होता वो सब अब समान्य हो चुका है । प्रयोज्य के पिता मे दुबारा शादी कर ली थी, प्रयोज्य अपने दो बड़े भाई के साथ रहता था । 

सामाजिक संदेश - दो किशोर लड़को को एकांत मे कभी नहीं रहने देना चाहिए, अपने बच्चो को अपने समाज की जानकारी और परिवार के भूतपूर्व सदस्यो का ज्ञान कराना चाहिए, अगर समाज और परिवार का ज्ञान नहीं होगा तो लड़के का पारिवारिक, सामाजिक, और संस्कृतिक ज्ञान नहीं होने से शौषण हो सकता है, दूसरा अपने निजी अंगो की जानकारी देना जरूरी होता है, बच्चे के निजी अंग को कोई भी व्यक्ति हाथ नहीं लगाए, जैसे होठ, लिंग, यौनि, और गुदा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करे ।  

ऑनलाइन परामर्श दाता 

व्हाट्स एप 091 98290 85951 




बुधवार, 22 दिसंबर 2021

कैसे समलैंगिकता की आदत बनी और कैसे समलैंगिता की आदत से छुटकारा मिला ?

 मेरे पास ऑनलाइन परामर्श  संपर्क किया था, अब इसका लगभग 21 महीने बाद समलैंगिकता से विषम लैंगिक होने और पूर्ण ठीक होने के बाद, अब कोई दिक्कत नहीं होने का अपडेट लिखा जा रहा है ।   

लड़के का गोपनीय नाम 163 रखा गया है । 

दिनांक 18 / 05 / 20 को एक लड़का इसने बताया की शादी करने की इच्छा नहीं होती, समलैंगिक आकर्षण होता है । 

 समस्या = समलैंगिकता से गुदा मैथुन करवाने की एक बाध्यकारी लत पड़ गई थी । जिसके कारण चिंता और डर हमेशा हमेशा लगा रहता था । 

मेरे पास ऑनलाइन परामर्श के लिए संपर्क किया था, उस समय 18/05/20 को पुछे जाने पर ये बताया की 8 / 10 वर्ष की आयु मे उसके चाचा का लड़का जिसकी आयु 15 वर्ष थी, चचेरे भाई ने एक रोज रात्री मे वीडियो दिखाया फिर गुदा मैथुन करने का आग्रह किया उस समय नासमझ होने से इंकार नहीं कर सका और गुदा मैथुन करवाया  । भाई पुरुष के रूप मे ये लड़का स्त्री रूप मे आपसी समलैंगिक मैथुन कराते थे । ये प्रयोज्य हमेशा निष्क्रिय रहता और उसका भाई सक्रिय गुदा मैथुन करता था । कभी कभार ये सिलसिला 8 / 10 वर्ष चला । 

उसके भाई की शादी हो गई तो भाई ने समलैंगिकता का संबंध छोड़ दिया तो अब उसकी याद बहुत आती थी । भाई की शादी हुए साल भर हो गया, अब कोई भी लड़का दिखता तो गुदा मैथुन कराने की ईच्छा होती थी । फिर दूसरे लड़के से संपर्क हुआ और लगभग 10 बार समलैंगिकता संबंध बनाए । गुदा मैथुन कराने का कोई शुल्क भी नहीं लेता । ये बाध्यकारी लत लग चुकी थी, इससे छुटकारा पाना चाहता था, इसलिए ऑनलाइन परामर्श ढूंढा और मुझ तक पहुंचा। 

 ईलाज से ठीक होने लगा तो इसके छोटे दादाजी ने कहा था की "ये मुरझाया फूल कैसे खिल गया" ? 

प्रयोज्य 21 माह से पूर्ण ठीक है, इसने अपना व्यवसाय शुरू कर दिया है, अब महिलाए, लड़कियां अच्छी लगती है, अब शादी करने का मन करता है और शादी अब जरूर करेगा ।

अब समलैंगिकता की लत छुट चुकी है ये लड़का अपना व्यवसाय को विस्तार दे चुका है । 

निष्कर्ष - लड़को के साथ बाल यौन शौषण  होने पर गुदा मैथुन कराने की एक बाध्यकारी जुनून की लत लग जाती है, कुछ व्यक्ति आत्मबल अच्छा होने से उभयलिंगी बन जाते है । कुछ सामाजिक मान मर्यादा के कारण अपना उपचार ढूंढते उनको उपचार मिल जाते, जिनको उपचार नहीं मिलता उनकी मुझे जानकारी नहीं है । कुछ लोगो ने भ्रम फैला रखा है की समलैंगिकता कोई बीमारी नहीं, जबकि बाल यौन शौषण  के बाद का अनुसंधान किसी के पास नहीं है ।